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नहीं हो सकी चर्चित मामले की सुनवाई

Sat, 23 Feb 2013 05:30 AM IST
Hathras
Hathras Updated Sat, 23 Feb 2013 05:30 AM IST
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हाथरस। बहुचर्चित शिक्षिका अपहरण और रेप कांड में शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब न्यायालय ने इसकी सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तिथि नियत की है। सांसद सारिका सिंह के पति देवेंद्र सिंह इस मामले में आरोपी हैं। देवेंद्र ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने उनके खिलाफ झूठा आरोप लगवाया है, जबकि रामवीर का कहना है कि पूरे मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। समूचा प्रकरण आपसी झगड़े का है।
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उल्लेखनीय है कि हसायन क्षेत्र के गांव नगला रति के प्राथमिक विद्यालय की एक शिक्षिका का डेढ़ साल पहले अपहरण कर लिया गया था। शिक्षिका के पति बीडी बघेल ने यह आरोप लगाया था कि क्षेत्रीय सांसद सारिका सिंह के पति देवेंद्र सिंह उसकी पत्नी का अपहरण कर ले गया है। उसने इसकी रिपोर्ट भी सांसद के पति के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिक्षिका को बरामद कर लिया था। पहले तो शिक्षिका ने अपनी मर्जी से जाने की बात कही थी, लेकिन उसके बाद उसने न्यायालय में शपथ पत्र देकर सांसद पति देवेंद्र सिंह पर अपहरण करने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं शिक्षिका ने यह भी कहा था कि देवेंद्र सिंह लंबे समय से उसका यौन शौषण करता रहा है और उससे उसके एक बच्चा भी है।
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काफी समय तक सांसद पति इस मामले में फरार रहा था। बाद में उसने कोर्ट में समर्पण किया था। तदुपरांत हाईकोर्ट से सांसद पति की इस मामले में जमानत हुई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद सांसद पति के खिलाफ अपहरण और बलात्कार का आरोप लगाते हुए न्यायालय में धारा 364, 376, 506 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था। इस चर्चित मामले की सुनवाई यहां अपर जिला न्यायालय प्रथम के न्यायालय में हो रही है। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी, लेकिन अब न्यायालय ने इसके लिए 28 फरवरी की तिथि नियत की है।
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इससे पहले बुधवार को सांसद पति देवेंद्र ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखा था। सांसद पति देवेंद्र सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए यह कहा था कि उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। उसको फंसाने के उद्देश्य से राजनीतिक विरोधी तत्कालीन ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर यह आरोप पत्र प्रस्तुत कराया गया है। इधर, सांसद पति के इस आरोप पर पूर्र्व ऊर्र्र्र्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने कहा है कि उनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। देेेवेंद्र कभी उनका राजनीतिक विरोधी नहीं रहा। देेेेवेेंद्र ने उन पर जो आरोप लगाए हैं, वह बेेहद अफसोस की बात है। उनका यह भी कहना है कि उक्त शिक्षिका और उसका पति कभी इस मामले में उनसे मिले भी नहीं है। यह उन लोगों का आपस का झगड़ा है।
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