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एसपी का तबादलता रुका,खुशी कहीं गम
Hathras
Updated Wed, 13 Feb 2013 05:30 AM IST
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हाथरस। तीन दिन की कश्मकश के बाद आखिरकार एसपी हैप्पी गुप्तन का तबादला रुक गया। एसपी के तबादले में भी सत्ताधारी पार्टी की रस्साकसी सामने आई। एक गुट ने फिर दूसरे गुट को मात दे दी। एसपी का तबादला रुकने से फिलहाल कुछ सत्ताधारी नेताओं के अरमानों पर पानी फिर गया है। वहीं दूसरा गुट खुश है।
शासन ने पुलिस अधीक्षक हैप्पी गुप्तन का तबादला तीन दिन पहले कर दिया था। उनके स्थान पर कुशीनगर के एसपी वीके गर्ग को यहां का नया एसपी बनाया गया था। हैप्पी गुप्तन ने तबादले के बाद ही चार्ज छोड़ दिया था। उन्हें डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। सत्ताधारी पार्टी का एक गुट एसपी के तबादले के लिए काफी समय से जोर लगा रहा था और इस गुट ने शिकायतें व तर्क पार्टी आलाकमान व उच्च अधिकारियों के सामने रखे थे। वहीं पार्टी के ही एक राष्ट्रीय स्तर के नेता की अगुवाई वाला दूसरा गुट नहीं चाहता था कि एसपी का यहां से तबादला हो। जैसे ही इस गुट को एसपी के यहां से तबादले की सूचना मिली, वैसे ही यह गुट सक्रिय हो गया। सूत्रों की माने तो राष्ट्रीय नेता ने पार्टी के मुखिया व अन्य नेताओं से बात की। सत्ताधारी पार्टी में खासे प्रभावशाली इस नेता की पहल रंग लाई। इसका नतीजा यह हुआ कि मंगलवार की शाम को यह एसपी का तबादला रुकने का आदेश आ गया। एसपी का तबादला रुकवाकर फिर सत्ताधारी पार्टी के एक गुट ने यह साबित कर दिया है कि उसकी न केवल पार्टी पर पकड़ है, बल्कि शासन पर भी पूरी पकड़ है।
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शासन ने पुलिस अधीक्षक हैप्पी गुप्तन का तबादला तीन दिन पहले कर दिया था। उनके स्थान पर कुशीनगर के एसपी वीके गर्ग को यहां का नया एसपी बनाया गया था। हैप्पी गुप्तन ने तबादले के बाद ही चार्ज छोड़ दिया था। उन्हें डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। सत्ताधारी पार्टी का एक गुट एसपी के तबादले के लिए काफी समय से जोर लगा रहा था और इस गुट ने शिकायतें व तर्क पार्टी आलाकमान व उच्च अधिकारियों के सामने रखे थे। वहीं पार्टी के ही एक राष्ट्रीय स्तर के नेता की अगुवाई वाला दूसरा गुट नहीं चाहता था कि एसपी का यहां से तबादला हो। जैसे ही इस गुट को एसपी के यहां से तबादले की सूचना मिली, वैसे ही यह गुट सक्रिय हो गया। सूत्रों की माने तो राष्ट्रीय नेता ने पार्टी के मुखिया व अन्य नेताओं से बात की। सत्ताधारी पार्टी में खासे प्रभावशाली इस नेता की पहल रंग लाई। इसका नतीजा यह हुआ कि मंगलवार की शाम को यह एसपी का तबादला रुकने का आदेश आ गया। एसपी का तबादला रुकवाकर फिर सत्ताधारी पार्टी के एक गुट ने यह साबित कर दिया है कि उसकी न केवल पार्टी पर पकड़ है, बल्कि शासन पर भी पूरी पकड़ है।
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