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जल्द खुलेगा 16 बिजलीघर बनने का रास्ता
Hathras
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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हाथरस। बसपा शासनकाल में जिले के लिए मंजूर हुए 33 केवी के 16 बिजलीघरों के बनने का रास्ता अब खुल जाएगा। सत्ता परिवर्तन के बाद से करोड़ों रुपये के यह प्रोजेक्ट बजट की कमी और जगह न मिलने की वजह से लटक गए हैं। अगर यह बिजलीघर बन जाते तो ग्रामीण इलाकों की बिजली और बेहतर हो सकती थी। अब यूपीपीसीएल ने इन अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (आरजीजीवीवाई) का सहारा लिया है। इन सभी अधूरे और प्रस्तावित बिजलीघरों को यूपीपीसीएल ने आरजीजीवीवाई में शामिल कर लिया है और इनके लिए बजट का प्रस्ताव भारत सरकार को भिजवा दिया है। पूरी उम्मीद है कि इस साल के अंत तक भारत सरकार से जिले में बिजली सिस्टम के लिए बेहद अहम इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी, लेकिन अफसोस यह भी है कि यूपीपीसीएल से पहले ही मंजूर हो इन चुके बिजलीघरों को पूरा होने के लिए अभी और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। तब तक यह प्रोजेक्ट अधर में ही लटके रहेंगे। बसपा शासन में जिले के लिए 33 केवी बिजलीघरों के करीब दो दर्जन प्रस्तावों को यूपीपीसीएल ने आंख मूंदकर मंजूरी दे दी थी। इन सभी प्रोजेक्ट के लिए पैसा भी जारी कर दिया गया। इनमें से कुछ बिजलीघरों पर तो विधानसभा चुनाव से पहले ही काम शुरू हो गया, जबकि कुछ का काम शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ पाया। अब चूंकि यूपीपीसीएल की इनर्जी टास्क फोर्स से यह प्रोजेक्ट मंजूर हो चुके हैं, इसलिए इन पर काम शुरू कराना यूपीपीसीएल की मजबूरी है। सबसे बड़ी समस्या बजट की थी। शासन से अब हाथरस में पेंडिंग पड़े प्रोजेक्ट के लिए कोई बजट नहीं मिल पा रहा है। लिहाजा इन प्रोजेक्ट पर स्वीकृति से काम शुरू होने तक खर्च हो चुके लाखों रुपयों की बर्बादी को बचाने के लिए अब इन्हें आरजीजीवाई से पैसा दिलाने की प्लानिंग की गई है। यूपीपीसीएल की यह प्लानिंग कब तक कामयाब हो पाएगी। यह देखने वाली बात होगी। विधानसभा चुनाव से पहले जो बिजलीघर अधूरे रह गए थे या जिन पर काम शुरू नहीं हो पाया था, उनमें सादाबाद के ऊघई, रसमई, पोरा, बिलखौरा खुर्द, बरई शाहपुर, भिसी मिर्जापुर, वाजीदपुर, हुसैनपुर, टीकरी कलां, धुबई, बसई, बघराया, मंडी समिति हाथरस शामिल हैं। हालांकि नवीपुर महेबा, सलेमपुर औद्योगिक और मंडी समिति हाथरस के नवनिर्मित सब स्टेशन लगभग पूरे होने के कगार पर हैं। नवीपुर और सलेमपुर के बिजलीघरों की टेस्ट़िग भी कराई जा चुकी है। इन्हें किसी भी समय चालू किया जा सकता है।
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