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97 किसानों के लिए मांगा एक अरब मुआवजा
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2016 12:14 AM IST
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हाथरस। जिला न्यायालय हाथरस के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी पूर्ण कर ली गई हैं। डीएम ने इसके लिए 19.390 हेक्टेयर भूमि को अधिग्रहण करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे की धनराशि 1,00,31,60,725 रुपये शासन से मांगी गई हैं। इस काम के लिए 97 किसानों को अपनी भूमि छोड़नी पडे़गी। इनमें से अधिकांश से डीएम ने सहमति भी ले ली है।
जिला बनने के 18 वर्ष बीत जाने के बावजूद अभी तक जिला न्यायालय के लिए भवन का निर्माण नहीं हो पाया है, जबकि लगातार उच्च न्यायालय से जिलाधिकारी को भूमि का अधिग्रहण कराने के लिए प्रयास करने को कहा जा रहा था। जिला न्यायालय भवन के इस महत्वपूर्ण मुददे पर लगातार तत्कालीन डीएम शमीम अहमद द्वारा प्रयास किए जा रहे थे। उन्होंने मथुरा रोड पर कलेक्ट्रेट के निकट ही नगला गजुआ और गोपालपुर की भूमि पर दीवानी न्यायालय भवन निर्माण के लिए कृषकों से सहमति के आधार पर भूमि लेने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
डीएम ने प्रमुख सचिव राजस्व को निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण कर समझौते के आधार पर किसानों की भूमि क्रय करने की जानकारी दी है। उन्होंने इस भूमि का किसानों को निर्धारित सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया है। इसके लिए 98,70,93,980 रुपया मुआवजा दिया जाएगा, जबकि इस भूमि पर स्थिति परिसंपत्तियों के लिए मुआवजे का आंकलन करते हुए 1,60,66,745 रुपये किया गया है। इस प्रकार कुल 1,00,31,60,725 रुपये किसानों को दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
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जिला बनने के 18 वर्ष बीत जाने के बावजूद अभी तक जिला न्यायालय के लिए भवन का निर्माण नहीं हो पाया है, जबकि लगातार उच्च न्यायालय से जिलाधिकारी को भूमि का अधिग्रहण कराने के लिए प्रयास करने को कहा जा रहा था। जिला न्यायालय भवन के इस महत्वपूर्ण मुददे पर लगातार तत्कालीन डीएम शमीम अहमद द्वारा प्रयास किए जा रहे थे। उन्होंने मथुरा रोड पर कलेक्ट्रेट के निकट ही नगला गजुआ और गोपालपुर की भूमि पर दीवानी न्यायालय भवन निर्माण के लिए कृषकों से सहमति के आधार पर भूमि लेने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
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डीएम ने प्रमुख सचिव राजस्व को निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण कर समझौते के आधार पर किसानों की भूमि क्रय करने की जानकारी दी है। उन्होंने इस भूमि का किसानों को निर्धारित सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया है। इसके लिए 98,70,93,980 रुपया मुआवजा दिया जाएगा, जबकि इस भूमि पर स्थिति परिसंपत्तियों के लिए मुआवजे का आंकलन करते हुए 1,60,66,745 रुपये किया गया है। इस प्रकार कुल 1,00,31,60,725 रुपये किसानों को दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
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