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व्यापारी नेताओं ने सीएम को भेजी शिकायत
Updated Wed, 25 Jul 2018 01:13 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
दी हाथरस मर्चेंट्स चेंबर के अध्यक्ष विष्णु कुमार पचौरी व सचिव प्रदीप कुमार गोयल ने सीएम को एक शिकायत भेजी है। इसमें कृषि उत्पादन मंडी समिति परिषद द्वारा प्रदेश के बाहर से आने वाले दलहन पर लागू मंडी शुल्क समाप्त करने की मांग की गई है।
शिकायत में मर्चेंट चैंबर के पदाधिकारियों ने कहा है कि प्रदेश में बाहर से प्रसंस्करण के लिए आने वाली दलहन से दो प्रतिशत मंडी शुल्क एवं आधा प्रतिशत सेस कुल ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क वसूला जा रहा है। इस शुल्क के कारण हाथरस का दाल उद्योग ठप हो गया है।
जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश में कच्चे माल के रूप में दाल का उपयोग करने वाले खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों ने भी दाल मिलों से अपनी आपूर्ति बंद कर दी है। क्योंकि अन्य प्रांतों में मंडी शुल्क न होने के कारण वहां की दालें सस्ती मिल रही हैं।
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दी हाथरस मर्चेंट्स चेंबर के अध्यक्ष विष्णु कुमार पचौरी व सचिव प्रदीप कुमार गोयल ने सीएम को एक शिकायत भेजी है। इसमें कृषि उत्पादन मंडी समिति परिषद द्वारा प्रदेश के बाहर से आने वाले दलहन पर लागू मंडी शुल्क समाप्त करने की मांग की गई है।
शिकायत में मर्चेंट चैंबर के पदाधिकारियों ने कहा है कि प्रदेश में बाहर से प्रसंस्करण के लिए आने वाली दलहन से दो प्रतिशत मंडी शुल्क एवं आधा प्रतिशत सेस कुल ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क वसूला जा रहा है। इस शुल्क के कारण हाथरस का दाल उद्योग ठप हो गया है।
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जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश में कच्चे माल के रूप में दाल का उपयोग करने वाले खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों ने भी दाल मिलों से अपनी आपूर्ति बंद कर दी है। क्योंकि अन्य प्रांतों में मंडी शुल्क न होने के कारण वहां की दालें सस्ती मिल रही हैं।
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