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Hathras News: खून की कमी से जूझ रहीं 58.2 फीसदी महिलाएं
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पोषक तत्वों के अभाव में जिले की 58.2 फीसदी महिलाएं एनीमिया का शिकार हैं। यह बात राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 की रिपोर्ट में उजागर हुई है। गर्भावस्था में एनिमिया जानलेवा तक साबित हो सकता है।
रक्त में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लीबिन नहीं होता है तो इस स्थिति को एनिमिया कहा जाता है। हीमोग्लोबिन रक्त की कोशिकाओं के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति करने में सहायक होता है। अगर मनुष्य के शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं कम हों या हीमोग्लोबिन कम या असामान्य हो तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। शरीर में आयरन की कमी को प्रमुख रूप से एनीमिया का कारण माना जाता है। सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाए जा रहे तमाम कार्यक्रमों के बावजूद एनिमिया बढ़ रहा है।
एनिमिया के लक्षण
त्वचा का पीला होना, थकान महसूस होना, सिर में दर्द, चक्कर आना।
बचाव के उपाय-
-खाने में पोषक तत्वों को शामिल करें।
-जंक फूड खाने से बचें।
-हरी सब्जियों का सेवन करें।
-पालक और मोटे अनाज को खाने में शामिल करें।
-परेशानी होने पर योग्य चिकित्सक का परामर्श लें।
रिपोर्ट एक नजर में-
एनएफएसएच -4 की रिपोर्ट में 19 से 49 वर्ष की महिलाओं में 39.2 फीसदी एनिमिया का शिकार थीं। संस्था की पांचवीं रिपोर्ट में यह आंकड़ा बढ़कर 58.2 फीसदी हो गया। एनएफएसएच 4 की रिपोर्ट में 15 से 19 वर्ष तक की लड़कियों में 32.6 फसदी महिलाएं एनिमिया का शिकार थीं। एनएफएसएच-5 में यह आंकड़ा बढ़कर 60.9 फीसदी हो गया।
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वर्जन-
पोषक तत्वों का कम सेवन करना व साफ-सफाई का समुचित ध्यान न रखना एनिमिया का कारण है। इन बातों का ध्यान न रखने से एनिमिया बढ़ता है। एनिमिया से बचने के लिए पोषक आहार लेना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- डॉ० सूर्यप्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल हाथरस।
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रक्त में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लीबिन नहीं होता है तो इस स्थिति को एनिमिया कहा जाता है। हीमोग्लोबिन रक्त की कोशिकाओं के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति करने में सहायक होता है। अगर मनुष्य के शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं कम हों या हीमोग्लोबिन कम या असामान्य हो तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। शरीर में आयरन की कमी को प्रमुख रूप से एनीमिया का कारण माना जाता है। सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाए जा रहे तमाम कार्यक्रमों के बावजूद एनिमिया बढ़ रहा है।
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एनिमिया के लक्षण
त्वचा का पीला होना, थकान महसूस होना, सिर में दर्द, चक्कर आना।
बचाव के उपाय-
-खाने में पोषक तत्वों को शामिल करें।
-जंक फूड खाने से बचें।
-हरी सब्जियों का सेवन करें।
-पालक और मोटे अनाज को खाने में शामिल करें।
-परेशानी होने पर योग्य चिकित्सक का परामर्श लें।
रिपोर्ट एक नजर में-
एनएफएसएच -4 की रिपोर्ट में 19 से 49 वर्ष की महिलाओं में 39.2 फीसदी एनिमिया का शिकार थीं। संस्था की पांचवीं रिपोर्ट में यह आंकड़ा बढ़कर 58.2 फीसदी हो गया। एनएफएसएच 4 की रिपोर्ट में 15 से 19 वर्ष तक की लड़कियों में 32.6 फसदी महिलाएं एनिमिया का शिकार थीं। एनएफएसएच-5 में यह आंकड़ा बढ़कर 60.9 फीसदी हो गया।
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वर्जन-
पोषक तत्वों का कम सेवन करना व साफ-सफाई का समुचित ध्यान न रखना एनिमिया का कारण है। इन बातों का ध्यान न रखने से एनिमिया बढ़ता है। एनिमिया से बचने के लिए पोषक आहार लेना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- डॉ० सूर्यप्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल हाथरस।