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मंदिर श्री दाऊजी महाराज की सेवा को लेकर खड़ा हुआ विवाद
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:59 PM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
किला स्थित दाऊजी मंदिर में सेवा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक पक्ष के यतेश चंद्र चतुर्वेदी, सुरेश चंद्र चतुर्वेदी, दिनेश चंद्र चतुर्वेदी और प्रवेश चंद्र चतुर्वेदी मंदिर में सेवा करने को लेकर मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गए।
धरने पर बैठे पुजारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि उनके परिवार में श्री दाऊजी महाराज मंदिर की सेवा अपनी अपनी बारी के आधार पर चक्र अनुक्रम से एक-एक वर्ष के लिए आती है। यह सेवा श्रावण मास कृष्ण पक्ष प्रथमा से शुरू होकर आषाढ़ शुल्क पूर्णिमा तक रहती है। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि उनके द्वारा वर्ष 2012 में मंदिर में सेवा पूजा की गई थी।
अब 6 वर्ष बाद फिर उनका सेवा का समय आया है। जब वह यहां आए तो पता चला कि उनके ही परिवार के दूसरे लोग नियम विरुद्ध सेवा हासिल करना चाहते हैं। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि छह वर्ष पूजा व मेला के चढ़ावा से मिलने वाली आय ही उनके परिवार की जीविका का सहारा है। इसलिए उन्हें दाऊजी महाराज व रेवती मैया की सेवा करने दी जाए।
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इस मामले को लेकर मेरे पास एक पक्ष आया था। मेरे द्वारा उन्हें उपजिलाधिकारी सदर के पास भेज दिया गया है। एसडीएम सदर को मामले की जानकारी करके मामले को सुलझाने के निर्देश दे दिए गए है।
डॉ. रमा शंकर मौर्य, जिलाधिकारी
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किला स्थित दाऊजी मंदिर में सेवा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक पक्ष के यतेश चंद्र चतुर्वेदी, सुरेश चंद्र चतुर्वेदी, दिनेश चंद्र चतुर्वेदी और प्रवेश चंद्र चतुर्वेदी मंदिर में सेवा करने को लेकर मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गए।
धरने पर बैठे पुजारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि उनके परिवार में श्री दाऊजी महाराज मंदिर की सेवा अपनी अपनी बारी के आधार पर चक्र अनुक्रम से एक-एक वर्ष के लिए आती है। यह सेवा श्रावण मास कृष्ण पक्ष प्रथमा से शुरू होकर आषाढ़ शुल्क पूर्णिमा तक रहती है। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि उनके द्वारा वर्ष 2012 में मंदिर में सेवा पूजा की गई थी।
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अब 6 वर्ष बाद फिर उनका सेवा का समय आया है। जब वह यहां आए तो पता चला कि उनके ही परिवार के दूसरे लोग नियम विरुद्ध सेवा हासिल करना चाहते हैं। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि छह वर्ष पूजा व मेला के चढ़ावा से मिलने वाली आय ही उनके परिवार की जीविका का सहारा है। इसलिए उन्हें दाऊजी महाराज व रेवती मैया की सेवा करने दी जाए।
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इस मामले को लेकर मेरे पास एक पक्ष आया था। मेरे द्वारा उन्हें उपजिलाधिकारी सदर के पास भेज दिया गया है। एसडीएम सदर को मामले की जानकारी करके मामले को सुलझाने के निर्देश दे दिए गए है।
डॉ. रमा शंकर मौर्य, जिलाधिकारी