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आखिरी कुश्ती में योगेश को चित कर हरिओम जीते
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
मेला श्री दाऊजी महाराज के पंडाल में चल रहे अखिल भारतीय कुश्ती दंगल के तीसरे दिन देश के नामी पहलवानों के बीच कुश्तियां हुईं। दंगल की आखिरी 81 हजार रुपये की कुश्ती हरिओम पहलवान त्रिवाया और योगेश पहलवान झज्जर हरियाणा के बीच हुई। कुश्ती मेें हरिओम पहलवान विजयी रहे। दूसरे नंबर की 51 हजार रुपये की कुश्ती कालू पहलवान अखाड़ा बद्री दिल्ली और रवि पहलवान रोहतक के बीच हुई, जो कि बराबरी पर छूटी।
तीसरे नंबर की बड़ी कुश्ती 31 हजार रुपये की रंगा पहलवान गोपाल आश्रम मथुरा व अमित पहलवान रोहतक के बीच हुई, जिसमें अमित पहलवान विजयी रहे। दंगल में दर्जनों छोटी कुश्तियां भी हुईं। दंगल में आए पंजाब प्रांत के भाजपा संगठन महामंत्री दिनेश व जिला प्रचारक उमेश का दंगल संयोजक हरीशंकर राना भूरा पहलवान, संरक्षक आशीष शर्मा, गौरव आर्य और संजय सक्सेना ने माल्यार्पण एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर जोशीला स्वागत किया।
दंगल की कॉमेंट्री विपुल सिंघानिया, विवेक गुप्ता, अनुज चौधरी, संजय सक्सेना, अतुल आंधीवाल एडवोकेट ने की। दंगल में अनुज चौधरी, गौरव आर्य, वासुदेव माहौर, मोहन पंडित, बंशी पंडित, प्रवक्ता प्रदीप गुप्ता, सौरभ वार्ष्णेय टिम्बर वाले, ब्लॉक प्रमुख हाथरस अमर सिंह पांडेय, मनोज आर्य, राजीव चौधरी, कैलाश कूलवाल, गोपाल उद्धव कृष्ण शर्मा, रामवीर सिंह भैया, प्रदीप शर्मा, राकेश शर्मा, सुमित शर्मा, धीरज जैन, मुवीन खां, गौरव सेकसरिया सहित काफी लोग मौजूद थे।
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अखाड़ा छोड़ भागा पहलवान, हंगामा
हाथरस। अखिल भारतीय कुश्ती दंगल की आखिरी 81 हजार रुपये की कुश्ती हरिओम पहलवान त्रिवाया और योगेश पहलवान झज्जर हरियाणा के बीच हुई। कुश्ती के दौरान एक पहलवान अखाड़ा छोड़ कर बार-बार मेड़ पर जा रहा था। इस पर दंगल कमेटी ने चेतावनी दे दी कि यदि फिर से पहलवान मेड़ पर गया तो उसे हारा घोषित कर दिया जाएगा। वह फिर भी चार-पांच बार अखाड़ा छोड़कर मेड़ पर गया, फिर भी प्रतिद्वंद्वी पहलवान को विजेता घोषित नहीं किया गया। इसे लेकर कई बार हंगामा हुआ। दंगल कमेटी के लोगों ने जैसे-तैसे समझा-बुझाकर पहलवानों को मनाया। उधर चामड़ गेट स्थित धर्मशाला में पहलवानों के लिए भोजन व्यवस्था नहीं होने को लेकर भी नाराजगी जताई गई।
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मेला श्री दाऊजी महाराज के पंडाल में चल रहे अखिल भारतीय कुश्ती दंगल के तीसरे दिन देश के नामी पहलवानों के बीच कुश्तियां हुईं। दंगल की आखिरी 81 हजार रुपये की कुश्ती हरिओम पहलवान त्रिवाया और योगेश पहलवान झज्जर हरियाणा के बीच हुई। कुश्ती मेें हरिओम पहलवान विजयी रहे। दूसरे नंबर की 51 हजार रुपये की कुश्ती कालू पहलवान अखाड़ा बद्री दिल्ली और रवि पहलवान रोहतक के बीच हुई, जो कि बराबरी पर छूटी।
तीसरे नंबर की बड़ी कुश्ती 31 हजार रुपये की रंगा पहलवान गोपाल आश्रम मथुरा व अमित पहलवान रोहतक के बीच हुई, जिसमें अमित पहलवान विजयी रहे। दंगल में दर्जनों छोटी कुश्तियां भी हुईं। दंगल में आए पंजाब प्रांत के भाजपा संगठन महामंत्री दिनेश व जिला प्रचारक उमेश का दंगल संयोजक हरीशंकर राना भूरा पहलवान, संरक्षक आशीष शर्मा, गौरव आर्य और संजय सक्सेना ने माल्यार्पण एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर जोशीला स्वागत किया।
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दंगल की कॉमेंट्री विपुल सिंघानिया, विवेक गुप्ता, अनुज चौधरी, संजय सक्सेना, अतुल आंधीवाल एडवोकेट ने की। दंगल में अनुज चौधरी, गौरव आर्य, वासुदेव माहौर, मोहन पंडित, बंशी पंडित, प्रवक्ता प्रदीप गुप्ता, सौरभ वार्ष्णेय टिम्बर वाले, ब्लॉक प्रमुख हाथरस अमर सिंह पांडेय, मनोज आर्य, राजीव चौधरी, कैलाश कूलवाल, गोपाल उद्धव कृष्ण शर्मा, रामवीर सिंह भैया, प्रदीप शर्मा, राकेश शर्मा, सुमित शर्मा, धीरज जैन, मुवीन खां, गौरव सेकसरिया सहित काफी लोग मौजूद थे।
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अखाड़ा छोड़ भागा पहलवान, हंगामा
हाथरस। अखिल भारतीय कुश्ती दंगल की आखिरी 81 हजार रुपये की कुश्ती हरिओम पहलवान त्रिवाया और योगेश पहलवान झज्जर हरियाणा के बीच हुई। कुश्ती के दौरान एक पहलवान अखाड़ा छोड़ कर बार-बार मेड़ पर जा रहा था। इस पर दंगल कमेटी ने चेतावनी दे दी कि यदि फिर से पहलवान मेड़ पर गया तो उसे हारा घोषित कर दिया जाएगा। वह फिर भी चार-पांच बार अखाड़ा छोड़कर मेड़ पर गया, फिर भी प्रतिद्वंद्वी पहलवान को विजेता घोषित नहीं किया गया। इसे लेकर कई बार हंगामा हुआ। दंगल कमेटी के लोगों ने जैसे-तैसे समझा-बुझाकर पहलवानों को मनाया। उधर चामड़ गेट स्थित धर्मशाला में पहलवानों के लिए भोजन व्यवस्था नहीं होने को लेकर भी नाराजगी जताई गई।