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सेतु निगम भूला बीएसएनएल का एस्टीमेट, उपभोक्ता भुगत रहे खामियाजा
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:29 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। तालाब रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज के निर्माण से जहां एक ओर आम जनता खुश है। वहीं दूसरी ओर बीएसएनएल के उपभोक्ता परेशान हैं। यहां सेतु निगम के अधिकारियों को बीएसएनएल की ओर से निर्माण के दौरान होने वाले नुकसान का आकलन कर दो एस्टीमेट बनाकर दिए गए थे, लेकिन यह एस्टीमेट फाइलों में दबकर रह गए। इसका खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं।
बीएसएनएल की ओर से 29.71 लाख और 4.61 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर सेतु निगम को दिया गया था, ताकि निर्माण कार्य से पहले पूरी लाइन को शिफ्ट कर दिया जाए। सेतु निगम की ओर से धनराशि नहीं मिल पाने के कारण बीएसएनएल ने अपनी टेलीफोन लाइनें यहां से निर्माण से पहले शिफ्ट नहीं कीं। इसका खामियाजा इन दिनों टेलीफोन उपभोक्ता भुगत रहे हैं। रोजाना खुदाई के दौरान बीएसएनएल की केबलें कट रही हैं। इसके कारण प्राइवेट के साथ सरकारी कार्यालयों में भी इंटरनेट सेवा बाधित हो रही है।
बीएसएनएल के अधिकारियों की मानें तो सेतु निगम की ओर से पुल निर्माण से पहले उनसे नुकसान का एस्टीमेट मांगा गया था। विभाग की ओर सेतु निगम को लाइनों को शिफ्ट करने का एस्टीमेट बनाकर दिया गया था, लेकिन सेतु निगम की ओर से निर्माण शुरू होने के बाद भी एस्टीमेट की धनराशि विभाग को अदा नहीं की गई है। इस कारण लाइनों को शिफ्ट नहीं किया जा सका है। टेलीफोन लाइनों की शिफ्टिंग नहीं होने के कारण प्राइवेट और सरकारी कार्यालयों में इंटरनेट सेवा बाधित हो रही है। सरकारी कार्यालयों में इंटरनेट सेवा बाधित होने के कारण शासन स्तर पर जानकारी निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पा रही है। पिछले दिनों ही खुदाई के दौरान करीब 100 उपभोक्ताओं की लाइन कट गई थी। इसे सही करने के लिए पूरे दिन बीएसएनएल के अधिकारी लगे रहे थे। अब विभाग ने भी इस मामले में पत्राचार का मन बना लिया है।
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सेतु निगम द्वारा पुल का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले हमारे विभाग से लाइन शिफ्ट करने के लिए होने वाले खर्चे का एस्टीमेट मांगा गया था। हमारे द्वारा दो एस्टीमेट बनाकर दिए गए थे, लेकिन अभी तक निगम की ओर से कोई भुगतान नहीं किया गया है।
-अशोक कुमार, डीई, हाथरस
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बीएसएनएल की ओर से यदि एस्टीमेट दिया गया है तो इसकी जानकारी कराई जाएगी। जो भी शासनादेश में प्रावधान होगा, उस आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-वीरेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम
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हाथरस। तालाब रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज के निर्माण से जहां एक ओर आम जनता खुश है। वहीं दूसरी ओर बीएसएनएल के उपभोक्ता परेशान हैं। यहां सेतु निगम के अधिकारियों को बीएसएनएल की ओर से निर्माण के दौरान होने वाले नुकसान का आकलन कर दो एस्टीमेट बनाकर दिए गए थे, लेकिन यह एस्टीमेट फाइलों में दबकर रह गए। इसका खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं।
बीएसएनएल की ओर से 29.71 लाख और 4.61 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर सेतु निगम को दिया गया था, ताकि निर्माण कार्य से पहले पूरी लाइन को शिफ्ट कर दिया जाए। सेतु निगम की ओर से धनराशि नहीं मिल पाने के कारण बीएसएनएल ने अपनी टेलीफोन लाइनें यहां से निर्माण से पहले शिफ्ट नहीं कीं। इसका खामियाजा इन दिनों टेलीफोन उपभोक्ता भुगत रहे हैं। रोजाना खुदाई के दौरान बीएसएनएल की केबलें कट रही हैं। इसके कारण प्राइवेट के साथ सरकारी कार्यालयों में भी इंटरनेट सेवा बाधित हो रही है।
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बीएसएनएल के अधिकारियों की मानें तो सेतु निगम की ओर से पुल निर्माण से पहले उनसे नुकसान का एस्टीमेट मांगा गया था। विभाग की ओर सेतु निगम को लाइनों को शिफ्ट करने का एस्टीमेट बनाकर दिया गया था, लेकिन सेतु निगम की ओर से निर्माण शुरू होने के बाद भी एस्टीमेट की धनराशि विभाग को अदा नहीं की गई है। इस कारण लाइनों को शिफ्ट नहीं किया जा सका है। टेलीफोन लाइनों की शिफ्टिंग नहीं होने के कारण प्राइवेट और सरकारी कार्यालयों में इंटरनेट सेवा बाधित हो रही है। सरकारी कार्यालयों में इंटरनेट सेवा बाधित होने के कारण शासन स्तर पर जानकारी निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पा रही है। पिछले दिनों ही खुदाई के दौरान करीब 100 उपभोक्ताओं की लाइन कट गई थी। इसे सही करने के लिए पूरे दिन बीएसएनएल के अधिकारी लगे रहे थे। अब विभाग ने भी इस मामले में पत्राचार का मन बना लिया है।
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सेतु निगम द्वारा पुल का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले हमारे विभाग से लाइन शिफ्ट करने के लिए होने वाले खर्चे का एस्टीमेट मांगा गया था। हमारे द्वारा दो एस्टीमेट बनाकर दिए गए थे, लेकिन अभी तक निगम की ओर से कोई भुगतान नहीं किया गया है।
-अशोक कुमार, डीई, हाथरस
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बीएसएनएल की ओर से यदि एस्टीमेट दिया गया है तो इसकी जानकारी कराई जाएगी। जो भी शासनादेश में प्रावधान होगा, उस आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-वीरेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम