प्राण प्रतिष्ठा: 41 घरों में गूंजी किलकारी, इन परिवारों के लिए यादगार बनी 22 जनवरी की तारीख
हाथरस के सरकारी व निजी अस्पतालों में 22 जनवरी को 41 गर्भवती महिलाओं ने शिशुओं को जन्म दिया। इस दिन प्रसव कराने को लेकर इन महिलाओं के परिजन खासे उत्साहित थे। उनका कहना है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन घर में नए मेहमान के आने से उनके लिए यह दिन और खास हो गया है।
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22 जनवरी को अयोध्या में बने श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव 41 परिवारों के लिए यादगार बन गया। इन परिवारों में इस दिन शिशुओं का जन्म हुआ। इस खास मौके पर शिशुओं के जन्म से इन परिवारों में खुशी का माहौल रहा।
हाथरस के सरकारी व निजी अस्पतालों में 41 गर्भवती महिलाओं ने शिशुओं को जन्म दिया। इस दिन प्रसव कराने को लेकर इन महिलाओं के परिजन खासे उत्साहित थे। उनका कहना है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन घर में नए मेहमान के आने से उनके लिए यह दिन और खास हो गया है।
मेरी पुत्रवधू को प्रसव में काफी जटिलता थी। लग रहा था कि जच्चा-बच्चा को खतरा न हो जाए। इसके बावजूद भगवान श्रीराम की कृपा से सोमवार को उसका सामान्य प्रसव हो गया। उसने बेटे को जन्म दिया है। - सुखवंती, तीमारदार
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मेरी पत्नी ने सोमवार को बेटे को जन्म दिया है। भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के दिन बेटे का जन्म राम जी की ही देन है। यह दिन मेरे लिए ऐतिहासिक बन गया। - देवेंद्रपाल सिंह, तीमारदार