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हाथरस सत्संग हादसा : 3200 पेज की चार्जशीट में 11 लोगों को बनाया आरोपी और 676 गवाह, सुनवाई 4 अक्तूबर को

Wed, 02 Oct 2024 12:50 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Wed, 02 Oct 2024 12:50 AM IST
सार

इस हादसे के संबंध में दर्ज कराई गई एफआईआर में नारायण साकार हरि भोले बाबा उर्फ सूरजपाल का नाम नहीं था। चार्जशीट भी फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ ही दी गई है। जानकारी के अनुसार इसमें बाबा का नाम नहीं है।

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3200 page charge sheet filed in Hathras Satsang accident
हाथरस में सत्संग के दौरान हुआ था दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाथरस के सिकंदराराऊ में सत्संग में मची भगदड़ में हुई 121 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने 1 अक्टूबर को चार्ज शीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। 3200 पेज की इस चार्जशीट में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसका संज्ञान लेने और सुनवाई के लिए 4 अक्तूबर की तारीख नियत की गई है। 10 आरोपियों की न्यायालय में पेशी भी हुई।

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घटना के बाद पुलिस ने पुलिस मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी,मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह,संजू कुमार, राम प्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह को गिरफ्तार किया था। इनमें महिला मंजू देवी और मंजू यादव की हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत स्वीकृत हो चुकी है। इनमें जमानत का सत्यापन नहीं होने और आदेश कोर्ट में नहीं पहुंचने के कारण अभी वह रिहा नहीं हो पाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजीव कुमार त्रिपाठी के न्यायालय में 10 आरोपियों की शाम करीब 4:00 बजे पेशी हुई।

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इस तरह हुआ था हादसा

गत 2 जुलाई को सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में नारायण साकार हरि भोले बाबा उर्फ सूरजपाल के सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। उनका काफिला निकालने के लिए सेवादरों ने भीड़ को रोक दिया था, इस दौरान उनकी चरण रज लेने की होड़ में लोग गिरते गए। इस मामले में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
इस हादसे में मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर सहित अन्य सेवादारों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, प्राणघातक हमला करने, गंभीर चोट पहुचाने, लोगों को बंधक बनाने, निषेध्याज्ञा का उल्लंघन करने और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इन पर यह भी आरोप था कि सत्संग में 80 हजार लोगों के जुटने की शर्त का उल्लंघन कर ढाई लाख लोगों की भीड़ जुटाई। यातायात प्रबंधन में भी मदद नहीं की।


बाबा का नाम न एफआईआर में और न चार्जशीट में
इस हादसे के संबंध में दर्ज कराई गई एफआईआर में नारायण साकार हरि भोले बाबा उर्फ सूरजपाल का नाम नहीं था। चार्जशीट भी फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ ही दी गई है। जानकारी के अनुसार इसमें बाबा का नाम नहीं है।

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