Aligarh: टप्पल की बाढ़ में फंसे 21 लोग बाहर निकाले, दो डूबने से बचाए, बीमार वृद्ध को नाव से लेकर आए
एनडीआरएफ और पीएसी की टीमों ने बृहस्पतिवार को रेस्क्यू अभियान चलाकर बाढ़ में फंसे 21 ग्रामीणों और 25 पशुओं को बाढ़ चौकी पर लाया गया है, दो युवकों को डूबने से भी बचाया है।
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टप्पल क्षेत्र में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ से एक दर्जन गांव घिरे हुए हैं, संपर्क मार्ग कट गए हैं, गांवों में आने-जाने के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। एनडीआरएफ और पीएसी की टीमों ने बृहस्पतिवार को रेस्क्यू अभियान चलाकर बाढ़ में फंसे 21 ग्रामीणों और 25 पशुओं को बाढ़ चौकी पर लाया गया है, दो युवकों को डूबने से भी बचाया है। बाढ़ग्रस्त गांवों से अब तक 30 लोग पलायन कर चुके हैं लेकिन अभी भी सैकड़ों लोग घरों को छोड़ने के लिए राजी नहीं हैं।
यमुना की बाढ़ से टप्पल के 12 गांव महाराजगढ़, शेरपुर, ऊंटासानी, मिर्जापुर, पखौदना, धारा की गढ़ी, नगला चंडी, नगला रामस्वरूप, नगला अमर सिंह, घरबरा, रामगढ़ी, और लालपुर आदि अन्य में बाढ़ से घिर गए हैं, इनमें शेरपुर, महाराजगढ़, चंडीगढ़, धारा की गढ़ी, रामगढ़ी, पखौदना गांवों के संपर्क मार्ग टूट गए हैं।
नगला अमर सिंह से छह और महाराजगढ़ से 15 लोग निकाले
एनडीआरएफ, पीएसी और गोताखोरों ने बाढ़ में फंसे नगला अमर सिंह से छह व्यक्तियों, महाराजगढ़ से 15 व्यक्तियों और करीब 25 पशुओं को रेस्क्यू करके टप्पल स्थित अनाज मंडी में बनाई गई बाढ़ राहत चौकी में पहुंचाया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के 30 लोग पलायन करके आए हैं। बाढ़ राहत चौकी में लोगों के खाने और करीब 100 पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है।
दो युवकों को डूबने से बचाया
गांव पखोदना में बाढ़ के पानी में नहाने के लिए कूदे दो युवक राकेश उर्फ धांसू पुत्र श्याम और नारायण पुत्र कुवेन्द्र सिंह निवासी धारागढ़ी डूबने लगे, शोर-शराबा होने पर पीएसी और गोताखोरों ने नाव के जरिये दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बीमार वृद्ध को नाव से लेकर आए
गांवों से निकलने के लिए नावों का सहारा ले रहे हैं। गांव महाराजगढ़ में बुजुर्ग महेन्द्र सिंह के पैरों में सूजन आने के कारण चलने-फिरने असमर्थता होने कारण उनके परिजन उन्हें नाव से महाराजगढ़ के तटबंध के पास लेकर आए और उपचार के लिए मेवात लेकर गए।
यमुना टप्पल में 200.6 मीटर पर बह रही
एसडीएम शिशिर कुमार ने बताया कि यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। टप्पल में खतरे का निशान 200 मीटर पर है, जो वर्तमान में 200.6 मीटर पर है, जिसको हर चार-चार घंटे पर नापा जा रहा है, जो इसी स्तर के आसपास बना हुआ है।
सांसद और जनप्रतिनिधियों ने बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा किया
बृहस्पतिवार शाम को सांसद सतीश गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह उर्फ लाला और भाजपा पदाधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। दोपहर में एसडीएम शिशिर कुमार, पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह, जट्टारी चेयरमैन प्रदीप बंसल, पूर्व चेयरमैन चौधरी मनवीर सिंह, चौधरी ऋषिपाल सिंह, ओमपाल सिंह सूर्यवंशी, ओमप्रकाश सिंह उर्फ लाला आदि भी हालात देखने तटीय गांवों में पहुंचे।
यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, पीएसी, गोताखोरों के साथ राहत एवं बचाव कार्य चला रही हैं। ग्रामीणों को खाना दवाएं और पशुओं के चारा भिजवाया जा रहा है। यमुना का जलस्तर स्थिर है और इसमें अब कमी आना शुरू हो जाएगा।-प्रमोद कुमार अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)