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Hathras News: अस्पताल में पहुंचे 2000 बीमार, बुखार से बच्ची की मौत
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मौसम में पल-पल हो रहा बदलाव से लोग सर्दी, जुकाम, खांसी, वायरल बुखार और त्वचा संबंधी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल के बाह्य रोग विभाग (ओपीडी) में पहुंचे 2000 रोगियों में सर्वाधिक इन्हीं बीमारियों के शिकार थे। कस्बा मुरसान में बुखार से एक पांच साल की बच्ची खुशी (5) की मौत हो गई।
मुरसान निवासी मनीष कुमार की पुत्री थी। उसे पांच दिन से बुखार आ रहा था। परिजन कस्बे में ही एक अप्रशिक्षित चिकित्सक से उसका उपचार करा रहे थे। सोमवार को उसकी हालत बिगड़ी तो उसने हाथ खड़े कर दिए और इसके बाद परिजन उसे लेकर बागला जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बच्ची को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। रोते बिलखते परिजन बच्ची का शव लेकर लौट गए।
रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को जब बागला जिला अस्पताल का वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) खुला तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। दवा, पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी और पैथोलॉजी लैब पर मरीजों की लंबी-लंबी कतार लगी रही।
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कभी बारिश होने से न्यूनतम पारा नीचे की ओर खिसक रहा है तो कभी तेज धूप निकलने के साथ ही गर्मी के तेवर तल्ख हो रहे हैं। सर्द-गर्म मौसम लोगों को बीमारियों की सौगात दे रहा है। पर्चा काउंटर पर मरीजों व तीमारदारों की लंबी-लंबी लाइन लगी रही। ऐसा ही कुछ हाल ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष के बाहर का दिखाई दिया। पैथोलॉजी लैब पर भी जांच कराने के लिए मरीजों की कतार लगी रही। मरीजों को अपना नंबर आने के लिए काफी देर कतार में लगकर इंतजार करना पड़ा।
मौसम में आ रहे बदलाव के बाद से ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। सोमवार को लगभग दो हजार मरीज पहुंचे। इनमें सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी व त्वचा संबंधी बीमारी के मरीज शामिल रहे। सभी मरीजों को परामर्श के साथ दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। जिन मरीजों की जांच की आवश्यकता थी, उनके खून की जांच कराई गई।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बागला संयुक्त अस्पताल।
विभाग-- मरीजों की संख्या
नेत्र विभाग-- 290
त्वचा रोग-- 180
बाल रोग-- 150
बुखार-- 95
सर्दी, खांसी-- 170
हड्डी रोग-- 200
एआरबी-- 80
अन्य मरीज-- 500
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मुरसान निवासी मनीष कुमार की पुत्री थी। उसे पांच दिन से बुखार आ रहा था। परिजन कस्बे में ही एक अप्रशिक्षित चिकित्सक से उसका उपचार करा रहे थे। सोमवार को उसकी हालत बिगड़ी तो उसने हाथ खड़े कर दिए और इसके बाद परिजन उसे लेकर बागला जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बच्ची को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। रोते बिलखते परिजन बच्ची का शव लेकर लौट गए।
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रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को जब बागला जिला अस्पताल का वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) खुला तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। दवा, पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी और पैथोलॉजी लैब पर मरीजों की लंबी-लंबी कतार लगी रही।
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कभी बारिश होने से न्यूनतम पारा नीचे की ओर खिसक रहा है तो कभी तेज धूप निकलने के साथ ही गर्मी के तेवर तल्ख हो रहे हैं। सर्द-गर्म मौसम लोगों को बीमारियों की सौगात दे रहा है। पर्चा काउंटर पर मरीजों व तीमारदारों की लंबी-लंबी लाइन लगी रही। ऐसा ही कुछ हाल ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष के बाहर का दिखाई दिया। पैथोलॉजी लैब पर भी जांच कराने के लिए मरीजों की कतार लगी रही। मरीजों को अपना नंबर आने के लिए काफी देर कतार में लगकर इंतजार करना पड़ा।
मौसम में आ रहे बदलाव के बाद से ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। सोमवार को लगभग दो हजार मरीज पहुंचे। इनमें सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी व त्वचा संबंधी बीमारी के मरीज शामिल रहे। सभी मरीजों को परामर्श के साथ दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। जिन मरीजों की जांच की आवश्यकता थी, उनके खून की जांच कराई गई।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बागला संयुक्त अस्पताल।
विभाग
नेत्र विभाग
त्वचा रोग
बाल रोग
बुखार
सर्दी, खांसी
हड्डी रोग
एआरबी
अन्य मरीज