{"_id":"628144da7ceeb502dd2c8366","slug":"20-lakh-revenue-assessment-on-bjp-leader-in-electric-theft-case-hathras-news-ali291629014","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली चोरी में भाजपा नेता पर 20 लाख का राजस्व निर्धारित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली चोरी में भाजपा नेता पर 20 लाख का राजस्व निर्धारित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
सासनी की पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजकुमारी के पति भाजपा नेता अर्जुन सिंह के मशरूम प्लांट पर बिजली चोरी के मामले में विभाग की ओर से 20 लाख रुपये का राजस्व निर्धारित (असिसमेंट) किया गया है। अभी शमन शुल्क का निर्धारण किया जा रहा है। उपखंड अधिकारी (एसडीओ) और अवर अभियंता (जेई) पर कार्रवाई के बाद अन्य कर्मियों पर भी शक की सूई तेजी से घूम रही है। संदेह के घेरे में आए कर्मियों को इधर से उधर किया जाएगा।
गौरतलब है कि सासनी क्षेत्र के गांव बिखलौरा स्थित इस प्लांट में शुक्रवार को आगरा और फिरोजाबाद के विद्युत प्रवर्तन दल (विजिलेंस) ने छापा मारा था। प्लांट के लिए करीब 28 किलोवाट का कनेक्शन स्वीकृत था। इस प्लांट पर ट्रांसफॉर्मर से कटिया डालकर बिजली चोरी की जा रही थी। कुल 41 किलोवाट की चोरी विजिलेंस टीम ने पकड़ी थी। बिजली चोरी का यह बड़ा मामला पकड़े जाने से विभाग में खलबली मच गई। महकमे में इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
पूरे साल में 1.40 लाख रुपये जमा
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरे साल में प्लांट संचालक की ओर से एक लाख चालीस हजार रुपये का बिल जमा किया गया है, जो कि फिक्स रेट व यूनिट के हिसाब से है। इसकी भी विभागीय अधिकारी पड़ताल कर रहे हैं। आखिर एक साल में इतना बड़ा प्लांट होने के बावजूद इतना कम राजस्व क्यों जमा किया गया है।
विज्ञापन
17 कर्मियों को किया जाएगा इधर से उधर
सासनी क्षेत्र में विजिलेंस के छापे में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का खुलासा होने के बाद विभागीय अधिकारी अब जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे संविदा कर्मियों पर भी विभाग की पैनी नजर है, जिनका गांव भी आसपास है और तैनाती भी निकट के विद्युत उपकेंद्र पर ही है। ऐसे कर्मियों को इधर से उधर किया जाएगा।
अब तक विभाग के पास यह सूचना कि बकाये पर कनेक्शन काटने के बाद कर्मी जोड़ देते हैं। इसके चलते पांच कर्मियों को पूर्व में हटाया गया। अब इस मामले के बाद कर्मियों पर शक की सूई तेजी से घूम रही है। जिले में 17 कर्मियों को एक से दूसरे बिजलीघर पर भेजने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही इस संबंध में खंड स्तर से आदेश जारी किया जाएगा।
- सासनी के प्लांट में बिजली चोरी के मामले में 20 लाख रुपये का राजस्व निर्धारण (असिसमेंट) किया गया है। अभी शमन शुल्क तय नहीं हो पाया है। इस प्लांट के संचालक द्वारा पूरे साल में एक लाख चालीस हजार रुपये का बिल ही जमा किया गया है। - एमपी सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत
विज्ञापन
सासनी की पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजकुमारी के पति भाजपा नेता अर्जुन सिंह के मशरूम प्लांट पर बिजली चोरी के मामले में विभाग की ओर से 20 लाख रुपये का राजस्व निर्धारित (असिसमेंट) किया गया है। अभी शमन शुल्क का निर्धारण किया जा रहा है। उपखंड अधिकारी (एसडीओ) और अवर अभियंता (जेई) पर कार्रवाई के बाद अन्य कर्मियों पर भी शक की सूई तेजी से घूम रही है। संदेह के घेरे में आए कर्मियों को इधर से उधर किया जाएगा।
गौरतलब है कि सासनी क्षेत्र के गांव बिखलौरा स्थित इस प्लांट में शुक्रवार को आगरा और फिरोजाबाद के विद्युत प्रवर्तन दल (विजिलेंस) ने छापा मारा था। प्लांट के लिए करीब 28 किलोवाट का कनेक्शन स्वीकृत था। इस प्लांट पर ट्रांसफॉर्मर से कटिया डालकर बिजली चोरी की जा रही थी। कुल 41 किलोवाट की चोरी विजिलेंस टीम ने पकड़ी थी। बिजली चोरी का यह बड़ा मामला पकड़े जाने से विभाग में खलबली मच गई। महकमे में इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
विज्ञापन
पूरे साल में 1.40 लाख रुपये जमा
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरे साल में प्लांट संचालक की ओर से एक लाख चालीस हजार रुपये का बिल जमा किया गया है, जो कि फिक्स रेट व यूनिट के हिसाब से है। इसकी भी विभागीय अधिकारी पड़ताल कर रहे हैं। आखिर एक साल में इतना बड़ा प्लांट होने के बावजूद इतना कम राजस्व क्यों जमा किया गया है।
विज्ञापन
17 कर्मियों को किया जाएगा इधर से उधर
सासनी क्षेत्र में विजिलेंस के छापे में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का खुलासा होने के बाद विभागीय अधिकारी अब जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे संविदा कर्मियों पर भी विभाग की पैनी नजर है, जिनका गांव भी आसपास है और तैनाती भी निकट के विद्युत उपकेंद्र पर ही है। ऐसे कर्मियों को इधर से उधर किया जाएगा।
अब तक विभाग के पास यह सूचना कि बकाये पर कनेक्शन काटने के बाद कर्मी जोड़ देते हैं। इसके चलते पांच कर्मियों को पूर्व में हटाया गया। अब इस मामले के बाद कर्मियों पर शक की सूई तेजी से घूम रही है। जिले में 17 कर्मियों को एक से दूसरे बिजलीघर पर भेजने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही इस संबंध में खंड स्तर से आदेश जारी किया जाएगा।
- सासनी के प्लांट में बिजली चोरी के मामले में 20 लाख रुपये का राजस्व निर्धारण (असिसमेंट) किया गया है। अभी शमन शुल्क तय नहीं हो पाया है। इस प्लांट के संचालक द्वारा पूरे साल में एक लाख चालीस हजार रुपये का बिल ही जमा किया गया है। - एमपी सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत