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बीएसए द्वारा कठित कमेटी करेगी खेल के सामान में खेल की जांच
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में खेल के नाम पर खेल हुआ है। इस बात की भनक विभागीय अधिकारियों को भी लग गई है। तभी तो अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बीएसए ने कमेटी गठित कर खेल के सामान खरीद की जांच कराए जाने की बात कही।
बेसिक के प्राइमरी स्कूल में पांच हजार और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 10 हजार रुपये खेल का सामान खरीदने के लिए आए थे। प्रत्येक विद्यालय की प्रबंध समिति के खातों में धनराशि विभाग द्वारा भेज दी गई। सामान खरीद को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि एसएमसी अध्यक्ष, प्रधानाध्यापक और एक शारीरिक शिक्षा अनुदेशक की देखरेख में खेलकूद का सामान गुणवत्ता के अनुरूप खरीदा जाएगा।
इस पूरे खेल में शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। तभी तो एनपीआरसी अधिकारियों को डर दिखाकर प्रधानाध्यापकों से अपने मनमाफिक चेक कटवाकर ले गए। इस पूरे प्रकरण को अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिस पर बीएसए ने संज्ञान लेते हुए कमेटी गठित कर जांच कराने की बात कही।
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खेल का सामान विद्यालय स्तर पर एसएमसी अध्यक्ष, प्रधानाध्यापक और खेलकूद अनुदेशक की देखरेख में खरीदा जाना था। कुछ ब्लॉकों में एनपीआरसी द्वारा खेलकूद का सामान पहुंचाने की शिकायत मिल रही हैं। इसे लेकर कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी, जिसमें दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
-हरीशचंद्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में खेल के नाम पर खेल हुआ है। इस बात की भनक विभागीय अधिकारियों को भी लग गई है। तभी तो अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बीएसए ने कमेटी गठित कर खेल के सामान खरीद की जांच कराए जाने की बात कही।
बेसिक के प्राइमरी स्कूल में पांच हजार और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 10 हजार रुपये खेल का सामान खरीदने के लिए आए थे। प्रत्येक विद्यालय की प्रबंध समिति के खातों में धनराशि विभाग द्वारा भेज दी गई। सामान खरीद को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि एसएमसी अध्यक्ष, प्रधानाध्यापक और एक शारीरिक शिक्षा अनुदेशक की देखरेख में खेलकूद का सामान गुणवत्ता के अनुरूप खरीदा जाएगा।
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इस पूरे खेल में शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। तभी तो एनपीआरसी अधिकारियों को डर दिखाकर प्रधानाध्यापकों से अपने मनमाफिक चेक कटवाकर ले गए। इस पूरे प्रकरण को अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिस पर बीएसए ने संज्ञान लेते हुए कमेटी गठित कर जांच कराने की बात कही।
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खेल का सामान विद्यालय स्तर पर एसएमसी अध्यक्ष, प्रधानाध्यापक और खेलकूद अनुदेशक की देखरेख में खरीदा जाना था। कुछ ब्लॉकों में एनपीआरसी द्वारा खेलकूद का सामान पहुंचाने की शिकायत मिल रही हैं। इसे लेकर कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी, जिसमें दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
-हरीशचंद्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।