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Hathras News: बुखार के 179 और पेट से परेशान 130 मरीज पहुंचे अस्पताल
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
मौसम में आए बदलाव के साथ ही बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। शनिवार को अस्पताल में वायरल फीवर के 179 मरीज पहुंचे। पेट रोग (डायरिया, उल्टी-दस्त) के 130 मरीज पहुंचे, जिन्हें दवा दी गई। ओपीडी में कुल 1725 मरीज परामर्श के लिए पहुंचे।
दोपहर तक फिजिशियन व बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष पर मरीज व तीमारदारों की कतार लगी रही। फिजिशियन डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। त्वचा रोग के मरीज बढ़ रहे हैं, ऐसे 200 से अधिक मरीज पहुंचे।
उन्होंने बताया कि खान-पान में लापरवाही से लोग फूड प्वाइजनिंग, डायरिया और उल्टी-दस्त की चपेट में आ रहे हैं। दूषित पानी और नमी के संपर्क में आने से लोग सर्दी-जुकाम, खांसी और गले के इंफेक्शन का शिकार हो रहे हैं। इसी वजह से वायरल फीवर भी बढ़ रहा है।
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डेंगू व मलेरिया का खतरा
लगातार बुखार आने पर स्वास्थ्य विभाग कोई जोखिम नहीं उठा रहा है। रोजाना संदिग्ध लक्षण वाले 50 से 60 डेंगू और मलेरिया मरीजों की जांच हो रही है। अभी तक कोई पॉजिटिव केस नहीं मिला है।
बचाव के उपाय
-पानी उबालकर ही पीएं, ताकि जल-जनित बीमारियों से बचा जा सके।
-खुले में बिक रहे कटे फल, चाट-पकोड़े और बासी भोजन का सेवन न करें।
-गमलों, कूलर या खुले स्थानों में पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छर न पनपें।
-सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और शरीर को ढक कर रखें।
-बुखार, दस्त या बदन दर्द होने पर मेडिकल स्टोर से मनमुताबिक दवा न लें।
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दोपहर तक फिजिशियन व बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष पर मरीज व तीमारदारों की कतार लगी रही। फिजिशियन डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। त्वचा रोग के मरीज बढ़ रहे हैं, ऐसे 200 से अधिक मरीज पहुंचे।
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उन्होंने बताया कि खान-पान में लापरवाही से लोग फूड प्वाइजनिंग, डायरिया और उल्टी-दस्त की चपेट में आ रहे हैं। दूषित पानी और नमी के संपर्क में आने से लोग सर्दी-जुकाम, खांसी और गले के इंफेक्शन का शिकार हो रहे हैं। इसी वजह से वायरल फीवर भी बढ़ रहा है।
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डेंगू व मलेरिया का खतरा
लगातार बुखार आने पर स्वास्थ्य विभाग कोई जोखिम नहीं उठा रहा है। रोजाना संदिग्ध लक्षण वाले 50 से 60 डेंगू और मलेरिया मरीजों की जांच हो रही है। अभी तक कोई पॉजिटिव केस नहीं मिला है।
बचाव के उपाय
-पानी उबालकर ही पीएं, ताकि जल-जनित बीमारियों से बचा जा सके।
-खुले में बिक रहे कटे फल, चाट-पकोड़े और बासी भोजन का सेवन न करें।
-गमलों, कूलर या खुले स्थानों में पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छर न पनपें।
-सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और शरीर को ढक कर रखें।
-बुखार, दस्त या बदन दर्द होने पर मेडिकल स्टोर से मनमुताबिक दवा न लें।