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बिजली दरों को समान करने का मांगा प्रस्ताव
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:46 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के निदेशक (वाणिज्य) ने आगरा और अलीगढ़ के मुख्य अभियंताओं को पत्र जारी कर टीटीजेड क्षेत्र व नॉन टीटीजेड क्षेत्र के निजी नलकूप उपभोक्ताओं के लिए विद्युत दरों को एक समान करने के संबंध में नियामक आयोग के आदेश एक दिसंबर 2016 के अनुसार कार्यवाही कर अपने स्तर से प्रस्ताव तैयार कर कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
निदेशक (वाणिज्य) ने यह आदेश भाजपा की जिला उपाध्यक्ष प्रीती चौधरी द्वारा विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष उप्र व एमडी आगरा को भेजे गए पत्र के आधार पर जारी किए हैं। प्रीती चौधरी ने पत्र में कहा था कि पूर्व में मनमाने तरीके से उपभोक्ताओं को भ्रमित कर टीटीजेड क्षेत्र की विद्युत दरें बढ़ा दीं गईं। जबकि इन बढ़ी हुई दरों के लिए नियामक आयोग का कोई टैरिफ जारी नहीं किया गया था।
अब प्रदेश सरकार ने चाहे क्षेत्र टीटीजेड हो या नॉन टीटीजेड सभी क्षेत्रों को 16 से 18 घंटे बिजली देने के आदेश पारित किए हैं। टीटीजेड व नॉनटीटीजेड क्षेत्रों में समान रूप से आपूर्ति प्रदान की जा रही है। इसलिए दोनों क्षेत्रों में समान रूप से विद्युत बिल निर्गत किया जाना आवश्यक है। उन्होने मांग की थी कि सादाबाद, सहपऊ व मुरसान क्षेत्र के लिए नॉन टीटीजेड के टैरिफ की तरह ही बिल जारी किए जाएं।
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दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के निदेशक (वाणिज्य) ने आगरा और अलीगढ़ के मुख्य अभियंताओं को पत्र जारी कर टीटीजेड क्षेत्र व नॉन टीटीजेड क्षेत्र के निजी नलकूप उपभोक्ताओं के लिए विद्युत दरों को एक समान करने के संबंध में नियामक आयोग के आदेश एक दिसंबर 2016 के अनुसार कार्यवाही कर अपने स्तर से प्रस्ताव तैयार कर कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
निदेशक (वाणिज्य) ने यह आदेश भाजपा की जिला उपाध्यक्ष प्रीती चौधरी द्वारा विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष उप्र व एमडी आगरा को भेजे गए पत्र के आधार पर जारी किए हैं। प्रीती चौधरी ने पत्र में कहा था कि पूर्व में मनमाने तरीके से उपभोक्ताओं को भ्रमित कर टीटीजेड क्षेत्र की विद्युत दरें बढ़ा दीं गईं। जबकि इन बढ़ी हुई दरों के लिए नियामक आयोग का कोई टैरिफ जारी नहीं किया गया था।
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अब प्रदेश सरकार ने चाहे क्षेत्र टीटीजेड हो या नॉन टीटीजेड सभी क्षेत्रों को 16 से 18 घंटे बिजली देने के आदेश पारित किए हैं। टीटीजेड व नॉनटीटीजेड क्षेत्रों में समान रूप से आपूर्ति प्रदान की जा रही है। इसलिए दोनों क्षेत्रों में समान रूप से विद्युत बिल निर्गत किया जाना आवश्यक है। उन्होने मांग की थी कि सादाबाद, सहपऊ व मुरसान क्षेत्र के लिए नॉन टीटीजेड के टैरिफ की तरह ही बिल जारी किए जाएं।
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