{"_id":"5d014877bdec22070264d5ba","slug":"1560365165201-07-hathras-news84","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम में 1.07 करोड़ का लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम में 1.07 करोड़ का लक्ष्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2019-20 का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 36 पूंजी निवेश के लिए 107.97 लाख के रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सीपी सिंह ने बताया है कि उद्यमियों का चयन जिला स्तर पर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी के माध्यम से किया जाएगा। इसमें पांच लाख से 25 लाख तक नई उत्पादक इकाइयां स्थापित करने के लिए कमजोर वर्ग के व्यक्तियों और आरक्षित वर्ग के व्यक्तियों व महिलाओं 35 प्रतिशत एवं सामान्य वर्ग के उद्यमियों को 25 प्रतिशत मार्जिन मनी उपलब्ध कराने का प्राविधान रखा गया है।
कमजोर वर्ग के उद्यमियों को प्रोजेक्ट लागत का पांच प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के उद्यमियों को 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान वहन करना होगा। एक जनपद एक उत्पाद के अंतर्गत चिन्हित उत्पाद की इकाइयों को लगाने वाले उद्यमियों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इसके लिए उद्यमियों का ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2019-20 का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 36 पूंजी निवेश के लिए 107.97 लाख के रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सीपी सिंह ने बताया है कि उद्यमियों का चयन जिला स्तर पर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी के माध्यम से किया जाएगा। इसमें पांच लाख से 25 लाख तक नई उत्पादक इकाइयां स्थापित करने के लिए कमजोर वर्ग के व्यक्तियों और आरक्षित वर्ग के व्यक्तियों व महिलाओं 35 प्रतिशत एवं सामान्य वर्ग के उद्यमियों को 25 प्रतिशत मार्जिन मनी उपलब्ध कराने का प्राविधान रखा गया है।
विज्ञापन
कमजोर वर्ग के उद्यमियों को प्रोजेक्ट लागत का पांच प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के उद्यमियों को 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान वहन करना होगा। एक जनपद एक उत्पाद के अंतर्गत चिन्हित उत्पाद की इकाइयों को लगाने वाले उद्यमियों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इसके लिए उद्यमियों का ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
विज्ञापन