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जैतई में 11 दिनों से तप कर रही युवती, हो रहा भजन कीर्तन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
गांव जैतई में एक युवती तप पर बैठ गई है। यह युवती पिछले 10 दिनों से लगातार बढ़ रहे पारे के बीच एक खेत में बैठकर तप कर रही है। शाम होते ही यहां ग्रामीणों की भीड़ जु़ट रही है। भजन कीर्तन भी किया जा रहा है।
गांव निवासी रूपकिशोर की बेटी रचना 17 मई को गांव में ही एक खेत में तप पर बैठ गई। गांव वालों ने रचना के ऊपर तिरपाल आदि तान दिया है, पिछले 10 दिनों से रचना माला को हाथ में लिए भगवान का नाम जपे जा रही है। गांव वालों ने बताया कि रचना यह तप बारिश के लिए नहीं कर रही है, बल्कि वह अपनी अधूरी रह गई पूजा के लिए कर रही है।
रचना को समझाने का काफी प्रयास भी किया गया, लेकिन वह तप पर लगातार बैठी हुई है। ऐसे में ग्रामीण महिला पुरूष हर रोज तप स्थल पर रचना के आसपास बैठकर शाम होते ही भजन कीर्तन कर रहे हैं। गांव में देर रात तक भजन कीर्तन का दौर भी जारी है।
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गांव जैतई में एक युवती तप पर बैठ गई है। यह युवती पिछले 10 दिनों से लगातार बढ़ रहे पारे के बीच एक खेत में बैठकर तप कर रही है। शाम होते ही यहां ग्रामीणों की भीड़ जु़ट रही है। भजन कीर्तन भी किया जा रहा है।
गांव निवासी रूपकिशोर की बेटी रचना 17 मई को गांव में ही एक खेत में तप पर बैठ गई। गांव वालों ने रचना के ऊपर तिरपाल आदि तान दिया है, पिछले 10 दिनों से रचना माला को हाथ में लिए भगवान का नाम जपे जा रही है। गांव वालों ने बताया कि रचना यह तप बारिश के लिए नहीं कर रही है, बल्कि वह अपनी अधूरी रह गई पूजा के लिए कर रही है।
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रचना को समझाने का काफी प्रयास भी किया गया, लेकिन वह तप पर लगातार बैठी हुई है। ऐसे में ग्रामीण महिला पुरूष हर रोज तप स्थल पर रचना के आसपास बैठकर शाम होते ही भजन कीर्तन कर रहे हैं। गांव में देर रात तक भजन कीर्तन का दौर भी जारी है।
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