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आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण में कमीशनखोरी का मामला दबा फाइलों में
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ब्लॉक सहपऊ में तीन आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में कमीशनखोरी और घटिया सामग्री के प्रयोग का मामला फाइलों में दबा दिया गया है। हालांकि इस मामले के सामने आने के बाद परियोजना निदेशक डीआरडीए द्वारा दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है, लेकिन जांच के नाम पर निर्माण कार्य की अनदेखी कर फाइलों को दबा दिया गया है। उधर, दूसरी ओर धड़ल्ले से निर्माण कार्य चल रहा है।
द्वितीय चरण के लोकसभा मतदान से पूर्व सहपऊ क्षेत्र में चल रही तीन आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में पीर्ली इंटों का प्रयोग होने और कमीशनखोरी का मामला सुर्खियों में आया था। यहां तक कि यह मामला चुनाव आयोग में भी पहुंचा था। इन केंद्रों के निर्माण का सुपरविजन कर रहे अवर अभियंता द्वारा इसकी शिकायत आयोग में थी। शिकायतकर्ता ने इस बारे में बीडीओ पर ठेकेदार से मिले होने का आरोप भी लगाया था।
हालांकि इस अवर अभियंता को आचार संहिता होने के बावजूद सुपरविजन से हटा दिया गया था और आयोग में यह आचार संहिता नहीं होने की आख्या भेज दी गई थी। बीडीओ ने अवर अभियंता पर कमीशनखोरी का आरोप लगाया था। मामले के सुर्खियों में आते ही आनन-फानन अधिकारियों ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी, लेकिन मतदान प्रकिया पूरी होने के बाद भी अभी जांच के नाम फाइल कार्यालयों में घूम रही हैं। उधर, ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
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आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में कमीशनखोरी की शिकायत और पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। अब इस कमेटी से जल्द जांच रिपोर्ट ली जाएगी।
-अश्विनी कुमार मिश्रा, पीडी
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ब्लॉक सहपऊ में तीन आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में कमीशनखोरी और घटिया सामग्री के प्रयोग का मामला फाइलों में दबा दिया गया है। हालांकि इस मामले के सामने आने के बाद परियोजना निदेशक डीआरडीए द्वारा दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है, लेकिन जांच के नाम पर निर्माण कार्य की अनदेखी कर फाइलों को दबा दिया गया है। उधर, दूसरी ओर धड़ल्ले से निर्माण कार्य चल रहा है।
द्वितीय चरण के लोकसभा मतदान से पूर्व सहपऊ क्षेत्र में चल रही तीन आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में पीर्ली इंटों का प्रयोग होने और कमीशनखोरी का मामला सुर्खियों में आया था। यहां तक कि यह मामला चुनाव आयोग में भी पहुंचा था। इन केंद्रों के निर्माण का सुपरविजन कर रहे अवर अभियंता द्वारा इसकी शिकायत आयोग में थी। शिकायतकर्ता ने इस बारे में बीडीओ पर ठेकेदार से मिले होने का आरोप भी लगाया था।
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हालांकि इस अवर अभियंता को आचार संहिता होने के बावजूद सुपरविजन से हटा दिया गया था और आयोग में यह आचार संहिता नहीं होने की आख्या भेज दी गई थी। बीडीओ ने अवर अभियंता पर कमीशनखोरी का आरोप लगाया था। मामले के सुर्खियों में आते ही आनन-फानन अधिकारियों ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी, लेकिन मतदान प्रकिया पूरी होने के बाद भी अभी जांच के नाम फाइल कार्यालयों में घूम रही हैं। उधर, ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
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आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में कमीशनखोरी की शिकायत और पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। अब इस कमेटी से जल्द जांच रिपोर्ट ली जाएगी।
-अश्विनी कुमार मिश्रा, पीडी