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आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए तीन संघर्ष समितियां गठित
Updated Mon, 09 Jul 2018 01:24 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
हाथरस। यूपी लेखपाल संघ के खिलाफ सरकार की कार्रवाई के विरोध में तहसील सदर में आपातकालीन बैठक हुई। बैठक में आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तीन संघर्ष समितियों का गठन किया गया।
गौरतलब हो कि यूपी लेखपाल संघ के बैनर तले जिलेभर के लेखपाल अलग-अलग तहसील परिसरों में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे तहसील के कार्य भी प्रभावित हो रहे थे।
लिहाजा, शासन स्तर से दिए गए निर्देशों के बाद यहां शनिवार को जिला प्रशासन के निर्देश पर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष, जिला मंत्री एवं तहसीलों में तहसील अध्यक्ष और तहसील मंत्री सहित सभी पदाधिकारियों को निलंबित करने के लिए उपजिलाधिकारियों ने आदेश जारी कर दिया गया।
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रविवार को इस उत्पीड़नात्मक कार्रवाई के विरोध में तहसील सदर में जिलाध्यक्ष रामनिवास सिंह की अध्यक्षता में लेखपाल संघ की बैठक हुई। इसमें आंदोलन को सफल बनाने के लिए गठित हुई संघर्ष समितियों में प्रथम संघर्ष समिति में अध्यक्ष लखपति सिंह, मंत्री यासीन खां और सदस्य मदनमोहन शर्मा, बलवीर सिंह, योगेंद्र सिंह, शंकर सिंह और धर्मेंद्र शर्मा को बनाया गया।
द्वितीय संघर्ष समिति का अध्यक्ष हरिओम शुक्ला, मंत्री सत्यप्रकाश शर्मा, सदस्य रामदास गौतम, धीरेंद्र यादव, अवधेश अग्निहोत्री, शिवकुमार शर्मा और बृजेश शर्मा को बनाया गया। तृतीय संघर्ष समिति का अध्यक्ष महेश कुमार शर्मा, मंत्री शिव कुमार गौतम के अलावा मौ. हनीस, सूर्याजन, आदित्य पुंढीर, धर्मवीर सिंह और रामचंद्र पांडेय को सदस्य बनाया गया। बैठक का संचालन जिला मंत्री विजय शर्मा ने किया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि अब आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
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हाथरस। यूपी लेखपाल संघ के खिलाफ सरकार की कार्रवाई के विरोध में तहसील सदर में आपातकालीन बैठक हुई। बैठक में आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तीन संघर्ष समितियों का गठन किया गया।
गौरतलब हो कि यूपी लेखपाल संघ के बैनर तले जिलेभर के लेखपाल अलग-अलग तहसील परिसरों में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे तहसील के कार्य भी प्रभावित हो रहे थे।
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लिहाजा, शासन स्तर से दिए गए निर्देशों के बाद यहां शनिवार को जिला प्रशासन के निर्देश पर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष, जिला मंत्री एवं तहसीलों में तहसील अध्यक्ष और तहसील मंत्री सहित सभी पदाधिकारियों को निलंबित करने के लिए उपजिलाधिकारियों ने आदेश जारी कर दिया गया।
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रविवार को इस उत्पीड़नात्मक कार्रवाई के विरोध में तहसील सदर में जिलाध्यक्ष रामनिवास सिंह की अध्यक्षता में लेखपाल संघ की बैठक हुई। इसमें आंदोलन को सफल बनाने के लिए गठित हुई संघर्ष समितियों में प्रथम संघर्ष समिति में अध्यक्ष लखपति सिंह, मंत्री यासीन खां और सदस्य मदनमोहन शर्मा, बलवीर सिंह, योगेंद्र सिंह, शंकर सिंह और धर्मेंद्र शर्मा को बनाया गया।
द्वितीय संघर्ष समिति का अध्यक्ष हरिओम शुक्ला, मंत्री सत्यप्रकाश शर्मा, सदस्य रामदास गौतम, धीरेंद्र यादव, अवधेश अग्निहोत्री, शिवकुमार शर्मा और बृजेश शर्मा को बनाया गया। तृतीय संघर्ष समिति का अध्यक्ष महेश कुमार शर्मा, मंत्री शिव कुमार गौतम के अलावा मौ. हनीस, सूर्याजन, आदित्य पुंढीर, धर्मवीर सिंह और रामचंद्र पांडेय को सदस्य बनाया गया। बैठक का संचालन जिला मंत्री विजय शर्मा ने किया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि अब आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।