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प्रधानाचार्यो को दिया शैक्षिक उन्नयन का ज्ञान
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:56 PM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ब्यूरो
हाथरस। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले के सभी प्रधानाचार्यों की शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पीबीएएस इंटर कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रधानाचार्यों को महिला सशक्तीकरण, स्कूल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, सड़क सुरक्षा तथा स्वच्छता के बारे में जागरूक किया गया।
डीएम डॉ. रमाशंकर मौर्य ने कहा कि समाज में अच्छा जीवन जीने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, जिसमें नारी सशक्तीकरण सबसे महत्वपूर्ण है। नारी सशक्तीकरण के लिए नारी का शिक्षित होना अति आवश्यक है। पुरुष के शिक्षित होने से एक परिवार, जबकि नारी के शिक्षित होने से दो परिवार शिक्षित होते हैं। उन्होंने प्रधानाचार्यों से नारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रयास करने का आह्वान किया।
पुलिस अधीक्षक सुशील चंद्रभान घुले नेे पुलिस विभाग के 1090, 100 तथा 108 नंबर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हम सबको सुरक्षा के लिए केवल इतना ध्यान देने की आवश्यकता है। स्कूल के बच्चे का साथ अपने बच्चों जैसा व्यवहार करें। यदि हम उन्हें अपने बच्चे समझेंगे तो सुरक्षा को पूरा कर लेंगे। किसी भी व्यक्ति को स्कूल में काम पर रखते समय पुलिस वेरीफिकेशन अवश्य करा लें। एडीएम रेखा एस चौहान ने कहा कि वर्तमान में महिला सुरक्षा तथा सशक्तीकरण सबसे महत्वपूर्ण है।
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कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी मुकेश शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी बृजेश राठौर, एंजेल मिताशा सिंह, मेघा सिंह, खुशबू सिंह, मुक्ति कुलश्रेष्ठ प्रमुख थीं। संचालन सोनाली वार्ष्णेय ने किया। इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी, सहायक लेखा अधिकारी रामवीर सिंह, माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य तथा प्रबंधक महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य गण उपस्थित रहे।
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हाथरस। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले के सभी प्रधानाचार्यों की शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पीबीएएस इंटर कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रधानाचार्यों को महिला सशक्तीकरण, स्कूल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, सड़क सुरक्षा तथा स्वच्छता के बारे में जागरूक किया गया।
डीएम डॉ. रमाशंकर मौर्य ने कहा कि समाज में अच्छा जीवन जीने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, जिसमें नारी सशक्तीकरण सबसे महत्वपूर्ण है। नारी सशक्तीकरण के लिए नारी का शिक्षित होना अति आवश्यक है। पुरुष के शिक्षित होने से एक परिवार, जबकि नारी के शिक्षित होने से दो परिवार शिक्षित होते हैं। उन्होंने प्रधानाचार्यों से नारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रयास करने का आह्वान किया।
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पुलिस अधीक्षक सुशील चंद्रभान घुले नेे पुलिस विभाग के 1090, 100 तथा 108 नंबर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हम सबको सुरक्षा के लिए केवल इतना ध्यान देने की आवश्यकता है। स्कूल के बच्चे का साथ अपने बच्चों जैसा व्यवहार करें। यदि हम उन्हें अपने बच्चे समझेंगे तो सुरक्षा को पूरा कर लेंगे। किसी भी व्यक्ति को स्कूल में काम पर रखते समय पुलिस वेरीफिकेशन अवश्य करा लें। एडीएम रेखा एस चौहान ने कहा कि वर्तमान में महिला सुरक्षा तथा सशक्तीकरण सबसे महत्वपूर्ण है।
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कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी मुकेश शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी बृजेश राठौर, एंजेल मिताशा सिंह, मेघा सिंह, खुशबू सिंह, मुक्ति कुलश्रेष्ठ प्रमुख थीं। संचालन सोनाली वार्ष्णेय ने किया। इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी, सहायक लेखा अधिकारी रामवीर सिंह, माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य तथा प्रबंधक महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य गण उपस्थित रहे।