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निकटवर्ती गांवों को अलीगढ़ से हटाकर हाथरस में शामिल करने की मांग

Sat, 16 Jun 2018 12:32 AM IST
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:32 AM IST
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निकटवर्ती गांवों को अलीगढ़ से हटाकर हाथरस में शामिल करने की मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
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हाथरस लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले ब्लॉक इगलास के न्याय पंचायत बढ़ाकलां के राजस्व गांव असरोई, मनीपुर, पिलखुनियां, तूरी, दौलताबाद, बढ़ाकलां, बढ़ा खुर्द सूरजा आदि गांवों के लोगों द्वारा इन गांवों को हाथरस जिले में शामिल कराने की मांग की जा रही है। इन गांवों के बाशिंदों ने शुक्रवार को सांसद राजेश दिवाकर से मुलाकात की और उन्हें इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि जब से इन गांवों को हाथरस से हटाकर पुन: वापस जनपद अलीगढ़ में शामिल किया गया है। तभी से आंदोलन, प्रत्यावेदन, अनशन करके जनता मांग करती आ रही है कि उनके गांव हाथरस में शामिल किए जाएं।
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हाथरस मुख्यालय से इन गांवों की दूरी दो से पांच किमी है, जबकि अलीगढ़ मुख्यालय से दूरी लगभग 40 से 50 किमी है। इनका रास्ता हाथरस से ही होकर जाता है। लोगों का अलीगढ़ जिला मुख्यालय आने-जाने में अनावश्यक समय व धन का व्यय करना पड़ता है। सांसद ने बताया कि ग्रामीण जनों द्वारा पूर्व में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा राजस्व परिषद अध्यक्ष के समक्ष भी इस मांग को रखा गया था।
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अलीगढ़ और हाथरस के जिलाधिकारी ने भौगोलिक जांच करके आख्या मांगी थी। दोनों जिलाधिकारियों द्वारा उपरोक्त गांवों को हाथरस में जोड़ने की संस्तुति की थी व राजस्व परिषद द्वारा स्वीकृति भी की जा चुकी है, लेकिन प्रदेश में तत्कालीन सपा सरकार द्वारा जानबूझकर रोक लगाई गई थी। सांसद ने फिर सीएम से आग्रह कर जनहित में इन सभी गांवों, हाथरस मुख्यालय में जोड़ने की मांग की है।
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