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जांच रिपोर्ट आने के बाद पीडब्लूडी के टेंडर निरस्त
Updated Tue, 06 Nov 2018 12:14 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। लोक निर्माण विभाग से निर्माण कार्यों के लिए निकाले गए टेंडरों को जिला प्रशासन की ओर से निरस्त कर दिया गया है। यहां सांसद राजेश कुमार दिवाकर ने पीडब्लूडी से निकाले गए टेंडरों में विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता और अन्य आरोपों को लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी।
अब इस मामले में जांच के बाद जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। इस जांच में कमेटी द्वारा विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता के साथ निविदाओं की दरों में प्रतिस्पर्धा नहीं होना और रेट को पहले से खुला होने का शक जताने की रिपोर्ट दी है। उल्लेखनीय है कि सांसद राजेश कुमार दिवाकर ने पीडब्लूडी की ओर से निर्माण कार्यों को लेकर निकाले गए टेंडर की शिकायत की थी। यह शिकायत सांसद ने डीएम से की थी।
इस शिकायत में सीडीओ एसपी सिंह द्वारा प्राथमिक जांच की गई तो यह पाया गया था कि एक ही स्थान से 34 टेंडरों की खरीद की गई। इसे देखते हुए टेंडर प्रक्रिया वाली तिथि को प्रक्रिया को रोक दिया गया था और मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया था। इस तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने इस पूरे प्रकरण की जांच की तो इसमें शिकायत का सही होना पाया। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर टेंडरों को निरस्त कर दिया गया है। सीडीओ एसपी सिंह ने बताया कि सांसद की शिकायत पर जांच कराई गई थी, इस जांच में शिकायत का सही होना पाया गया। इस आधार पर टेंडरों को निरस्त करा दिया गया है।
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हाथरस। लोक निर्माण विभाग से निर्माण कार्यों के लिए निकाले गए टेंडरों को जिला प्रशासन की ओर से निरस्त कर दिया गया है। यहां सांसद राजेश कुमार दिवाकर ने पीडब्लूडी से निकाले गए टेंडरों में विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता और अन्य आरोपों को लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी।
अब इस मामले में जांच के बाद जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। इस जांच में कमेटी द्वारा विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता के साथ निविदाओं की दरों में प्रतिस्पर्धा नहीं होना और रेट को पहले से खुला होने का शक जताने की रिपोर्ट दी है। उल्लेखनीय है कि सांसद राजेश कुमार दिवाकर ने पीडब्लूडी की ओर से निर्माण कार्यों को लेकर निकाले गए टेंडर की शिकायत की थी। यह शिकायत सांसद ने डीएम से की थी।
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इस शिकायत में सीडीओ एसपी सिंह द्वारा प्राथमिक जांच की गई तो यह पाया गया था कि एक ही स्थान से 34 टेंडरों की खरीद की गई। इसे देखते हुए टेंडर प्रक्रिया वाली तिथि को प्रक्रिया को रोक दिया गया था और मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया था। इस तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने इस पूरे प्रकरण की जांच की तो इसमें शिकायत का सही होना पाया। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर टेंडरों को निरस्त कर दिया गया है। सीडीओ एसपी सिंह ने बताया कि सांसद की शिकायत पर जांच कराई गई थी, इस जांच में शिकायत का सही होना पाया गया। इस आधार पर टेंडरों को निरस्त करा दिया गया है।
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