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Hardoi News: रक्षाबंधन के लिए महिलाओं ने तैयार की मिठाई
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फोटो 31: समूह की महिलाओं की तरफ से बनाए गए पेड़ा। संवाद
फोटो 31: समूह की महिलाओं की तरफ से बनाए गए पेड़ा। संवाद
- समूह की महिलाओं ने घर पर दूध से तैयार किए पेड़े सही शब्द
- घर पर रहकर शुरू किया कारोबार, आमदनी से परिवार में आएगी आर्थिक समृद्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। रक्षाबंधन पर भाइयों का मुंह मीठा कराने के लिए इस बार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने घर पर ही मिठाई तैयार की है। महिलाओं ने दूध से पेड़े तैयार किए हैं। खास बात यह है कि सामान्य पेड़ों के साथ कम चीनी वाले पेड़े भी बनाए गए हैं, ताकि मधुमेह से पीड़ित लोग भी त्योहार की मिठास का स्वाद ले सकें।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने घर से किए जाने वाले स्वरोजगार के साथ ही मिठाई बनाने का काम भी शुरू किया है। ब्लॉक शाहाबाद बूटामऊ के कृष्ण आजीविका स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुनैना, सचिव रामरीता और कोषाध्यक्ष राधिका ने अन्य स्वरोजगार के काम के साथ ही घर पर दूध, चीनी और मेवा से पेड़ा बनाना भी शुरू किया है। सुनैना ने बताया कि वह घर पर अन्य महिलाओं के साथ मिलकर खाली समय में दोना-पत्तल भी तैयार करती हैं। इससे प्लास्टिक और प्रदूषण से लोगों को छुटकारा मिल रहा है।
बताया कि घर स्वरोजगार से होने वाली आमदनी से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। बताया कि घर पर होने वाले दूध के साथ ही दूसरे गांवों से भी पशुपालकों से दूध की खरीदारी की जाती है। बताया कि पेड़ा को डिब्बों में पैक कर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है।
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महिलाओं को समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। महिलाएं अपनी पसंद के रोजगार को चुन रही हैं। महिलाओं ने अन्य महिलाओं को जोड़कर एक साथ कई-कई काम शुरू किए हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। - कपिल कुमार, जिला मिशन प्रबंधक
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- समूह की महिलाओं ने घर पर दूध से तैयार किए पेड़े सही शब्द
- घर पर रहकर शुरू किया कारोबार, आमदनी से परिवार में आएगी आर्थिक समृद्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। रक्षाबंधन पर भाइयों का मुंह मीठा कराने के लिए इस बार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने घर पर ही मिठाई तैयार की है। महिलाओं ने दूध से पेड़े तैयार किए हैं। खास बात यह है कि सामान्य पेड़ों के साथ कम चीनी वाले पेड़े भी बनाए गए हैं, ताकि मधुमेह से पीड़ित लोग भी त्योहार की मिठास का स्वाद ले सकें।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने घर से किए जाने वाले स्वरोजगार के साथ ही मिठाई बनाने का काम भी शुरू किया है। ब्लॉक शाहाबाद बूटामऊ के कृष्ण आजीविका स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुनैना, सचिव रामरीता और कोषाध्यक्ष राधिका ने अन्य स्वरोजगार के काम के साथ ही घर पर दूध, चीनी और मेवा से पेड़ा बनाना भी शुरू किया है। सुनैना ने बताया कि वह घर पर अन्य महिलाओं के साथ मिलकर खाली समय में दोना-पत्तल भी तैयार करती हैं। इससे प्लास्टिक और प्रदूषण से लोगों को छुटकारा मिल रहा है।
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बताया कि घर स्वरोजगार से होने वाली आमदनी से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। बताया कि घर पर होने वाले दूध के साथ ही दूसरे गांवों से भी पशुपालकों से दूध की खरीदारी की जाती है। बताया कि पेड़ा को डिब्बों में पैक कर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है।
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महिलाओं को समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। महिलाएं अपनी पसंद के रोजगार को चुन रही हैं। महिलाओं ने अन्य महिलाओं को जोड़कर एक साथ कई-कई काम शुरू किए हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। - कपिल कुमार, जिला मिशन प्रबंधक