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Hardoi News: प्राइवेट अस्पताल में गर्भपात के बाद महिला की मौत, पता चलते ही अस्पताल गुम
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मल्लावां (हरदोई)। तीन माह की गर्भवती की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे संडीला रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां महिला का गर्भपात करा दिया गया। गंभीर हालत में चिकित्सक ने उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान विवाहिता की मौत हो गई। मौत की जानकारी पर प्राइवेट अस्पताल ही गुम हो गया। अस्पताल और चिकित्सकों के बोर्ड भी रातों रात हटा दिए गए।
बांसा गांव के मजरा सथरा निवासी रेखा देवी (30) तीन माह की गर्भवती थीं। पति कश्मीर यादव के मुताबिक 17 अप्रैल काे पेट में दर्द होने पर उसे संडीला रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि पेट में पल रहा बच्चा खराब हो गया है। रेखा की जान को खतरा बताते हुए गर्भपात कराने की सलाह दी।
इस पर महिला का गर्भपात कराने पर परिजनों ने सहमति दे दी। अगले दिन महिला की हालत ज्यादा बिगड़ी तो परिजनों ने दूसरे चिकित्सकों के पास दिखाया। राहत न मिलने पर सोमवार को परिजन रेखा को लेकर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां रेखा की मौत हो गई। घटना की जानकारी से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के पिता कासिमपुर थाना क्षेत्र के बिहारीपुर निवासी दयाशंकर ने ससुरालीजनों पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाया। थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अस्पताल के कर्मचारी बोर्ड तक उखाड़ ले गए
रेखा की मौत की जानकारी सोमवार देर रात संडीला रोड स्थित अस्पताल के कर्मचारियों को भी हुई। इसके बाद मंगलवार सुबह अस्पताल के कर्मचारी अस्पताल बंद कर भाग निकले। अस्पताल के बाहर लगे चिकित्सकों और उनकी डिग्री के बोर्ड भी संचालक उखाड़ ले गए। पूर्व में भी नगर में एक ऐसे अस्पताल में गर्भपात कराए जाने के दौरान महिला की माैत हो गई थी।
जांच कराएंगे, कार्रवाई जरूर होगी
सीएमओ डॉ. रोहताश कुमार ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। मीडिया के माध्यम से जानकारी हुई है। मामले की जांच जरूर कराएंगे और जो भी दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई होगी।
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यहां महिला का गर्भपात करा दिया गया। गंभीर हालत में चिकित्सक ने उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान विवाहिता की मौत हो गई। मौत की जानकारी पर प्राइवेट अस्पताल ही गुम हो गया। अस्पताल और चिकित्सकों के बोर्ड भी रातों रात हटा दिए गए।
बांसा गांव के मजरा सथरा निवासी रेखा देवी (30) तीन माह की गर्भवती थीं। पति कश्मीर यादव के मुताबिक 17 अप्रैल काे पेट में दर्द होने पर उसे संडीला रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि पेट में पल रहा बच्चा खराब हो गया है। रेखा की जान को खतरा बताते हुए गर्भपात कराने की सलाह दी।
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इस पर महिला का गर्भपात कराने पर परिजनों ने सहमति दे दी। अगले दिन महिला की हालत ज्यादा बिगड़ी तो परिजनों ने दूसरे चिकित्सकों के पास दिखाया। राहत न मिलने पर सोमवार को परिजन रेखा को लेकर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां रेखा की मौत हो गई। घटना की जानकारी से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के पिता कासिमपुर थाना क्षेत्र के बिहारीपुर निवासी दयाशंकर ने ससुरालीजनों पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाया। थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अस्पताल के कर्मचारी बोर्ड तक उखाड़ ले गए
रेखा की मौत की जानकारी सोमवार देर रात संडीला रोड स्थित अस्पताल के कर्मचारियों को भी हुई। इसके बाद मंगलवार सुबह अस्पताल के कर्मचारी अस्पताल बंद कर भाग निकले। अस्पताल के बाहर लगे चिकित्सकों और उनकी डिग्री के बोर्ड भी संचालक उखाड़ ले गए। पूर्व में भी नगर में एक ऐसे अस्पताल में गर्भपात कराए जाने के दौरान महिला की माैत हो गई थी।
जांच कराएंगे, कार्रवाई जरूर होगी
सीएमओ डॉ. रोहताश कुमार ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। मीडिया के माध्यम से जानकारी हुई है। मामले की जांच जरूर कराएंगे और जो भी दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई होगी।