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Hardoi News: हरियाणा-एनसीआर से जुड़े हैं फर्जी फर्मों के फर्जीवाड़े के तार

Thu, 06 Jul 2023 12:43 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jul 2023 12:43 AM IST
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Wires of fraud of fake firms are connected to Haryana-NCR
कछौना। ई-रिक्शा चालक के अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर करोड़ों के लेन-देन के तार हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से जुड़े हैं। कछौना कोतवाली क्षेत्र के एक दो नहीं बल्कि लगभग 30 युवकों के साथ फर्जीवाड़ा हुआ है। इन युवकों के अभिलेखों पर बड़ी संख्या में फर्जी फर्म खोलकर लगभग 100 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है।
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ई-रिक्शा चालक के साथ हुए फर्जीवाड़े की जानकारी बुधवार को सार्वजनिक होने के बाद कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों के चार युवकों ने कोतवाली में तहरीर देकर फर्जीवाड़े का शिकार होने की शिकायत दर्ज कराई। फर्जीवाड़े के तार युवकों के अभिलेख नौकरी लगवाने के नाम पर दो सगे भाइयों ने लिए थे, जो कि फरार हैं।
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हरियाणा में रोहतक और हिसार के बीच नई रेल लाइन बिछाई जा रही है। इसी दौरान यहां से चार करोड़ रुपये का रेलवे का स्क्रैप चोरी कर लिया गया। इसकी रिपोर्ट रेल अफसरों ने रेलवे पुलिस के महम थाने में दर्ज कराई। जब इसकी विवेचना शुरू की गई, तो पुलिस ने हरियाणा के गोहाना निवासी पुनीत को गिरफ्तार किया। रेलवे स्क्रैप चोरी करने वाले गैंग का लीडर पुनीत ही है। पूछताछ में पुलिस ने पुनीत से स्क्रैप के बारे में जानकारी ली, तो पता चला कि उसने स्क्रैप अलग अलग कंपनियों के जरिए पंजाब के एक शहर में बेच दिया। जब कंपनियों की छानबीन हुई, तो पता चला कि जिन लोगों के अभिलेख लगे हैं, उन पतों पर संबंधित लोग रहते ही नहीं हैं। मौके पर जाने पर पुलिस को उक्त कंपनियां भी नहीं मिलीं। जब पुलिस ने कंपनी खोले जाने और लेन-देन में इस्तेमाल किए गए अभिलेखों को खंगाला, तो हरदोई जिले के कछौना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत अलग-अलग गांवों के लगभग 35 लोगों के नाम सामने आए। इन सभी के नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर न सिर्फ चोरी का माल खपाया गया, बल्कि करोड़ों रुपये की जीएसटी की चोरी भी की गई। (संवाद)
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यह था मामला

कछौना कस्बे के तिलकनगर निवासी अमन कुमार राठौर ई-रिक्शा चालक है। उसके ई-रिक्शा की बैटरी खराब होने के कारण रुपये की जरूरत पड़ी। इस पर उसने बैंक से लोन के लिए चक्कर लगाने शुरू किए। एक बैंक में बात होने पर उससे आईटीआर मांगा गया। आईटीआर दाखिल करने के लिए जनसेवा केंद्र पर पहुंचने पर उसे पता चला कि उसके पैनकार्ड पर छह करोड़ 67 लाख रुपये का लेन-देन दिख रहा है। जब इसकी जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि राठौर ट्रेडर्स के नाम से फर्म दिल्ली में रजिस्टर्ड है। यह फर्म स्क्रैप का कारोबार करती है। उसके अभिलेखों में छेड़छाड़ कर फर्जी फर्म खोली गई है।
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