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सफेद हाथी बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
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सवायजपुर। सरकारी चिकित्सा सुविधाएं हर स्तर पर बदहाल हैं। इलाज शुरू करने से पूर्व प्राथमिक स्तर पर रोग की पुख्ता पहचान (डायग्नोसिस) हो सके, इसके लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शुरू किए गए।
इन सेंटरों पर सभी प्रकार की सामान्य जांचों की सुविधा उपलब्ध कराई गई। धरातल पर ज्यादातर सेंटर बंद पड़े हैं, जबकि विभाग इनके संचालित होने का दावा कर रहा है।
भरखनी ब्लॉक में 14 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। इनमें छह सेंटर बंद हैं, विभागीय स्तर संचालित दिखाए गए हैं। इसके चलते यह वेलनेस सेंटर मरीजों का इलाज कराने में सिर्फ सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।
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यही नहीं महकमे के अफसर इन सेंटरों पर कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर तैनात होने की बात कह रहे हैं। सेंटर पर शुगर, ब्लड प्रेशर, स्तन कैंसर सहित अन्य गैर संचारी रोगों की जांच और परामर्श की सुविधा मिलनी है।
लेकिन अधिकतर केंद्रों पर न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही पानी का इंतजाम। कई सेंटर तो ऐसे हैं जो कभी कभी खुलते हैं कुछ तो कभी खुले ही नहीं।
ब्लाक में आयुष्मान भारत योजना के तहत ब्लाक के पत्यौरा ग्राम के नेवादा में कई साल पहले हेल्थ वेलनेस सेंटर की स्थापना की गई थी। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि अब तक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।
सेंटर रंगाई-पुताई होने के बाद भी बदहाल हैं। यहां कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर के अलावा एएनम कभी नहीं बैठतीं। वह विद्यालय परिसर में टीकाकरण करती हैं। सेंटर में फर्नीचर व चिकित्सीय उपकरणों नहीं हैं। गंदगी व टूटे दरवाजे व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। सेंटर अतिक्रमण की चपेट में है।
गांव के धनपाल, भैयालाल, संतोषी, सत्यवती आदि ने बताया कि जबसे सेंटर बना है, चालू ही नहीं हुआ। वह लोग इलाज कराने शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद जाते हैं या फिर हरदोई जिला मुख्यालय जो लगभग यहां से 70 किमी. दूर है।
इसी तरह क्षेत्र के आमतारा ,घसा, खिरिया, भईलामऊ, सहजनपुर ,उवरिया कला हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
डीएम से करेंगे सुविधा चालू कराने की मांग
पत्यौरा के प्रधान भुम्मी, भईलामऊ की प्रधान सोनवती, उबारिया कलां के प्रधान अखिलेश का भी कहना है कि उनके यहां के हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर बंद हैं।
कहा कि वह लोग इस संबंध में डीएम से मांग करेंगे कि निर्माण के बाद भी खाली पड़े इन सेंटरों पर मरीजों के लिए पर सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। ताकि क्षेत्रीय लोगों को इलाज के लिए दूसरी जगह दौड़ना न पड़े।
सेंटर में यह होनी हैं जांचें
इन सेंटर में हीमोग्लोबिन, यूरिन, गर्भ की जांच, ब्लड, ग्लूकोज, टीएलसी, डीएलसी, पेरिफेरल स्मेयर, ब्लड ग्रुपिंग, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार की जांच, रैपिड सिफलिस, टायफायड टेस्ट, हेपेटाइटिस के जांच की सुविधा मरीजों को देनी है।
लेकिन सेंटरों की स्थिति बदहाल होने की वजह से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अधीक्षक बोले कोई शिकायत नहीं मिली
पाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. आनंद शुक्ला ने ब्लॉक के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर चालू होने का दावा किया। बताया कि फिलहाल इस संबंध में उन्हें किसी ने शिकायत नहीं की है।
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इन सेंटरों पर सभी प्रकार की सामान्य जांचों की सुविधा उपलब्ध कराई गई। धरातल पर ज्यादातर सेंटर बंद पड़े हैं, जबकि विभाग इनके संचालित होने का दावा कर रहा है।
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भरखनी ब्लॉक में 14 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। इनमें छह सेंटर बंद हैं, विभागीय स्तर संचालित दिखाए गए हैं। इसके चलते यह वेलनेस सेंटर मरीजों का इलाज कराने में सिर्फ सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।
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यही नहीं महकमे के अफसर इन सेंटरों पर कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर तैनात होने की बात कह रहे हैं। सेंटर पर शुगर, ब्लड प्रेशर, स्तन कैंसर सहित अन्य गैर संचारी रोगों की जांच और परामर्श की सुविधा मिलनी है।
लेकिन अधिकतर केंद्रों पर न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही पानी का इंतजाम। कई सेंटर तो ऐसे हैं जो कभी कभी खुलते हैं कुछ तो कभी खुले ही नहीं।
ब्लाक में आयुष्मान भारत योजना के तहत ब्लाक के पत्यौरा ग्राम के नेवादा में कई साल पहले हेल्थ वेलनेस सेंटर की स्थापना की गई थी। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि अब तक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।
सेंटर रंगाई-पुताई होने के बाद भी बदहाल हैं। यहां कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर के अलावा एएनम कभी नहीं बैठतीं। वह विद्यालय परिसर में टीकाकरण करती हैं। सेंटर में फर्नीचर व चिकित्सीय उपकरणों नहीं हैं। गंदगी व टूटे दरवाजे व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। सेंटर अतिक्रमण की चपेट में है।
गांव के धनपाल, भैयालाल, संतोषी, सत्यवती आदि ने बताया कि जबसे सेंटर बना है, चालू ही नहीं हुआ। वह लोग इलाज कराने शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद जाते हैं या फिर हरदोई जिला मुख्यालय जो लगभग यहां से 70 किमी. दूर है।
इसी तरह क्षेत्र के आमतारा ,घसा, खिरिया, भईलामऊ, सहजनपुर ,उवरिया कला हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
डीएम से करेंगे सुविधा चालू कराने की मांग
पत्यौरा के प्रधान भुम्मी, भईलामऊ की प्रधान सोनवती, उबारिया कलां के प्रधान अखिलेश का भी कहना है कि उनके यहां के हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर बंद हैं।
कहा कि वह लोग इस संबंध में डीएम से मांग करेंगे कि निर्माण के बाद भी खाली पड़े इन सेंटरों पर मरीजों के लिए पर सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। ताकि क्षेत्रीय लोगों को इलाज के लिए दूसरी जगह दौड़ना न पड़े।
सेंटर में यह होनी हैं जांचें
इन सेंटर में हीमोग्लोबिन, यूरिन, गर्भ की जांच, ब्लड, ग्लूकोज, टीएलसी, डीएलसी, पेरिफेरल स्मेयर, ब्लड ग्रुपिंग, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार की जांच, रैपिड सिफलिस, टायफायड टेस्ट, हेपेटाइटिस के जांच की सुविधा मरीजों को देनी है।
लेकिन सेंटरों की स्थिति बदहाल होने की वजह से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अधीक्षक बोले कोई शिकायत नहीं मिली
पाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. आनंद शुक्ला ने ब्लॉक के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर चालू होने का दावा किया। बताया कि फिलहाल इस संबंध में उन्हें किसी ने शिकायत नहीं की है।