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Hardoi News: चालकों की हड़ताल से थमे वाहनों के पहिए
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हरदोई। मोटर व्हीकल एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में सोमवार को रोडवेज और निजी बस चालकों ने हड़ताल कर दी। जिले भर में 637 बसों का चक्का जाम रहा। रोजाना इन बसों से सफर करने वाले करीब 25000 यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं मिला। चालकों ने शहर में पैदल मार्च कर मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। हरपालपुर में चक्का जाम और प्रदर्शन के बीच क्षेत्रीय विधायक की गाड़ी भी फंस गई। संडीला में भी चालकों और कोतवाल के बीच तीखी नोकझोंक हुई। रोडवेज बसों का संचालन न होने के कारण एक ही दिन में लगभग 90 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। प्राइवेट टैक्सी भी नहीं चलीं।
हड़ताल के कारण स्थानीय बस अड्डे से संचालित होने वाली 137 बसों में से एक का भी संचालन नहीं हुआ। चालकों ने बसों को बस अड्डे और वर्कशाप में खड़ा कर दिया। बसें न चलने से यात्री परेशान रहे। घंटों इंतजार के बाद भी जब बस नहीं आई तो उन्हें पैदल ही घर लौटने को विवश होना पड़ा। बसों का संचालन न होने से हरदोई परिक्षेत्र में 90 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। मोटर व्हीकल एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में वाहन चालकों ने शहर में पैदल मार्च निकाला।
अस्पताल गेट के पास से पैदल मार्च शुरू हुआ, जो शहर के सिनेमा चौराहा, घंटाघर मार्ग, निजी बस स्टैंड, रोडवेज बस स्टेशन होते हुए कलक्ट्रेट परिसर पहुंचा और नगर मजिस्ट्रेट को कानून को वापस लेने की मांग के संबंध में ज्ञापन सौंपा। गोपामऊ-टड़ियांवा मार्ग पर वाहन चालकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। वाहन चालक ब्रज किशोर, लुकमान, फारूक, अनवार, शकील, कल्लू, नन्हे, बड़क्के, छोटू, अंसार, शकील, चंदू, तौहीद, सुधीर, असलम ने कहा कि एक्ट में किए गए संशोधन को वापस लिया जाए।
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रद्द की यात्रा या निजी साधन का लिया सहारा
जिले में 500 से अधिक निजी बसों का विभिन्न मार्गों पर संचालन होता है। हड़ताल में निजी बस के चालक भी शामिल हो गए। इससे शहर के किसी भी मार्ग पर निजी बसों का संचालन नहीं हुआ। रोडवेज बसों के चक्के थमने के बाद अधिकांश लोगों ने सफर पूरा करने के लिए प्राइवेट बसों की ओर रुख किया, लेकिन इन बसों का भी संचालन ठप होने से अधिकांश लोग भटकते रहे। अधिकांश लोगों को या तो अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी या फिर निजी साधनों का इस्तेमाल करना पड़ा।
1023 ट्रक भी खड़े रहे, दो दिन में दिखेगा असर
रोडवेज और प्राइवेट बसों के चालकों के साथ ही ट्रकों के पहिए भी थम गए हैं। ट्रक चालकों ने भी एक्ट में संशोधन का विरोध करते हुए हड़ताल कर दी है। जनपद में 1023 ट्रक हैं और सभी ट्रकों के पहिए थम गए हैं। ट्रकों की हड़ताल का असर अगले दो दिनों में नजर आ सकता है। फिलहाल ट्रक चालकों की हड़ताल से रोज मर्रा के इस्तेमाल की चीजों की कमी नहीं हुई है, लेकिन अगर हड़ताल खत्म नहीं हुई, तो डीजल-पेट्रोल के साथ ही गैस सिलिंडरों को लेकर दिक्कत हो सकती है।
संडीला में चालकों ने लगाया जाम
संडीला में चालकों ने हरदोई-लखनऊ मार्ग पर जाम लगा दिया। जानकारी पर कोतवाल नित्यानंद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जाम खुलवाने के लिए चालकों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान चालकों और कोतवाल के बीच तीखी बहस भी हो गई। पथिक रथ एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनी कांत मौर्या ने बताया कि क्षेत्रीय सांसद और विधायक जब तक बिल वापसी को लेकर कोई पुख्ता आश्वासन नहीं देंगे, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
हरपालपुर में विधायक का काफिला रोका
कटरा-बिल्हौर मार्ग पर ककरा गांव के पास चालकों ने रास्ता जाम कर नए कानून का विरोध किया। इसी दौरान उधर से निकले क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू का काफिला भी रोक लिया गया। विधायक को देखकर चालकों ने नए कानून के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। इसकी जानकारी पर सीओ विनोद कुमार दुबे और कोतवाल आनंद नारायण त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए। वाहन चालकों को समझा बुझाकर शांत किया।
चालक बिना सूचना के ड्यूटी पर नहीं आए हैं। इस कारण उनको अनुपस्थित माना गया है। वाहन चालकों के न आने से बसों का संचालन नहीं हो सका है। सभी 137 रोडवेज बसें खड़ी रहीं। इससे करीब 90 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अपराजित श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज।
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हड़ताल के कारण स्थानीय बस अड्डे से संचालित होने वाली 137 बसों में से एक का भी संचालन नहीं हुआ। चालकों ने बसों को बस अड्डे और वर्कशाप में खड़ा कर दिया। बसें न चलने से यात्री परेशान रहे। घंटों इंतजार के बाद भी जब बस नहीं आई तो उन्हें पैदल ही घर लौटने को विवश होना पड़ा। बसों का संचालन न होने से हरदोई परिक्षेत्र में 90 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। मोटर व्हीकल एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में वाहन चालकों ने शहर में पैदल मार्च निकाला।
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अस्पताल गेट के पास से पैदल मार्च शुरू हुआ, जो शहर के सिनेमा चौराहा, घंटाघर मार्ग, निजी बस स्टैंड, रोडवेज बस स्टेशन होते हुए कलक्ट्रेट परिसर पहुंचा और नगर मजिस्ट्रेट को कानून को वापस लेने की मांग के संबंध में ज्ञापन सौंपा। गोपामऊ-टड़ियांवा मार्ग पर वाहन चालकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। वाहन चालक ब्रज किशोर, लुकमान, फारूक, अनवार, शकील, कल्लू, नन्हे, बड़क्के, छोटू, अंसार, शकील, चंदू, तौहीद, सुधीर, असलम ने कहा कि एक्ट में किए गए संशोधन को वापस लिया जाए।
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रद्द की यात्रा या निजी साधन का लिया सहारा
जिले में 500 से अधिक निजी बसों का विभिन्न मार्गों पर संचालन होता है। हड़ताल में निजी बस के चालक भी शामिल हो गए। इससे शहर के किसी भी मार्ग पर निजी बसों का संचालन नहीं हुआ। रोडवेज बसों के चक्के थमने के बाद अधिकांश लोगों ने सफर पूरा करने के लिए प्राइवेट बसों की ओर रुख किया, लेकिन इन बसों का भी संचालन ठप होने से अधिकांश लोग भटकते रहे। अधिकांश लोगों को या तो अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी या फिर निजी साधनों का इस्तेमाल करना पड़ा।
1023 ट्रक भी खड़े रहे, दो दिन में दिखेगा असर
रोडवेज और प्राइवेट बसों के चालकों के साथ ही ट्रकों के पहिए भी थम गए हैं। ट्रक चालकों ने भी एक्ट में संशोधन का विरोध करते हुए हड़ताल कर दी है। जनपद में 1023 ट्रक हैं और सभी ट्रकों के पहिए थम गए हैं। ट्रकों की हड़ताल का असर अगले दो दिनों में नजर आ सकता है। फिलहाल ट्रक चालकों की हड़ताल से रोज मर्रा के इस्तेमाल की चीजों की कमी नहीं हुई है, लेकिन अगर हड़ताल खत्म नहीं हुई, तो डीजल-पेट्रोल के साथ ही गैस सिलिंडरों को लेकर दिक्कत हो सकती है।
संडीला में चालकों ने लगाया जाम
संडीला में चालकों ने हरदोई-लखनऊ मार्ग पर जाम लगा दिया। जानकारी पर कोतवाल नित्यानंद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जाम खुलवाने के लिए चालकों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान चालकों और कोतवाल के बीच तीखी बहस भी हो गई। पथिक रथ एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनी कांत मौर्या ने बताया कि क्षेत्रीय सांसद और विधायक जब तक बिल वापसी को लेकर कोई पुख्ता आश्वासन नहीं देंगे, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
हरपालपुर में विधायक का काफिला रोका
कटरा-बिल्हौर मार्ग पर ककरा गांव के पास चालकों ने रास्ता जाम कर नए कानून का विरोध किया। इसी दौरान उधर से निकले क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू का काफिला भी रोक लिया गया। विधायक को देखकर चालकों ने नए कानून के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। इसकी जानकारी पर सीओ विनोद कुमार दुबे और कोतवाल आनंद नारायण त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए। वाहन चालकों को समझा बुझाकर शांत किया।
चालक बिना सूचना के ड्यूटी पर नहीं आए हैं। इस कारण उनको अनुपस्थित माना गया है। वाहन चालकों के न आने से बसों का संचालन नहीं हो सका है। सभी 137 रोडवेज बसें खड़ी रहीं। इससे करीब 90 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अपराजित श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज।