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नियमितीकरण के नाम पर धोखा दिया गया : लाल
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Sun, 23 Aug 2015 11:50 PM IST
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यदि प्रदेश सरकार ने कार्यरत सफाई कर्मचारी, संविदा
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कर्मियों के साथ किए गए वादे और घोषणाओं को शीघ्र पूरा नहीं किया तो प्रदेश
का सफाईकर्मी सरकार की वादा खिलाफी, हवाई घोषणाओं के खिलाफ लखनऊ में धरना
प्रदर्शन करेगा।
उक्त बात सफाई मजदूर संघ की रविवार को हुई बैठक को संबोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष राहुल दयाल वाल्मीकि ने कही। कहा कि कु छ लोग जो संघ से हटा दिए गए हैं, वह विधायक के नाम पर सफाईकर्मियों को गुमराह कर रहे हैं। प्रांतीय महामंत्री मानिक लाल नागर ने कहा कि 26 नवंबर 13 को सीएम अखिलेश यादव ने लखनऊ में घोषणा की थी कि कमेटी गठित कर निकायों में कार्यरत संविदाकर्मियों को स्थाई किया जाएगा।
प्रदेश में 40 हजार संविदा सफाईकर्मियों की भर्ती भी होगी, पर दो साल बाद भी शासनादेश जारी नहीं हुए, जबकि मुख्यमंत्री ने अन्य विभागों में 22 जून 90 से लेकर 31 मार्च 96 तक के संविदा कर्मियों को स्थाई करने का निर्णय लिया और निकाय सफाईकर्मियों को छोड़ दें तो कर्मियों के साथ खुला पक्षपात है।
कहा कि सरकार सफाई कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही, जिससे पूरे प्रदेश के सफाई कर्मियों में रोष है। वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष गोपाल वाल्मीकि ने कहा कि अब समय आ गया कि प्रदेश का सफाई कर्मचारी मनमुटाव छोड़कर संगठित हो जाएं और संघर्ष का रास्ता अपनाए। इस मौके पर प्रांतीय कोषाध्यक्ष रमेश वाल्मीकि, विनय, महेश वाल्मीकि, अखिलेश आनंद, छोटे लाल, संतोष वर्मा, रामनाथ आजाद, अशोक, राजेंद्र वाल्मीकि, दिलीप अमरोहा आदि मौजूद थे।
उक्त बात सफाई मजदूर संघ की रविवार को हुई बैठक को संबोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष राहुल दयाल वाल्मीकि ने कही। कहा कि कु छ लोग जो संघ से हटा दिए गए हैं, वह विधायक के नाम पर सफाईकर्मियों को गुमराह कर रहे हैं। प्रांतीय महामंत्री मानिक लाल नागर ने कहा कि 26 नवंबर 13 को सीएम अखिलेश यादव ने लखनऊ में घोषणा की थी कि कमेटी गठित कर निकायों में कार्यरत संविदाकर्मियों को स्थाई किया जाएगा।
प्रदेश में 40 हजार संविदा सफाईकर्मियों की भर्ती भी होगी, पर दो साल बाद भी शासनादेश जारी नहीं हुए, जबकि मुख्यमंत्री ने अन्य विभागों में 22 जून 90 से लेकर 31 मार्च 96 तक के संविदा कर्मियों को स्थाई करने का निर्णय लिया और निकाय सफाईकर्मियों को छोड़ दें तो कर्मियों के साथ खुला पक्षपात है।
कहा कि सरकार सफाई कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही, जिससे पूरे प्रदेश के सफाई कर्मियों में रोष है। वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष गोपाल वाल्मीकि ने कहा कि अब समय आ गया कि प्रदेश का सफाई कर्मचारी मनमुटाव छोड़कर संगठित हो जाएं और संघर्ष का रास्ता अपनाए। इस मौके पर प्रांतीय कोषाध्यक्ष रमेश वाल्मीकि, विनय, महेश वाल्मीकि, अखिलेश आनंद, छोटे लाल, संतोष वर्मा, रामनाथ आजाद, अशोक, राजेंद्र वाल्मीकि, दिलीप अमरोहा आदि मौजूद थे।