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Hardoi News: जलभराव ने औद्योगिक इकाइयों की धीमी की रफ्तार
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सवाद न्यूज एजेंसी
संडीला। बारिश के पानी से हुए जलभराव ने औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों की रफ्तार को कम कर दिया है। कच्चे माल को लाने व तैयार माल के ट्रांसपोर्ट में समस्या हो रही है। कई दिनों से जलभराव के कारण उद्यमियों, कर्मचारियों व श्रमिकों को अपने प्रतिष्ठान तक जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र के फेज-दो में जलभराव के कारण एक उद्यमी ने अपनी नवीन फैक्ट्री का निर्माण ही रोक दिया है। समस्या समाधान के लिए यूपीसीडा के अधिकारियों को पत्र भी लिखा है।
औद्योगिक क्षेत्र में जलनिकासी के पर्याप्त इंतजाम न होने कारण कई दिन पहले हुई बारिश का पानी अभी भी क्षेत्र व मार्गों पर भरा हुआ है। सरकार की ओर से उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किए जाने के चलते यहां पर औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को गति मिली है। उद्यमियों मूलभूत सुविधाएं व सहूलियत नहीं मिल पा रहीं हैं। इससे समस्याओं का सामना करना पड़ता है और उनका नुकसान भी होता है।
यहां के औद्योगिक क्षेत्र को चार फेज में बनाया गय है। इसमें नामीग्रामी करीब 200 से 250 छोटी-बड़ी फैक्टरियां लगी हैं। यहां पर पर्याप्त इंतजाम न होने से हर बार की तरह इस बार भी बरसात में सड़कों पर पानी भरा हुआ है। सड़को में बड़े-बड़े गड्ढा होने के कारण कच्चा माल लाने व तैयार माल ले जाते समय छोटे-बड़े वाहन फंस जाते हैं।
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प्लास्टिक पाइप का निर्माण ठप
फेज 2 में लगने वाली एक प्लास्टिक पाइप के फैक्ट्री का काम भी जलभराव के कारण बंद हो गया है। उद्यमी नरेंद्र सिंह ने यूपीसीडा के रीजनल मैनेजर को पत्र लिखकर जलनिकासी की व्यवस्था कराने की बात कही है। कहा है कि जलभराव के कारण निर्माण रोकना पड़ा है।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के संडीला औद्योगिक क्षेत्र इकाई के अध्यक्ष अमित भदौरिया का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र के मार्गों की हालत बहुत जर्जर है। इस कारण उद्यमियों को बड़ी समस्या होती है। समस्या निराकरण के लिए मुख्यमंत्री, शासन व यूपीसीडा के अधिकारियों को पत्र भी लिखे गए मगर, समस्या का निदान नहीं हो पा रहा।
उद्यमी अमरेश सिंह ने बताया कि फेज-2 स्थित हमारे प्लॉट वाले मार्ग की पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। इससे इस मार्ग पर की अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी कच्चा माल व उत्पाद के आवागमन में बहुत समस्या आती है। उद्योग बंधु की मीटिंग में कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी पुलिया मरम्मत नहीं हुई।
उद्यमी आदर्श अग्रवाल ने बताया कि फैक्ट्री के आसपास रोड की जर्जर हैं, अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी सड़कें नहीं बन पा रही हैं। वाहन फंस जाने के कारण ट्रांसपोर्ट में भी दिक्कतें आती हैं।
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वर्जन
यूपीसीडा के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में कराए जाने वाले कार्यों की कार्ययोजना बनवा ली गई है। कुछ मार्गों पर काम शुरू कराया गया है। अन्य के इस्टीमेट तैयार करा लिए गए हैं।
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संडीला। बारिश के पानी से हुए जलभराव ने औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों की रफ्तार को कम कर दिया है। कच्चे माल को लाने व तैयार माल के ट्रांसपोर्ट में समस्या हो रही है। कई दिनों से जलभराव के कारण उद्यमियों, कर्मचारियों व श्रमिकों को अपने प्रतिष्ठान तक जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र के फेज-दो में जलभराव के कारण एक उद्यमी ने अपनी नवीन फैक्ट्री का निर्माण ही रोक दिया है। समस्या समाधान के लिए यूपीसीडा के अधिकारियों को पत्र भी लिखा है।
औद्योगिक क्षेत्र में जलनिकासी के पर्याप्त इंतजाम न होने कारण कई दिन पहले हुई बारिश का पानी अभी भी क्षेत्र व मार्गों पर भरा हुआ है। सरकार की ओर से उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किए जाने के चलते यहां पर औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को गति मिली है। उद्यमियों मूलभूत सुविधाएं व सहूलियत नहीं मिल पा रहीं हैं। इससे समस्याओं का सामना करना पड़ता है और उनका नुकसान भी होता है।
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यहां के औद्योगिक क्षेत्र को चार फेज में बनाया गय है। इसमें नामीग्रामी करीब 200 से 250 छोटी-बड़ी फैक्टरियां लगी हैं। यहां पर पर्याप्त इंतजाम न होने से हर बार की तरह इस बार भी बरसात में सड़कों पर पानी भरा हुआ है। सड़को में बड़े-बड़े गड्ढा होने के कारण कच्चा माल लाने व तैयार माल ले जाते समय छोटे-बड़े वाहन फंस जाते हैं।
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प्लास्टिक पाइप का निर्माण ठप
फेज 2 में लगने वाली एक प्लास्टिक पाइप के फैक्ट्री का काम भी जलभराव के कारण बंद हो गया है। उद्यमी नरेंद्र सिंह ने यूपीसीडा के रीजनल मैनेजर को पत्र लिखकर जलनिकासी की व्यवस्था कराने की बात कही है। कहा है कि जलभराव के कारण निर्माण रोकना पड़ा है।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के संडीला औद्योगिक क्षेत्र इकाई के अध्यक्ष अमित भदौरिया का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र के मार्गों की हालत बहुत जर्जर है। इस कारण उद्यमियों को बड़ी समस्या होती है। समस्या निराकरण के लिए मुख्यमंत्री, शासन व यूपीसीडा के अधिकारियों को पत्र भी लिखे गए मगर, समस्या का निदान नहीं हो पा रहा।
उद्यमी अमरेश सिंह ने बताया कि फेज-2 स्थित हमारे प्लॉट वाले मार्ग की पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। इससे इस मार्ग पर की अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी कच्चा माल व उत्पाद के आवागमन में बहुत समस्या आती है। उद्योग बंधु की मीटिंग में कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी पुलिया मरम्मत नहीं हुई।
उद्यमी आदर्श अग्रवाल ने बताया कि फैक्ट्री के आसपास रोड की जर्जर हैं, अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी सड़कें नहीं बन पा रही हैं। वाहन फंस जाने के कारण ट्रांसपोर्ट में भी दिक्कतें आती हैं।
वर्जन
यूपीसीडा के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में कराए जाने वाले कार्यों की कार्ययोजना बनवा ली गई है। कुछ मार्गों पर काम शुरू कराया गया है। अन्य के इस्टीमेट तैयार करा लिए गए हैं।