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बारिश के बाद मंडी में जगह जगह जलभराव, खुले में रखा धान भीगा
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बारिश के बाद गल्ला मंडी परिसर में सड़क पर भरा पानी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। गुरुवार देर रात हुई झमाझम बारिश से शहर के साथ ही नवीन गल्ला मंडी में जबरदस्त जलभराव हो गया। मंडी के कई हिस्से तालाब में तब्दील हो गए। खुले में रखा हजारों क्विंटल धान भीग गया। शुक्रवार सुबह सचिव बबलू लाल ने मंडी का भ्रमण किया और कर्मी दिन भर जल निकासी के इंतजाम मेें लगे रहे।
गुरुवार रात लगभग दस बजे शुरू हुई बारिश पौन घंटे तक हुई। मंडी में धान की आवक अधिक होने से सड़कों पर भी धान के ढेर लगे हैं। बारिश से खुले में रखा धान भीग गया। नालियां चोक होने से जगह-जगह मंडी परिसर में पानी भर गया। धान भीगने से अब इसके खराब होने की आशंका से व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह मंडी सचिव बबलू लाल ने स्टाफ व सफाईकर्मियों के साथ स्थिति देखी। मंडी प्रशासन की ओर से जलभराव को खत्म करने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मी लगाए गए हैं।
छह व्यापारियों को नोटिस
कई जगह नालियां चोक मिलने व आसपास धान लगा मिलने पर मंडी सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नालियां चोक होने से जल निकासी प्रभावित हुई है। सड़क पर धान का ढेर लगाने वाले छह व्यापारियों को चिह्नित कर नोटिस भेजकर दोबारा ऐसा न करने की चेतावनी दी गई है। बारिश से भीगे धान का सही आंकड़ा जुटाया जा रहा है।
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मंडी के व्यापारी दृगपाल सिंह ने बताया कि मंडी प्रशासन की ओर से परिसर की सफाई में लापरवाही बरती जा रही है। हफ्तों बीत जाता है, लेकिन कोई सफाईकर्मी नालियां साफ करने नहीं आता। बताया कि गुरुवार रात हुई बारिश और जलभराव से व्यापारियों और किसानों का काफी नुकसान हुआ है।
व्यापारी रामसरन गुप्ता ने बताया कि बाजार में इन दिनों धान की आवक अच्छी है। बारिश में धान भीग गया, इससे किसान व व्यापारी, दोनों का नुकसान हुआ है। कहा कि मंडी में आवक की सापेक्ष उपज को रखने व उसे संरक्षित करने के इंतजाम नाकाफी है। बाजार में सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता है।
मंडी में धान लेकर आए किसान प्यारेलाल ने बताया कि वह गुरुवार को दिन में धान लेकर मंडी आया था। पहले तो आधे से ज्यादा दिन जाम से जूझने में निकल गया। शाम को जैसे-तैसे व्यापारी के फड़ के पास खुले में धान का ढेर लगाया। तौल होती इससे पहले ही रात में हुई बरिश में धान पूरी तरह से भीग गया है।
भदैचा गांव निवासी किसान रामदेव ने बताया कि उनके समेत बाजार में भारी मात्रा में किसानों व व्यापारियों का धान खुले में रखा था। बारिश में काफी धान भीग गया है। धान भीगने के बाद उसके खराब होने व रेट गिरने की आशंका है।
हरदोई। बारिश के बाद मौसम सर्द हो गया है। गुरुवार रात और शुक्रवार को पूरे दिन ठंडी हवाएं चलती रहीं। मौसम में आई इस तब्दीली के बाद महिलाएं, बच्चे व बूढ़े सभी ने सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का प्रयोग शुरू कर दिया है। मौसम वैज्ञानिक रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि गुरुवार को 13 मिलीमीटर बारिश हुई है। बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट आई है।
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गुरुवार रात लगभग दस बजे शुरू हुई बारिश पौन घंटे तक हुई। मंडी में धान की आवक अधिक होने से सड़कों पर भी धान के ढेर लगे हैं। बारिश से खुले में रखा धान भीग गया। नालियां चोक होने से जगह-जगह मंडी परिसर में पानी भर गया। धान भीगने से अब इसके खराब होने की आशंका से व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह मंडी सचिव बबलू लाल ने स्टाफ व सफाईकर्मियों के साथ स्थिति देखी। मंडी प्रशासन की ओर से जलभराव को खत्म करने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मी लगाए गए हैं।
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छह व्यापारियों को नोटिस
कई जगह नालियां चोक मिलने व आसपास धान लगा मिलने पर मंडी सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नालियां चोक होने से जल निकासी प्रभावित हुई है। सड़क पर धान का ढेर लगाने वाले छह व्यापारियों को चिह्नित कर नोटिस भेजकर दोबारा ऐसा न करने की चेतावनी दी गई है। बारिश से भीगे धान का सही आंकड़ा जुटाया जा रहा है।
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मंडी के व्यापारी दृगपाल सिंह ने बताया कि मंडी प्रशासन की ओर से परिसर की सफाई में लापरवाही बरती जा रही है। हफ्तों बीत जाता है, लेकिन कोई सफाईकर्मी नालियां साफ करने नहीं आता। बताया कि गुरुवार रात हुई बारिश और जलभराव से व्यापारियों और किसानों का काफी नुकसान हुआ है।
व्यापारी रामसरन गुप्ता ने बताया कि बाजार में इन दिनों धान की आवक अच्छी है। बारिश में धान भीग गया, इससे किसान व व्यापारी, दोनों का नुकसान हुआ है। कहा कि मंडी में आवक की सापेक्ष उपज को रखने व उसे संरक्षित करने के इंतजाम नाकाफी है। बाजार में सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता है।
मंडी में धान लेकर आए किसान प्यारेलाल ने बताया कि वह गुरुवार को दिन में धान लेकर मंडी आया था। पहले तो आधे से ज्यादा दिन जाम से जूझने में निकल गया। शाम को जैसे-तैसे व्यापारी के फड़ के पास खुले में धान का ढेर लगाया। तौल होती इससे पहले ही रात में हुई बरिश में धान पूरी तरह से भीग गया है।
भदैचा गांव निवासी किसान रामदेव ने बताया कि उनके समेत बाजार में भारी मात्रा में किसानों व व्यापारियों का धान खुले में रखा था। बारिश में काफी धान भीग गया है। धान भीगने के बाद उसके खराब होने व रेट गिरने की आशंका है।
हरदोई। बारिश के बाद मौसम सर्द हो गया है। गुरुवार रात और शुक्रवार को पूरे दिन ठंडी हवाएं चलती रहीं। मौसम में आई इस तब्दीली के बाद महिलाएं, बच्चे व बूढ़े सभी ने सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का प्रयोग शुरू कर दिया है। मौसम वैज्ञानिक रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि गुरुवार को 13 मिलीमीटर बारिश हुई है। बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट आई है।