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गवाही देने न आने पर दरोगा को वारंट जारी
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हरदोई। अदालत के बार-बार बुलाए जाने के बावजूद गवाही देने न आने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ( फास्ट ट्रैक कोर्ट) वायु नंदन मिश्रा ने साक्षी दरोगा के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है। अदालत ने वर्तमान में लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में तैनात उपनिरीक्षक पर अर्थदंड लगा उनके वेतन से कटौती के निर्देश दिए हैं। उपनिरीक्षक के विरुद्ध वारंट जारी कर तामीला के लिए एसएसपी लखनऊ को भी लिखा है ।
अदालत में दुष्कर्म के अपराध से संबंधित चल रहे सरकार बनाम भगवानबख्श के मुकदमे में एसआई कुलदीप सिंह सेंगर के साक्ष्य के लिए पत्रावली नियत चल रही थी। अदालत से कई बार सूचना के बावजूद दारोगा अदालत में हाजिर नहीं हुए। अदालत ने एसआई को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत धारा 350 की नोटिस भी जारी की थाने के पैरोकार व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि उपनिरीक्षक को नोटिस का तामीला हेड कांस्टेबिल आनंद कुमार दुबे के माध्यम से हो चुका है।
वहीं उपनिरीक्षक के विरुद्ध जमानती वारंट भी जारी किए गए थे। शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी फोन से एसआई को सूचित किया था। अदालत नेे इसे एसआई की हठधर्मिता करार दिया। कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 350 के तहत उप निरीक्षक कुलदीप सिंह सेंगर को 100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया जाता है। उक्त धनराशि उपनिरीक्षक के वेतन से कटौती करके न्यायालय में अग्रिम तिथि तक जमा करना सुनिश्चित किया जाए।
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साक्षी के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर पुलिस महानिदेशक लखनऊ को प्रेषित किया जाए। यदि साक्षी पर वारंट का तामीला कराते हुए न्यायालय में साक्ष्य के लिए अग्रिम तिथि पर पेश नहीं किया जाता है तो कोर्ट के आदेश की अवहेलना के संबंध में प्रकरण उच्च न्यायालय को भेजे जाने पर भी अदालत विचार करेगी। अदालत ने संबंधित आदेश के बाबत पुलिस अधीक्षक हरदोई, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ व पुलिस महानिदेशक लखनऊ को आदेश की प्रति भेजे जाने का निर्देश दिया। सुनवाई के लिए 14 नवंबर की अगली तिथि जय की है।
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अदालत में दुष्कर्म के अपराध से संबंधित चल रहे सरकार बनाम भगवानबख्श के मुकदमे में एसआई कुलदीप सिंह सेंगर के साक्ष्य के लिए पत्रावली नियत चल रही थी। अदालत से कई बार सूचना के बावजूद दारोगा अदालत में हाजिर नहीं हुए। अदालत ने एसआई को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत धारा 350 की नोटिस भी जारी की थाने के पैरोकार व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि उपनिरीक्षक को नोटिस का तामीला हेड कांस्टेबिल आनंद कुमार दुबे के माध्यम से हो चुका है।
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वहीं उपनिरीक्षक के विरुद्ध जमानती वारंट भी जारी किए गए थे। शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी फोन से एसआई को सूचित किया था। अदालत नेे इसे एसआई की हठधर्मिता करार दिया। कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 350 के तहत उप निरीक्षक कुलदीप सिंह सेंगर को 100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया जाता है। उक्त धनराशि उपनिरीक्षक के वेतन से कटौती करके न्यायालय में अग्रिम तिथि तक जमा करना सुनिश्चित किया जाए।
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साक्षी के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर पुलिस महानिदेशक लखनऊ को प्रेषित किया जाए। यदि साक्षी पर वारंट का तामीला कराते हुए न्यायालय में साक्ष्य के लिए अग्रिम तिथि पर पेश नहीं किया जाता है तो कोर्ट के आदेश की अवहेलना के संबंध में प्रकरण उच्च न्यायालय को भेजे जाने पर भी अदालत विचार करेगी। अदालत ने संबंधित आदेश के बाबत पुलिस अधीक्षक हरदोई, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ व पुलिस महानिदेशक लखनऊ को आदेश की प्रति भेजे जाने का निर्देश दिया। सुनवाई के लिए 14 नवंबर की अगली तिथि जय की है।