{"_id":"5f774d2d8ebc3e9bb02fd9b8","slug":"up-goverment-is-not-working-properly-hardoi-news-knp5861022122","type":"story","status":"publish","title_hn":"तानाशाही पर उतारू है यूपी सरकार : बब्बू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तानाशाही पर उतारू है यूपी सरकार : बब्बू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहाबाद पूर्व विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष के पति आसिफ खां बब्बू ने कहा है कि यूपी सरकार अपराधों पर लगाम लगाने में पूरी तरह से विफल हो चुकी है। सरकार लोकतंत्र का मजाक बना रही है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।
शाहाबाद में बलाईकोट स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू ने कहा कि हाथरस कांड को लेकर पुलिस और प्रशासन के रवैये ने सरकार की कलई खोल दी है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अगर विपक्ष कोई आवाज उठाता है तो लाठियां चलाई जाती हैं। आरोप लगाया कि हाथरस में मृतका के परिजनों को पुलिस ने दौड़ाकर पीटा है।
कहा कि सरकार एक बेटी को गरिमापूर्ण जीवन नहीं दे सकी। सम्मान जनक अंतिम विदाई तो होने देती। धार्मिक परंपराओं को किनारे रख अंतिम संस्कार किए जाने को उन्होंने शर्मनाक बताया। हाथरस के बाद बलरामपुर में भी एक बेटी के साथ हुई घटना पर आक्रोश जताते हुए उन्होंने कहा कि आखिर पुलिस क्या छिपाना चाहती है और किसको बचाना चाहती है। हाथरस कांड में तो ऐसे बयान सामने आ रहे हैं, इसमें खुद पुलिस घेरे में आ रही है। पीड़िता के गांव में न तो नेताओं को जाने दिया जा रहा है और न ही मीडिया को।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाहाबाद में बलाईकोट स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू ने कहा कि हाथरस कांड को लेकर पुलिस और प्रशासन के रवैये ने सरकार की कलई खोल दी है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अगर विपक्ष कोई आवाज उठाता है तो लाठियां चलाई जाती हैं। आरोप लगाया कि हाथरस में मृतका के परिजनों को पुलिस ने दौड़ाकर पीटा है।
विज्ञापन
कहा कि सरकार एक बेटी को गरिमापूर्ण जीवन नहीं दे सकी। सम्मान जनक अंतिम विदाई तो होने देती। धार्मिक परंपराओं को किनारे रख अंतिम संस्कार किए जाने को उन्होंने शर्मनाक बताया। हाथरस के बाद बलरामपुर में भी एक बेटी के साथ हुई घटना पर आक्रोश जताते हुए उन्होंने कहा कि आखिर पुलिस क्या छिपाना चाहती है और किसको बचाना चाहती है। हाथरस कांड में तो ऐसे बयान सामने आ रहे हैं, इसमें खुद पुलिस घेरे में आ रही है। पीड़िता के गांव में न तो नेताओं को जाने दिया जा रहा है और न ही मीडिया को।
विज्ञापन