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Hardoi News: मुंबई ले जाकर युवती से दुष्कर्म में फूफा-भतीजा को 10-10 साल की सजा
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हरदोई। साढ़े दस साल पहले युवती को बहलाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला जज (एफटीसी महिला) यशपाल ने बुधवार को सजा सुनाई।
फूफा-भतीजा को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई। दोनों अभियुक्तों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न देने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को भी देने के आदेश अपर जिला जज ने दिए हैं। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तीन नवंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी पोती (19) को गांव का ही रामनरेश व उसके साले का पुत्र शाहजहांपुर जनपद के थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के गांव परमाली निवासी सुनील कुमार अक्तूबर 2014 को घर से बहलाकर ले गया था। आरोपियों से पोती को वापस भेजने को कहा तो दोनों ने मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सुनील और राम नरेश के खिलाफ बहलाकर ले जाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
विवेचना के बाद पुलिस ने अली अहमद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। साक्ष्य के अभाव में रामनरेश और सुनील का नाम आरोप पत्र से निकाल दिया था। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बताया था कि सुनील और राम नरेश ने नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। इसी कारण वह दोनों के साथ चली गई थी। उसे मुंबई में ले जाकर एक कमरे में रखा गया। वहीं, अली अहमद भी आ गया था। तीनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। चार पांच दिन बाद युवती को छोड़कर सुनील और राम नरेश वापस आ गए थे।
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अली ने उसे मुंबई में अपने साथ दो महीने रखा था। दो महीने बाद अली उसके साथ आंझी रेलवे स्टेशन शाहाबाद आया था वहीं से पुलिस ने दोनों को पकड़ा था। सुनवाई के दौरान अली अहमद की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष से पांच गवाहों को पेश किया गया। साथ ही छह अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने सजा सुनाई।
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फूफा-भतीजा को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई। दोनों अभियुक्तों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न देने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को भी देने के आदेश अपर जिला जज ने दिए हैं। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तीन नवंबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी पोती (19) को गांव का ही रामनरेश व उसके साले का पुत्र शाहजहांपुर जनपद के थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के गांव परमाली निवासी सुनील कुमार अक्तूबर 2014 को घर से बहलाकर ले गया था। आरोपियों से पोती को वापस भेजने को कहा तो दोनों ने मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सुनील और राम नरेश के खिलाफ बहलाकर ले जाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
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विवेचना के बाद पुलिस ने अली अहमद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। साक्ष्य के अभाव में रामनरेश और सुनील का नाम आरोप पत्र से निकाल दिया था। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बताया था कि सुनील और राम नरेश ने नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। इसी कारण वह दोनों के साथ चली गई थी। उसे मुंबई में ले जाकर एक कमरे में रखा गया। वहीं, अली अहमद भी आ गया था। तीनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। चार पांच दिन बाद युवती को छोड़कर सुनील और राम नरेश वापस आ गए थे।
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अली ने उसे मुंबई में अपने साथ दो महीने रखा था। दो महीने बाद अली उसके साथ आंझी रेलवे स्टेशन शाहाबाद आया था वहीं से पुलिस ने दोनों को पकड़ा था। सुनवाई के दौरान अली अहमद की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष से पांच गवाहों को पेश किया गया। साथ ही छह अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने सजा सुनाई।