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Hardoi News: मारपीट के मामले में दो दोषियों को परिवीक्षा की सजा सुनाई
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हरदोई। मारपीट के 32 साल पुराने मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या दो सचिन वर्मा ने दो को दोषी करार दिया है। आरोपियों की 32 साल न्यायालय में उपस्थिति को सजा मानते हुए एक साल की परिवीक्षा का आदेश सुनाया है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की पूरी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीडि़त को देने के आदेश दिए हैं।
बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के करौंधी निवासी इतवारी ने 22 मई 1994 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह अपने बाग में ताड़ी का व्यापार करता था। ताड़ी के बकाया रुपये पड़ोस के गांव में मांगने जा रहा था। इसी दौरान करौंधी निवासी गुड्डू ने बकायादार इतवारी से रुपये न देने की बात कही और पिटाई कर दी थी। इसी बीच नरेंद्र सिंह, पप्पू और अशोक भी मौके पर आ गए थे। चारों लोगों ने मिलकर इतवारी की पिटाई की थी। शोर सुनकर इतवारी के पिता और भाई बचाने आए थे। आरोपियों ने इनकी भी पिटाई कर दी थी। चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अशोक और गुड्डू की मौत हो गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाहों को पेश किया गया। सहायक अभियोजन अधिकारी ने कहा कि अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। अधिक से अधिक दंड दिए जाने की मांग की। अभियुक्तों के वकील ने कहा कि मुकदमा वर्ष 1994 से लंबित है। सुनवाई 32 साल से चल रही है। आरोपियों ने सुनवाई में पूरा सहयोग किया है। इस लिहाज से पर्याप्त सजा मिल चुकी है और दोनों आरोपी बुजुर्ग भी हो गए हैं। परिवीक्षा पर रिहा किए जाने की मांग की। सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि नरेंद्र सिंह व पप्पू सिंह ने रुपये मांगने को लेकर विवाद में वादी उसके भाई व पिता के साथ मारपीट की थी। न्यायालय ने 32 साल तक हाजिर होना ही सजा मानते हुए परिवीक्षा का लाभ दिया है। अभियुक्तों को एक साल तक प्रोबेशन अधिकारी के यहां हाजिरी लगानी होगी।
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बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के करौंधी निवासी इतवारी ने 22 मई 1994 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह अपने बाग में ताड़ी का व्यापार करता था। ताड़ी के बकाया रुपये पड़ोस के गांव में मांगने जा रहा था। इसी दौरान करौंधी निवासी गुड्डू ने बकायादार इतवारी से रुपये न देने की बात कही और पिटाई कर दी थी। इसी बीच नरेंद्र सिंह, पप्पू और अशोक भी मौके पर आ गए थे। चारों लोगों ने मिलकर इतवारी की पिटाई की थी। शोर सुनकर इतवारी के पिता और भाई बचाने आए थे। आरोपियों ने इनकी भी पिटाई कर दी थी। चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अशोक और गुड्डू की मौत हो गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाहों को पेश किया गया। सहायक अभियोजन अधिकारी ने कहा कि अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। अधिक से अधिक दंड दिए जाने की मांग की। अभियुक्तों के वकील ने कहा कि मुकदमा वर्ष 1994 से लंबित है। सुनवाई 32 साल से चल रही है। आरोपियों ने सुनवाई में पूरा सहयोग किया है। इस लिहाज से पर्याप्त सजा मिल चुकी है और दोनों आरोपी बुजुर्ग भी हो गए हैं। परिवीक्षा पर रिहा किए जाने की मांग की। सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि नरेंद्र सिंह व पप्पू सिंह ने रुपये मांगने को लेकर विवाद में वादी उसके भाई व पिता के साथ मारपीट की थी। न्यायालय ने 32 साल तक हाजिर होना ही सजा मानते हुए परिवीक्षा का लाभ दिया है। अभियुक्तों को एक साल तक प्रोबेशन अधिकारी के यहां हाजिरी लगानी होगी।
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