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Hardoi News: गैर इरादतन हत्या में दो सगे भाइयों को सात साल की कैद
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संडीला के मीरनगर अजिगवां में पिटाई से वृद्धा की हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गैर इरादतन हत्या के सात साल पुराने मामले में दो सगे भाइयों को दोषी करार दिया गया है। जिला जज संजीव शुक्ला ने दोनों को सात साल की सजा सुनाई है। नौ हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। लाठी-डंडे से पीटे जाने के कारण वृद्धा की मौत हो गई थी।
संडीला कोतवाली क्षेत्र के मीरनगर अजिगवां निवासी राजू ने 29 जुलाई 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 29 जुलाई को दिन में करीब ढाई बजे गांव के ही जगदीश और हरिश्चंद्र (सगे भाई) मकान में घुस रहे थे। राजू की मां गंगा देवी उर्फ जानकी के विरोध जताने पर दोनों गाली गलौज करने लगे थे।
विरोध करने पर जानकी को लाठी-डंडे से पीटा था। गंगा देवी को सीएचसी से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। 30 जुलाई जानकी की मौत हो गई थी। विवेचना में पता चला था कि दोषियों के भाई की जमीन व घर मृतका के बेटे ने खरीद लिया था। यह वापस करने का दबाव अभियुक्त बनाते थे। घटना वाले दिन भी जमीन और घर वापस करने के लिए कहा था। इसी बात पर झगड़ा हुआ था।
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अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही 11 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार जिला जज संजीव शुक्ला ने अभियुक्तों को सजा सुनाई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गैर इरादतन हत्या के सात साल पुराने मामले में दो सगे भाइयों को दोषी करार दिया गया है। जिला जज संजीव शुक्ला ने दोनों को सात साल की सजा सुनाई है। नौ हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। लाठी-डंडे से पीटे जाने के कारण वृद्धा की मौत हो गई थी।
संडीला कोतवाली क्षेत्र के मीरनगर अजिगवां निवासी राजू ने 29 जुलाई 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 29 जुलाई को दिन में करीब ढाई बजे गांव के ही जगदीश और हरिश्चंद्र (सगे भाई) मकान में घुस रहे थे। राजू की मां गंगा देवी उर्फ जानकी के विरोध जताने पर दोनों गाली गलौज करने लगे थे।
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विरोध करने पर जानकी को लाठी-डंडे से पीटा था। गंगा देवी को सीएचसी से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। 30 जुलाई जानकी की मौत हो गई थी। विवेचना में पता चला था कि दोषियों के भाई की जमीन व घर मृतका के बेटे ने खरीद लिया था। यह वापस करने का दबाव अभियुक्त बनाते थे। घटना वाले दिन भी जमीन और घर वापस करने के लिए कहा था। इसी बात पर झगड़ा हुआ था।
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अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही 11 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार जिला जज संजीव शुक्ला ने अभियुक्तों को सजा सुनाई है।