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Hardoi News: ट्रांसपोर्ट इन्फैंट इनक्यूबेटर से नवजात बच्चों के इलाज में मिलेगी मदद

Thu, 16 Oct 2025 10:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Oct 2025 10:49 PM IST
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Transport Infant Incubator will help in the treatment of newborn babies
हरदोई। प्री-मैच्योर डिलीवरी से जन्मे बच्चों को सुरक्षित स्थान और नियंत्रित तापमान देने के लिए मेडिकल कॉलेज को ट्रांसपोर्ट इन्फैंट इनक्यूबेटर मिले हैं। महिला अस्पताल में स्थित एसएनसीयू में अब इस आधुनिक मशीन से गंभीर नवजात बच्चों का बेहतर ढंग से इलाज हो सकेगा। वार्ड में अभी दो मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन जल्द ही और भी मशीनें भेजी जाएंगी।
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कई आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रांसपोर्ट इन्फैंट इनक्यूबेटर को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ले जाया जा सकता है। इस मशीन से बीमार नवजात बच्चों की सही ढंग से देखरेख की जा सकती है और इलाज भी हो सकता है। नर्सिंग आफीसर प्रशांत श्रीवास्तव के अनुसार इस इंक्यूबेटर में नवजात को उनके स्वास्थ्य के अनुकूल नियंत्रित वातावरण मिलता है जो उसे बाहरी प्रभावों से बचाता है। इसके अंदर बच्चों को गर्म और सुरक्षित वातावरण भी मिलता है। इसमें तापमान डिस्प्ले, हवा को नियंत्रित करने के उपकरण और ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था होती है। इसमें सबसे खास बात यह है कि यह एक स्थान से दूसरे स्थान तक आ-जा सकते हैं। ऐसे में बच्चे के इलाज में कोई अवरोध उत्पन्न नहीं होता है।
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बाहरी प्रभावों से बचाता है इनक्यूबेटर

हरदोई। प्रीमैच्योर डिलिवरी होने पर बच्चों को बाहर के वातावरण में एडजस्ट करने में मुश्किल होती है। ऐसे में उन्हें एलर्जी, कीटाणु, अत्यधिक शोर और प्रकाश जैसी चीजों से सुरक्षित रखने के लिए भी इस उपकरण में रखा जाता है। बच्चे के शरीर का तापमान और हृदय गति को भी ट्रैक किया जा सकता है। बच्चे की त्वचा को बहुत अधिक पानी खोने और फटने से भी बचाया जा सकता है।
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ऐसे होती है इनक्यूबेटर में निगरानी

हरदोई। इनक्यूबेटर सामान्य आईसीयू से कुछ ज्यादा सुविधाओं वाला होता है। इसमें चिकित्सक और नर्सों की ओर से लगातार बच्चों की निगरानी की जाती है. बच्चों को दवा देने, इंजेक्शन देने या ड्रिप देने को सटीक और सरल बनाया जा सकता है।




नवजात बच्चों के बेहतर इलाज के लिए इनक्यूबेटर मंगवाए गए हैं। इनमें बच्चों की निगरानी बेहतर सटीक ढंग से हो सकती है। अभी दो मशीनें आई हैं। जल्द ही और मशीनें भी मंगवाई जाएंगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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