फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   traders strike in mandi, farmers in trouble

क्रय केंद्रों पर तौल बंद, किसानों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा

Mon, 03 Jan 2022 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jan 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
traders strike in mandi, farmers in trouble
गल्ला मंडी में प्रदर्शन करते व्यापार मंडल के पदाधिकारी। - फोटो : HARDOI
हरदोई। स्ट्रांग रूम बनाने के लिए गल्ला मंडी में 54 दुकानें खाली कराने की बात से नाराज व्यापारियों की हड़ताल की मार किसानों पर पड़ रही है। सोमवार को तीसरे दिन भी प्रशासन व व्यापारियों के बीच बात नहीं बनी। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। ट्रैक्टर-ट्रॉली से धान लेकर पहुंचे किसानों को बिना तौल के ही लौटना पड़ा। किसानों का कहना है कि एक दिन का किराया दो से ढाई हजार रुपये ट्रैक्टर मालिक को देना पड़ रहा है। ऐसे में उनका नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन

गल्ला मंडी के व्यापारी मांगों को लेकर लगातार तीसरे दिन हड़ताल पर डटे रहे। इसमें सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की तौल करने वाले श्रमिक भी शामिल हो गए। इसके कारण मंडी के करीब 18 क्रय केंद्रों पर धान की सरकारी खरीद बंद रही। मंडी से जुुड़े जानकारों का कहना है कि जब तौल हो रही थी तो रोजाना करीब दो हजार किसानों से पांच हजार क्विंटल धान की खरीद हो रही थी।
विज्ञापन

लेकिन व्यापारियों की हड़ताल से तीसरे दिन भी तौल बंद रहने से किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। इसके कारण उनका नुकसान हो रहा है। वहीं उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अमित गुप्ता, उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित, पूर्व उपाध्यक्ष दीपक गुप्ता समेत कई पदाधिकारी मांगों पर अड़े हैं। उनका कहना है कि चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद ही दुकानें खाली करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीजल का नुकसान
बावन ब्लॉक की ग्राम पंचायत भदना के किसान राजाराम का कहना है कि वह ट्रैक्टर-ट्रॉली से धान लेकर आए थे। लेकिन व्यापारियों की हड़ताल के कारण धान की तौल नहीं हो सकी। ऐसे में ट्रॉली छोड़कर ट्रैक्टर लेकर जाना पड़ रहा है। करीब दो हजार रुपये के डीजल का नुकसान हुआ है।
पता नहीं कब तौल होगी
ग्राम गंगौली के किसान श्याम सिंह ने बताया कि वह किराये पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से धान लेकर आए थे। यहां पर तौल नहीं हो सकी। यह भी नहीं पता कि कब तौल होगी। ऐसे में ट्रैक्टर लेकर जाना पड़ रहा है। किराया 2500 रुपये एक दिन का तय था। ऐसे में दोबारा आने पर फिर से इतना ही किराया देना पड़ेगा। इससे करीब पांच हजार रुपये का नुकसान होगा।

वर्जन
व्यापारियों से हड़ताल खत्म करने के लिए कहा जा रहा है। तौल बंद होने से किसानों को परेशानी हो रही है। इस संबंध मैं कुछ नहीं कर सकता। - बबलू लाल, मंडी सचिव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed