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क्रय केंद्रों पर तौल बंद, किसानों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा
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गल्ला मंडी में प्रदर्शन करते व्यापार मंडल के पदाधिकारी।
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। स्ट्रांग रूम बनाने के लिए गल्ला मंडी में 54 दुकानें खाली कराने की बात से नाराज व्यापारियों की हड़ताल की मार किसानों पर पड़ रही है। सोमवार को तीसरे दिन भी प्रशासन व व्यापारियों के बीच बात नहीं बनी। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। ट्रैक्टर-ट्रॉली से धान लेकर पहुंचे किसानों को बिना तौल के ही लौटना पड़ा। किसानों का कहना है कि एक दिन का किराया दो से ढाई हजार रुपये ट्रैक्टर मालिक को देना पड़ रहा है। ऐसे में उनका नुकसान हो रहा है।
गल्ला मंडी के व्यापारी मांगों को लेकर लगातार तीसरे दिन हड़ताल पर डटे रहे। इसमें सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की तौल करने वाले श्रमिक भी शामिल हो गए। इसके कारण मंडी के करीब 18 क्रय केंद्रों पर धान की सरकारी खरीद बंद रही। मंडी से जुुड़े जानकारों का कहना है कि जब तौल हो रही थी तो रोजाना करीब दो हजार किसानों से पांच हजार क्विंटल धान की खरीद हो रही थी।
लेकिन व्यापारियों की हड़ताल से तीसरे दिन भी तौल बंद रहने से किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। इसके कारण उनका नुकसान हो रहा है। वहीं उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अमित गुप्ता, उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित, पूर्व उपाध्यक्ष दीपक गुप्ता समेत कई पदाधिकारी मांगों पर अड़े हैं। उनका कहना है कि चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद ही दुकानें खाली करेंगे।
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डीजल का नुकसान
बावन ब्लॉक की ग्राम पंचायत भदना के किसान राजाराम का कहना है कि वह ट्रैक्टर-ट्रॉली से धान लेकर आए थे। लेकिन व्यापारियों की हड़ताल के कारण धान की तौल नहीं हो सकी। ऐसे में ट्रॉली छोड़कर ट्रैक्टर लेकर जाना पड़ रहा है। करीब दो हजार रुपये के डीजल का नुकसान हुआ है।
पता नहीं कब तौल होगी
ग्राम गंगौली के किसान श्याम सिंह ने बताया कि वह किराये पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से धान लेकर आए थे। यहां पर तौल नहीं हो सकी। यह भी नहीं पता कि कब तौल होगी। ऐसे में ट्रैक्टर लेकर जाना पड़ रहा है। किराया 2500 रुपये एक दिन का तय था। ऐसे में दोबारा आने पर फिर से इतना ही किराया देना पड़ेगा। इससे करीब पांच हजार रुपये का नुकसान होगा।
वर्जन
व्यापारियों से हड़ताल खत्म करने के लिए कहा जा रहा है। तौल बंद होने से किसानों को परेशानी हो रही है। इस संबंध मैं कुछ नहीं कर सकता। - बबलू लाल, मंडी सचिव
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गल्ला मंडी के व्यापारी मांगों को लेकर लगातार तीसरे दिन हड़ताल पर डटे रहे। इसमें सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की तौल करने वाले श्रमिक भी शामिल हो गए। इसके कारण मंडी के करीब 18 क्रय केंद्रों पर धान की सरकारी खरीद बंद रही। मंडी से जुुड़े जानकारों का कहना है कि जब तौल हो रही थी तो रोजाना करीब दो हजार किसानों से पांच हजार क्विंटल धान की खरीद हो रही थी।
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लेकिन व्यापारियों की हड़ताल से तीसरे दिन भी तौल बंद रहने से किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। इसके कारण उनका नुकसान हो रहा है। वहीं उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अमित गुप्ता, उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित, पूर्व उपाध्यक्ष दीपक गुप्ता समेत कई पदाधिकारी मांगों पर अड़े हैं। उनका कहना है कि चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद ही दुकानें खाली करेंगे।
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डीजल का नुकसान
बावन ब्लॉक की ग्राम पंचायत भदना के किसान राजाराम का कहना है कि वह ट्रैक्टर-ट्रॉली से धान लेकर आए थे। लेकिन व्यापारियों की हड़ताल के कारण धान की तौल नहीं हो सकी। ऐसे में ट्रॉली छोड़कर ट्रैक्टर लेकर जाना पड़ रहा है। करीब दो हजार रुपये के डीजल का नुकसान हुआ है।
पता नहीं कब तौल होगी
ग्राम गंगौली के किसान श्याम सिंह ने बताया कि वह किराये पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से धान लेकर आए थे। यहां पर तौल नहीं हो सकी। यह भी नहीं पता कि कब तौल होगी। ऐसे में ट्रैक्टर लेकर जाना पड़ रहा है। किराया 2500 रुपये एक दिन का तय था। ऐसे में दोबारा आने पर फिर से इतना ही किराया देना पड़ेगा। इससे करीब पांच हजार रुपये का नुकसान होगा।
वर्जन
व्यापारियों से हड़ताल खत्म करने के लिए कहा जा रहा है। तौल बंद होने से किसानों को परेशानी हो रही है। इस संबंध मैं कुछ नहीं कर सकता। - बबलू लाल, मंडी सचिव