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हरदोई : जीएसटी का दायरे को लेकर व्यापारियों ने उठाए सवाल
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हरदोई। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में जीएसटी के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा, इसके बाद भी जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक में अनाज, आटा, दूध, दही, आदि वस्तुओं पर पांच प्रतिशत कर लगा दिया गया। इसे तत्काल वापस लिया जाए। इस संदर्भ में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
व्यापारियों ने कहा कि एक हजार रुपये तक किराये वाले होटल के कमरों पर 12 फीसदी जीएसटी लगाने, अस्पतालों में पांच हजार से अधिक किराये वाले बेड पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाने का निर्णय वापस लिया जाना चाहिए।
संगठन के प्रांतीय मंत्री अजय कुमार टंडन, जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित, युवा विंग के जिलाध्यक्ष विभु गुप्ता, जिला महामंत्री अशोक उपाध्याय व राजन द्विवेदी ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी नहीं लगाना चाहिए।
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इसे वापस नहीं लिया गया तो जनता के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी। व्यापारी नेता विभु गुप्ता ने बताया कि रोटी, कपड़ा, मकान सभी के लिए बुनियादी जरूरतें हैं। अभी सीमेंट, सरिया आदि पर भारी भरकम जीएसटी लगने से लोगों के लिए घर बनाना मुश्किल था। अब खाने पीने की जरूरी चीजों को जीएसटी के दायरे में लाना बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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व्यापारियों ने कहा कि एक हजार रुपये तक किराये वाले होटल के कमरों पर 12 फीसदी जीएसटी लगाने, अस्पतालों में पांच हजार से अधिक किराये वाले बेड पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाने का निर्णय वापस लिया जाना चाहिए।
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संगठन के प्रांतीय मंत्री अजय कुमार टंडन, जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित, युवा विंग के जिलाध्यक्ष विभु गुप्ता, जिला महामंत्री अशोक उपाध्याय व राजन द्विवेदी ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी नहीं लगाना चाहिए।
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इसे वापस नहीं लिया गया तो जनता के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी। व्यापारी नेता विभु गुप्ता ने बताया कि रोटी, कपड़ा, मकान सभी के लिए बुनियादी जरूरतें हैं। अभी सीमेंट, सरिया आदि पर भारी भरकम जीएसटी लगने से लोगों के लिए घर बनाना मुश्किल था। अब खाने पीने की जरूरी चीजों को जीएसटी के दायरे में लाना बड़ा सवाल खड़ा करता है।