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खुदा की इबादत को मस्जिदें तैयार

Mon, 15 Jun 2015 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Mon, 15 Jun 2015 12:00 AM IST
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To worshiping God willing mosques

रमजान शरीफ का आगाज अबकी 19 जून से हो रहा है। इस

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मुबारक में नाजिल होने वाली खुदा की खास रहमतों के इस्तकबाल के लिए मसजिदों में तैयारी जारी है। तरावही नमाज को लेकर अलग-अलग मसजिदों में कुरान पाक की तिलावत के लिए इंतजामात किए जा रहे हैं।

मुसलिम इलाकों में इफ्तार और सहरी के खास पकवान की दुकानें भी सज रही हैं। इसलामी साल का नौवां महीना रमजान खास अहमियत वाला है। धार्मिक किताबों के अनुसार, रमजान के तीन अशरे अपने अंदर विशेष अहमियत लिए हैं। पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नुम से आजादी का है। रमजान में नेकियाें का बदला सत्तर गुना बढ़ाकर दिया जाता है।

रोजेदार के मुंह की महक अल्लाह के लिए मुश्क और अंबर की खुशबू से भी ज्यादा अहमियत रखती है। रिवायत है कि इस माह जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और जहन्नुम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। रमजान में बेसहारा, अनाथ और विधवाओं से हमदर्दी का खास पैगाम दिया गया है।

उनके लिए निश्चित हैसियत के मालिकों पर जकात फर्ज करार दी गई है। रोजों में सदकतुल फितर भी गरीबों की मदद का एक जरिया है। रमजान कि तीस रोजे दरअसल गरीबों की भूख का अहसास कराते हुए इनसे हमदर्दी का पैगाम लेकर आते हैं। अब जबकि रमजान की बरकतें और रहमतें आने में चंद रोज ही बाकी बचे हैं, मुसलिमों में तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं।

मसजिदों की सफाई पुताई का दौर जारी है। मुसलिम मोहल्लों में मसजिदों के अलावा भी अलग-अलग स्थानों पर तरावीह की विशेष नमाज का अहतमाम किया जा रहा है। मसजिदों में नमाज-ए-तरावीह के दौरान कुरान के पारे सुनाए जाने के लिए अलग-अलग संख्या के अनुसार इंतजाम हैं।

प्रतिदिन तरावीह में कुरान के एक से तीन पारे तक पढ़े जाने का इंतजाम किया जा रहा है। उधर, जून के तपते दिनों में रोजेदारों के इफ्तार में अबकी आम खास रहेगा। रमजान की शुरुआत के साथ ही आम भी बाजारों में पूरी तरह से आने लगेगा।

इफ्तार में खजूर और दूसरे पकवान के साथ आम भी जायका बढ़ाएगा। इसके अलावा भी लीची, मौसमी और रूहआफ्जा आदि भी दस्तर ख्वान की रौनक होंगे। इसके लिए दुकानों पर रूहआफ्जा की खरीद बढ़ गई है।

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