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Hardoi News: मेडिकल कॉलेज में इंटरनेट बंद, मरीज परेशान, बिना जांच लौटे

Mon, 24 Aug 2026 11:28 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 11:28 PM IST
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Internet down at medical college; patients inconvenienced and returned without undergoing tests
फोटो-10- मेडिकल कॉलेजमें काउंटर पर मैन्युअल पर्चा बनाते कर्मचारी। संवाद
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आए मरीजों और तीमारदारों को दोगुनी परेशानी झेलनी पड़ी। इंटरनेट कनेक्शन का तार टूटने की वजह से पर्चा काउंटर पर ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हुआ। परामर्श के लिए मैनुअल पर्चे बनाए गए पर इन पर लिखी जांच के लिए रक्त नमूने नहीं लिए जा सके। ऐसे में घंटों इंतजार करने के बाद मरीजों बिना रक्त नमूने दिए बैरंग होना पड़ा।
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मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण कर पर्चा लेना होता है। पर्चे पर सीआरएन नंबर के चलते रक्त नमूनों की जांच होती है। बिना सीआरएन नंबर के रक्त नमूनों की जांच के लिए मरीजों का पंजीकरण नहीं हो पाता है। सोमवार को सुबह आठ बजे से जब पर्चे बनने शुरू हुए तो नेट न होने की वजह से सॉफ्टवेयर काम ही नहीं कर पाया। करीब आधे घंटे बाद भी नेट नहीं चला तो अनुमति के बाद मैनुअल पर्चे बनाए गए। सोमवार को दिन भर में ओपीडी के करीब 2136 पर्चे अलग-अलग काउंटर पर बने। मैनुअल पर्चों पर मरीजों को डॉक्टर से परामर्श और दवाएं तो मिल गईं, लेकिन रक्त नमूनों की जांचें नहीं हो पाईं। इंटरनेट कनेक्शन न होने से महिला अस्पताल में करीब 153 मरीजों को रक्त नमूनों की जांच कराने के लिए इंतजार करने के बाद वापस होना पड़ा। इसी तरह से जिला अस्पताल में भी आने वाले करीब 322 मरीजों को भी वापस भेज दिया गया।
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इंटरनेट कनेक्शन का टूट गया था तार
मेडिकल कॉलेज में एक बीएसएनएल और एक निजी कंपनी का इंटरनेट कनेक्शन चलता है। बताया जा रहा है कि सोमवार को कचहरी रोड पर दोनों की कनेक्शनों के तार टूटे पाए गए। इस वजह से मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल से लेकर महिला अस्पताल में इंटरनेट की आपूर्ति बाधित हो गई। इसी वजह से कहीं भी ऑनलाइन पर्चे नहीं बन पाए। हालांकि, जानकारी होने पर तार सही कराने का काम शुरू करवा दिया गया, लेकिन दोपहर दो बजे तक इंटरनेट सेवा सुचारू नहीं हो पाई।
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मैनुअल पर्चों पर फंसता है जांच का पेंच
डॉक्टर से परामर्श देने के लिए मैनुअल पर्चा तो बना दिया जाता है पर इस पर लिखी रक्त नमूनों की जांच कराने में मरीजों को दोहरा काम करना पड़ता है। मैनुअल पर्चों से पंजीकरण के लिए हो नहीं पाता है। मरीजों को ऑनलाइन पर्चा ही बनवाना पड़ता है। सीआरएन नंबर से फीडिंग होने पर ही जांच हो पाती है।

वर्जन
इंटरनेट कनेक्शन के तार टूटने की जानकारी होते ही शिकायत दर्ज करा दी गई थी। मैनुअल पर्चा बनाकर मरीजों को परामर्श दिलाया गया। जांच के लिए ऑनलाइन पर्चा होना जरूरी है। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य

फोटो-10- मेडिकल कॉलेजमें काउंटर पर मैन्युअल पर्चा बनाते कर्मचारी। संवाद

फोटो-10- मेडिकल कॉलेजमें काउंटर पर मैन्युअल पर्चा बनाते कर्मचारी। संवाद

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