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हरदोई में मिले शेरनी के पद्चिन्ह
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई।
Updated Wed, 30 Dec 2015 12:41 AM IST
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एक सप्ताह तक छकाने के बाद लखीमपुर क्षेत्र में निकले बाघ के बाद अब गन्ने के खेत में एक शेरनी और उसके दो बच्चों के पदचिन्ह मिले हैं। इतनी ही नहीं शेरनी ने नीलगाय का शिकार भी किया है। इसका दावा मंगलवार को क्षेत्रीय वन रेंज अधिकारी रामप्रकाश ने किया। उन्होंने बताया कि शेरनी व उसके बच्चों को जिंदा पकड़ने के लिए पिजड़ा लगाया जा रहा है।
तराई क्षेत्र में गन्ने के खेत में जंगली जानवर होने की सूचना पर वन विभाग की टीम गांव में पहुंचे। टीम प्रभारी बृजराज वर्मा ने बताया कि खेत में नीलगाय के अवशेष देखे गए हैं। शिकार किए जाने की प्रकृति से लगता है कि यह नीलगाय का शिकार शेरनी ने किया है। क्योंकि नीलगाय की गरदन कटी और वहां का मांस गायब है। साथ ही पेट फाड़ कर अंदर का मांस व रान का मांस भी खाया गया है।
उन्होंने बताया कि पड़ोसी खेतों में मिले निशानों में शेरनी और उसके बच्चे के पद् चिन्ह मिल रहे हैं। मादा शेर के पंजों की लंबाई नर के पंजों से कम होती है। सप्ताह भर पहले तक इस क्षेत्र में पनाह लेने वाले बाघ के निशान इससे अलग थे। अब उसकी लोकेशन लखीमपुर में मिल रही है। टीम प्रभारी के मुताबिक शेरनी बच्चों के साथ भटकर आ सकती है। उच्चाधिकारियों को अवगत कर दिया गया है। जिले पर पिंजड़ा आ गया है और सही लोकेशन मिलने पर गन्ने में ही इसे लगाकर उसे जिंदा पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। रेंजर रामप्रकाश के अनुसार वन विभाग की टीम से इस पर निगाह रखने को कहा गया है।
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तराई क्षेत्र में गन्ने के खेत में जंगली जानवर होने की सूचना पर वन विभाग की टीम गांव में पहुंचे। टीम प्रभारी बृजराज वर्मा ने बताया कि खेत में नीलगाय के अवशेष देखे गए हैं। शिकार किए जाने की प्रकृति से लगता है कि यह नीलगाय का शिकार शेरनी ने किया है। क्योंकि नीलगाय की गरदन कटी और वहां का मांस गायब है। साथ ही पेट फाड़ कर अंदर का मांस व रान का मांस भी खाया गया है।
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उन्होंने बताया कि पड़ोसी खेतों में मिले निशानों में शेरनी और उसके बच्चे के पद् चिन्ह मिल रहे हैं। मादा शेर के पंजों की लंबाई नर के पंजों से कम होती है। सप्ताह भर पहले तक इस क्षेत्र में पनाह लेने वाले बाघ के निशान इससे अलग थे। अब उसकी लोकेशन लखीमपुर में मिल रही है। टीम प्रभारी के मुताबिक शेरनी बच्चों के साथ भटकर आ सकती है। उच्चाधिकारियों को अवगत कर दिया गया है। जिले पर पिंजड़ा आ गया है और सही लोकेशन मिलने पर गन्ने में ही इसे लगाकर उसे जिंदा पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। रेंजर रामप्रकाश के अनुसार वन विभाग की टीम से इस पर निगाह रखने को कहा गया है।
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