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फिर मिले टाइगर के पंजे, चीफ सहित पहुंची दुधवा पार्क की टीम
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हरदोई के पाली के कंहरई नकटौरा गांव में खेत के आस पास मिले बाघ के पंजों के निशान। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। पाली थाना क्षेत्र के रायपुर भज्जापुर से डेढ़ किलोमीटर दूर कंहरई नकटौरा में रविवार सुबह गन्ने के खेत में बाघ के पंजे के निशान दिखने से हड़कंप मच गया। 10 से 12 जगह निशान मिलने पर मुख्य वन संरक्षक व दुधवा नेशनल पार्क की टीम दोपहर को गांव पहुंच गई। बाघ को खोजने के लिए तीन टीमों ने कांबिंग की। ग्रामीणों में दहशत है।
शनिवार देर शाम पाली थाना क्षेत्र के रायपुर भज्जापुर निवासी अशोक शुक्ला के खेत में बाघ के पंजों के निशान मिले थे। इस पर पूरी रात वन विभाग की टीम कांबिंग करती रही। रविवार को गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर कंहरई नकटौरा में विष्णु के खेत में बाघ के पंजों के निशान मिलने से पर सहमे ग्रामीणाें ने वन विभाग को सूचना दी।
टीम को गीली भूमि पर 10 से 12 जगह पंजों के निशान मिले। मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह ने भी स्थिति का जायजा लिया। बाघ के पंजे के निशान की पुष्टि पर दुधवा नेशनल पार्क से टीम पहुंच गई। टीम में डॉ. एके सिंह सहित दो विशेषज्ञ शामिल रहे। प्रभारी डीएफओ विमल कुमार ने बताया कि कांबिंग को लेकर तीन टीमें गठित कर दी गईं हैं। टीम सदस्यों के नंबर ग्रामीणों को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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गर्रा के सहारे मोहम्मदी निकलने के आसार
कांबिंग के बाद पूरे दिन कुछ भी हाथ न लग पाने के बाद वन विभाग की टीम इस नतीजे पर भी पहुंची कि जहां से बाघ के पंजे के निशान गायब हुए हैं वहां से कुछ आगे गर्रा नदी भी है। शायद उसी के सहारे वह मोहम्मदी (लखीमपुर) की ओर निकल गया हो।
गन्ने की छिलाई कराई गई बंद
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क कर खेतों में खड़े गन्ने की छिलाई करवाने से मना कर दिया है। साथ ही बच्चों व महिलाओं को अकेले देर शाम घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। बाघ भूख मिटाने के लिए हमला भी कर सकता है। ग्रामीणों से जानवरों में घरों के बाहर न बांधने को कहा गया है।
दुधवा पार्क से मंगवाया पिंजड़ा
दुधवा पार्क से पिंजड़ा भी जिले में मंगवाया गया है। वन अधिकारियों के अनुसार अभी तो यही माना जा रहा है कि बाघ निकल गया है। यदि कांबिंग में उसके होने के संकेत मिले तो पिंजड़ा रखवाया जाएगा।
वन विभाग की तीन टीमें सक्रिय
वन विभाग की ओर से बाघ को पकड़ने के लिए तीन टीमों को सक्रिय किया गया है। इन टीमों में हरपालपुर, शाहाबाद व हरदोई रेंज की भी टीम शामिल है। जिनको नियमित रूप से कांबिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोहरे के कारण सर्च अभियान में दिक्कतें
कोहरे के कारण वन विभाग को सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाघ को छिपने में आसानी होती है और उसे तलाशना उतना मुश्किल। डीएफओ का कहना है कि ग्रामीणों को ज्यादा सतर्क किया जा रहा है।
किसी भी हलचल पर इन नंबरों पर दें सूचना
क्षेत्रीय वन अधिकारी हरपालपुर हनुमान प्रसाद -7839434509
क्षेत्रीय वन अधिकारी शाहाबाद टीम सदस्य - 7839434506
उपराजिक शाहाबाद सदस्य जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव - 9450791677
वन दरोगा शाहाबाद शिवप्रकाश कुरील - 9454746051
वन दरोगा हरपालपुर विपुल कुमार शुक्ला - 8009988443
बीट प्रभारी शाहाबाद बिंद्रा प्रसाद - 7880976474
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शनिवार देर शाम पाली थाना क्षेत्र के रायपुर भज्जापुर निवासी अशोक शुक्ला के खेत में बाघ के पंजों के निशान मिले थे। इस पर पूरी रात वन विभाग की टीम कांबिंग करती रही। रविवार को गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर कंहरई नकटौरा में विष्णु के खेत में बाघ के पंजों के निशान मिलने से पर सहमे ग्रामीणाें ने वन विभाग को सूचना दी।
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टीम को गीली भूमि पर 10 से 12 जगह पंजों के निशान मिले। मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह ने भी स्थिति का जायजा लिया। बाघ के पंजे के निशान की पुष्टि पर दुधवा नेशनल पार्क से टीम पहुंच गई। टीम में डॉ. एके सिंह सहित दो विशेषज्ञ शामिल रहे। प्रभारी डीएफओ विमल कुमार ने बताया कि कांबिंग को लेकर तीन टीमें गठित कर दी गईं हैं। टीम सदस्यों के नंबर ग्रामीणों को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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गर्रा के सहारे मोहम्मदी निकलने के आसार
कांबिंग के बाद पूरे दिन कुछ भी हाथ न लग पाने के बाद वन विभाग की टीम इस नतीजे पर भी पहुंची कि जहां से बाघ के पंजे के निशान गायब हुए हैं वहां से कुछ आगे गर्रा नदी भी है। शायद उसी के सहारे वह मोहम्मदी (लखीमपुर) की ओर निकल गया हो।
गन्ने की छिलाई कराई गई बंद
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क कर खेतों में खड़े गन्ने की छिलाई करवाने से मना कर दिया है। साथ ही बच्चों व महिलाओं को अकेले देर शाम घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। बाघ भूख मिटाने के लिए हमला भी कर सकता है। ग्रामीणों से जानवरों में घरों के बाहर न बांधने को कहा गया है।
दुधवा पार्क से मंगवाया पिंजड़ा
दुधवा पार्क से पिंजड़ा भी जिले में मंगवाया गया है। वन अधिकारियों के अनुसार अभी तो यही माना जा रहा है कि बाघ निकल गया है। यदि कांबिंग में उसके होने के संकेत मिले तो पिंजड़ा रखवाया जाएगा।
वन विभाग की तीन टीमें सक्रिय
वन विभाग की ओर से बाघ को पकड़ने के लिए तीन टीमों को सक्रिय किया गया है। इन टीमों में हरपालपुर, शाहाबाद व हरदोई रेंज की भी टीम शामिल है। जिनको नियमित रूप से कांबिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोहरे के कारण सर्च अभियान में दिक्कतें
कोहरे के कारण वन विभाग को सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाघ को छिपने में आसानी होती है और उसे तलाशना उतना मुश्किल। डीएफओ का कहना है कि ग्रामीणों को ज्यादा सतर्क किया जा रहा है।
किसी भी हलचल पर इन नंबरों पर दें सूचना
क्षेत्रीय वन अधिकारी हरपालपुर हनुमान प्रसाद -7839434509
क्षेत्रीय वन अधिकारी शाहाबाद टीम सदस्य - 7839434506
उपराजिक शाहाबाद सदस्य जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव - 9450791677
वन दरोगा शाहाबाद शिवप्रकाश कुरील - 9454746051
वन दरोगा हरपालपुर विपुल कुमार शुक्ला - 8009988443
बीट प्रभारी शाहाबाद बिंद्रा प्रसाद - 7880976474