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संगैचामऊ में मिले अंतिम पदचिंह, आस-पास के गांवों में भटकी टीम

Wed, 16 Dec 2020 10:41 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Dec 2020 10:41 PM IST
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tiger footprine found at sandi
सांडी के ग्राम संगैचामऊ में पाए गए पंजों की नाप करते वन विभाग के जिम्मेदार। संवाद - फोटो : HARDOI
सांडी। बाघ की दहशत से क्षेत्र के कई गांवों के लोग रतजगा कर रहे हैं। वह परिवार के साथ मवेशियों को बचाने में जुटे हैं। चार वन रेंजों के अधिकारी व कर्मी कांबिंग कर बाघ की तलाश कर रहे हैं। डीएफओ विमल कुमार ने बताया कि 25 नाइट विजन कैमरे मंगाए गए हैं। बुधवार सुबह बाघ के पंजों के निशान संगैचामऊ में मिले हैं। बाघ रात में संगैचामऊ के आसपास रुकता है तो कैमरे वहां लगवाए जाएंगे।
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सांडी क्षेत्र के गांवों में बाघ की चहलकदमी जारी है। मंगलवार सुबह सांडी के ग्राम नसीरपुर व कोईलाई से आदमपुर तक पंजे के निशान मिलने पर टीमें वहां कांबिंग करती रहीं। वन रेंज अधिकारी रत्नेश श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को सांडी के आदमपुर तक पंजे के निशान मिले थे। इसके बाद बाघ बांसी से होकर सांडी शाहाबाद मार्ग पर पहुंचा। खुतेहना के आसपास भी इसके पंजे के निशान मिले हैं। खेरवा अमजदपुर के पहले भी निशान मिले। संगैचामऊ के बाद पंजे के निशान नहीं मिले हैं। इसके आसपास कांबिंग की जा रही है। चार टीमें लगीं हैं। जीपीएस से ट्रैकिंग की जा रही है।
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टार्च और लैंप लेकर निकले
सांडी क्षेत्र के कई गांवों में वन रेंज की टीमों सहित ग्रामीण भी मंगलवार देर शाम लैंप व टार्च लेकर बांसी, जाटौली, खुतेहना गांवों के किनारे कांबिंग करते रहे। वन रेंज अधिकारी सदर रत्नेश श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित गांवों में वन विभाग की अलग-अलग टीमों को लगाया गया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों का भी सहयोग लिया जा रहा है। उनसे कहा गया है कि समूह में ही रहें।
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वन विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को ग्रामीणों को सतर्क किया। वन रेंज अधिकारी ने बताया कि सामने बाघ आ जाए तो हिलना डुलना बंद कर दें। शोर मचाकर उसे भयभीत करने का तरीका अपना सकते हैं।

बाघ तब तक सामने वाले पर हमला करता है जब तक सामने वाला भयभीत है। संघर्ष की मुद्रा में आने के बाद बाघ समझने लगता है कि शिकार भी तैयारी में है। बताया कि वन विभाग की टीमें गोमती नदी के बार्डर के पास अलर्ट हैं। यदि लखीमपुर से बाघ आएगा तो इधर से कांबिंग से वह भागेगा। जरा सी आहट पर वन विभाग के रेंज अधिकारियों को सूचना जरूर दें। समूह में बीच गांव आग जलाएं।
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