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Hardoi News: मिनी स्टेडियम को सुधरवाने के लिए एक काम के करा दिए तीन टेंडर
Thu, 03 Apr 2025 11:19 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:19 PM IST
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एक्सक्ल्यूसिव
-सांडी की तरह पिहानी क्षेत्र पंचायत में भी चहेतों को लाभ देने के लिए जिम्मेदारों ने तोड़े नियम
-डीएम ने पत्रावली जांची तो रह गए दंग, स्पेशल ऑडिट के लिए प्रमुख सचिव को लिखेंगे
- एक ही काम को तीन हिस्सों में बांटकर चहेतों फर्म को दे दिए पूरा ठेका
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। सांडी क्षेत्र पंचायत की तरह ही पिहानी क्षेत्र पंचायत में भी चहेतों को लाभ देने के लिए नियमों काे ताक पर रख दिया गया। संतरहा करीमनगर में बने मिनी स्टेडियम का कायाकल्प करने के लिए एक ही दिन में तीन अलग-अलग टेंडर निकाले गए।
जिलाधिकारी की निगाह तक पत्रावली न जाए इसलिए जिम्मेदारों ने स्टेडियम में होने वाले कार्याें को तीन हिस्सों में बांट दिया। मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने पूरी पत्रावली तलब कर ली है। क्षेत्र पंचायत से कराए गए सभी कार्याें का स्पेशल ऑडिट शासन की ओर से कराए जाने की तैयारी की जा रही है।
युवा कल्याण विभाग का मिनी स्टेडियम संतराहा मजरा करीमनगर में है। पिहानी क्षेत्र पंचायत ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में मिनी स्टेडियम के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव पारित किया था। इसी क्रम में मिनी स्टेडियम के जीर्णोद्धार की पत्रावली तैयार कराई गई। पंचायत राज विभाग के नियम के मुताबिक एक ही स्थान पर होने वाले निर्माण कार्याें के लिए पूरी एक पत्रावली बनाकर निविदा प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
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पिहानी क्षेत्र पंचायत के तत्कालीन जिम्मेदारों ने इस नियम की अनदेखी करते हुए तीन पत्रावली तैयार कराईं। बावजूद इसके जब निविदा आमंत्रण के लिए प्रकाशन हुआ तो एक ही दिन तीनों कामों की निविदा प्रकाशित कराई गई। मिनी स्टेडियम में होने वाले काम की पहली निविदा 9.93 लाख रुपये, दूसरे निविदा 8.40 लाख रुपये और तीसरी निविदा 6.83 लाख रुपये की प्रकाशित हुई।
जब निविदा खुली तो तीनों काम एक ही फर्म को मिले। काम पूरा भी हो गया, लेकिन डीएम मंगला प्रसाद सिंह को अब जानकारी मिली कि एक ही स्थान पर होने वाले कार्याें को तीन हिस्सों में बांट दिया गया। डीएम ने इस पर पूरी पत्रावली तलब कर ली। तत्कालीन जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी अंदरखाने चल रही है।
इनसेट
हर निविदा पर वहीं तीन फर्म, तीनों काम एक को ही मिले
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि पत्रावली देखने से पता चला कि एक कार्यस्थल पर काम कराने के लिए तीन अलग अलग टेंडर निकाले गए। तीनों ही कामों की टेंडर प्रक्रिया में तीन विशेष फर्म ही टेंडर डालने आईं। हैरानी की बात यह है कि तीनों ही काम एक ही फर्म को मिले। इसका मतलब यह कि आपसी दुरभिसंधि से टेंडर मैनेज किए गए हैं। हाल यह है कि तीनोें ही फर्माें ने तीनों ही कामों पर निविदा की दरें भी समान ही डाली हैं।
इनसेट
... और इसलिए खेला जाता है ऐसा खेल
पंचायत राज विभाग के नियम में वित्तीय स्वीकृति के लिए अलग अलग जिम्मेदारों को अधिकार दिए गए हैं। 10 लाख रुपये तक के कार्याें की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति का अधिकार खंड विकास अधिकारी को ही है। 10 लाख या इससे अधिक की लागत वाले कार्याें के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति जिलाधिकारी ही दे सकते हैं। पत्रावली डीएम तक न जाए और चहेतों को काम देने में कोई रोड़ा न अटके इसलिए लागत 10 लाख रुपये से कम कर दी जाती है। इससे पत्रावली डीएम तक जाती नहीं और जिम्मेदार चहेतों को उपकृत करने में कामयाब हो जाते हैं।
इनेसट
फोटो-31-डीएम एमपी सिंह। संवाद
अरे...ये तो एक फाइल है...अभी न जानें कितनी और हों
डीएम मंगला प्रसाद सिंह पूरे मामले पर खासे सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अरे ये तो एक काम की फाइल देखी है। अभी न जाने कितनी और ऐसी ही फाइलें होंगी। शासन की मंशा के अनुरूप काम न करने वालों को छोडूंगा नहीं। मिनी स्टेडियम की फाइल कराने वाले तत्कालीन खंड विकास अधिकारियों की तैनाती स्थल के बारे में जानकारी की जा रही है। यह मामला भी सांडी क्षेत्र पंचायत जैसा है। संबंधित अफसरों से जवाब तलब कर प्रमुख सचिव को स्पेशल ऑडिट के लिए पत्र भी भेजूंगा।एमपी सिंह, डीएम
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-सांडी की तरह पिहानी क्षेत्र पंचायत में भी चहेतों को लाभ देने के लिए जिम्मेदारों ने तोड़े नियम
-डीएम ने पत्रावली जांची तो रह गए दंग, स्पेशल ऑडिट के लिए प्रमुख सचिव को लिखेंगे
- एक ही काम को तीन हिस्सों में बांटकर चहेतों फर्म को दे दिए पूरा ठेका
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। सांडी क्षेत्र पंचायत की तरह ही पिहानी क्षेत्र पंचायत में भी चहेतों को लाभ देने के लिए नियमों काे ताक पर रख दिया गया। संतरहा करीमनगर में बने मिनी स्टेडियम का कायाकल्प करने के लिए एक ही दिन में तीन अलग-अलग टेंडर निकाले गए।
जिलाधिकारी की निगाह तक पत्रावली न जाए इसलिए जिम्मेदारों ने स्टेडियम में होने वाले कार्याें को तीन हिस्सों में बांट दिया। मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने पूरी पत्रावली तलब कर ली है। क्षेत्र पंचायत से कराए गए सभी कार्याें का स्पेशल ऑडिट शासन की ओर से कराए जाने की तैयारी की जा रही है।
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युवा कल्याण विभाग का मिनी स्टेडियम संतराहा मजरा करीमनगर में है। पिहानी क्षेत्र पंचायत ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में मिनी स्टेडियम के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव पारित किया था। इसी क्रम में मिनी स्टेडियम के जीर्णोद्धार की पत्रावली तैयार कराई गई। पंचायत राज विभाग के नियम के मुताबिक एक ही स्थान पर होने वाले निर्माण कार्याें के लिए पूरी एक पत्रावली बनाकर निविदा प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
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पिहानी क्षेत्र पंचायत के तत्कालीन जिम्मेदारों ने इस नियम की अनदेखी करते हुए तीन पत्रावली तैयार कराईं। बावजूद इसके जब निविदा आमंत्रण के लिए प्रकाशन हुआ तो एक ही दिन तीनों कामों की निविदा प्रकाशित कराई गई। मिनी स्टेडियम में होने वाले काम की पहली निविदा 9.93 लाख रुपये, दूसरे निविदा 8.40 लाख रुपये और तीसरी निविदा 6.83 लाख रुपये की प्रकाशित हुई।
जब निविदा खुली तो तीनों काम एक ही फर्म को मिले। काम पूरा भी हो गया, लेकिन डीएम मंगला प्रसाद सिंह को अब जानकारी मिली कि एक ही स्थान पर होने वाले कार्याें को तीन हिस्सों में बांट दिया गया। डीएम ने इस पर पूरी पत्रावली तलब कर ली। तत्कालीन जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी अंदरखाने चल रही है।
इनसेट
हर निविदा पर वहीं तीन फर्म, तीनों काम एक को ही मिले
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि पत्रावली देखने से पता चला कि एक कार्यस्थल पर काम कराने के लिए तीन अलग अलग टेंडर निकाले गए। तीनों ही कामों की टेंडर प्रक्रिया में तीन विशेष फर्म ही टेंडर डालने आईं। हैरानी की बात यह है कि तीनों ही काम एक ही फर्म को मिले। इसका मतलब यह कि आपसी दुरभिसंधि से टेंडर मैनेज किए गए हैं। हाल यह है कि तीनोें ही फर्माें ने तीनों ही कामों पर निविदा की दरें भी समान ही डाली हैं।
इनसेट
... और इसलिए खेला जाता है ऐसा खेल
पंचायत राज विभाग के नियम में वित्तीय स्वीकृति के लिए अलग अलग जिम्मेदारों को अधिकार दिए गए हैं। 10 लाख रुपये तक के कार्याें की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति का अधिकार खंड विकास अधिकारी को ही है। 10 लाख या इससे अधिक की लागत वाले कार्याें के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति जिलाधिकारी ही दे सकते हैं। पत्रावली डीएम तक न जाए और चहेतों को काम देने में कोई रोड़ा न अटके इसलिए लागत 10 लाख रुपये से कम कर दी जाती है। इससे पत्रावली डीएम तक जाती नहीं और जिम्मेदार चहेतों को उपकृत करने में कामयाब हो जाते हैं।
इनेसट
फोटो-31-डीएम एमपी सिंह। संवाद
अरे...ये तो एक फाइल है...अभी न जानें कितनी और हों
डीएम मंगला प्रसाद सिंह पूरे मामले पर खासे सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अरे ये तो एक काम की फाइल देखी है। अभी न जाने कितनी और ऐसी ही फाइलें होंगी। शासन की मंशा के अनुरूप काम न करने वालों को छोडूंगा नहीं। मिनी स्टेडियम की फाइल कराने वाले तत्कालीन खंड विकास अधिकारियों की तैनाती स्थल के बारे में जानकारी की जा रही है। यह मामला भी सांडी क्षेत्र पंचायत जैसा है। संबंधित अफसरों से जवाब तलब कर प्रमुख सचिव को स्पेशल ऑडिट के लिए पत्र भी भेजूंगा।एमपी सिंह, डीएम