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Hardoi News: मर्ज है मरीज है, अस्पताल भी है बस डाॅक्टर नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। इन दिनों मच्छर जनित बीमारियों के साथ ही वायरल का प्रकोप भी चरम पर है। मेडिकल काॅलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। इसके ठीक उलट 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय में इलाज की आस में पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अधिकांश चिकित्सकों की कुर्सी खाली नजर आई। कुछ कुर्सियों पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तो मिले, लेकिन डाॅक्टर किसी को नसीब नहीं हुए। ऐसे में यहां आए मरीज बिना दवा लिए ही लौट गए। मुमकिन है कि मजबूरी में इन लोगों ने किसी न किसी झोलाछाप से तात्कालिक इलाज करा लिया हो।
दृश्य- एक
फोटो 14
समय 1:25 बजे
यह तस्वीर 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय ओपीडी के कक्ष संख्या नौ की है। डॉ. श्वेता तिवारी और स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रियंका तिवारी का नाम कक्ष संख्या नौ के बाहर दर्ज है, लेकिन यहां दोनों में से कोई मौजूद नहीं है। आसपास के लोगों से पूछा गया, लेकिन जवाब मिला कि सुबह से दिखी नहीं।
दृश्य - दो
फोटो- 15
समय 1:30 बजे
ओपीडी में आर्थेा विभाग भी है। यहां भी डाॅक्टर की कुर्सी खाली पड़ी मिली। केबिन के बाहर डाॅ. मुरलीधीर और डाॅ. देवर्षि गुप्ता का नाम दर्ज था। जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि डाक्टर मुरलीधर दिव्यांग बोर्ड में ड्यूटी कर रहे हैं, जबकि डा. गुप्ता की ड्यूटी पुलिस लाइन में होने की जानकारी कर्मचारियों ने दी।
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दृश्य- तीन
फोटो- 16
समय 1:35 बजे
100 शैया संयुक्त चिकित्सालय के चेस्ट विभाग के कक्ष के बाहर डॉ. अंजली रावत का नाम दर्ज है। चेस्ट फिजीशियन के तौर पर उनकी तैनाती होने की गवाही यहां लगा बोर्ड दे रहा है। डाक्टर अपनी कुर्सी पर नहीं हैं। मरीज डाॅक्टर के इंतजार में इधर-उधर भटक रहे हैं।
दृश्य चार
फोटो- 17
समय 1:40
100 शैया संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी की दूसरी मंजिल पर भी नजारा कुछ ऐसा ही है। यहां चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के केबिनों में ताला लटकता नजर आ रहा है। कोई भी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं मिला।
मरीजों से बातचीत
- शहर के धर्मशाला रोड निवासी अमित सिंह ने बताया कि वह चेस्ट रोग विभाग में चिकित्सक से परामर्श लेने गए थे। डाॅक्टर की कुर्सी खाली मिली। कई लोगों से डाॅक्टर के बारे में पूछा, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
- पिहानी कोतवाली क्षेत्र के सिरसा गांव निवासी हरिशंकर की पत्नी कंचन दवा लेने के लिए अस्पताल आई थी। सुबह 10 बजे से अस्पताल में है। चार और पांच नंबर कमरा खाली है। कोई डाॅक्टर नहीं है। दो बज गए तब पांच नंबर कमरे में एक डाॅक्टर आए, लेकिन वह भी कुछ बताए नहीं।
वर्जन
मेरी आंख का ऑपरेशन हुआ है। मेडिकल पर हूं। ओपीडी में डाॅक्टर के ड्यूटी न करने की जानकारी नहीं है। किसी ने शिकायत भी नहीं की। अब पता चला है तो जानकारी करेंगे।
डॉ. मनोज श्रीवास्तव, सीएमएस
100 शैया संयुक्त चिकित्सालय
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हरदोई। इन दिनों मच्छर जनित बीमारियों के साथ ही वायरल का प्रकोप भी चरम पर है। मेडिकल काॅलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। इसके ठीक उलट 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय में इलाज की आस में पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अधिकांश चिकित्सकों की कुर्सी खाली नजर आई। कुछ कुर्सियों पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तो मिले, लेकिन डाॅक्टर किसी को नसीब नहीं हुए। ऐसे में यहां आए मरीज बिना दवा लिए ही लौट गए। मुमकिन है कि मजबूरी में इन लोगों ने किसी न किसी झोलाछाप से तात्कालिक इलाज करा लिया हो।
दृश्य- एक
फोटो 14
समय 1:25 बजे
यह तस्वीर 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय ओपीडी के कक्ष संख्या नौ की है। डॉ. श्वेता तिवारी और स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रियंका तिवारी का नाम कक्ष संख्या नौ के बाहर दर्ज है, लेकिन यहां दोनों में से कोई मौजूद नहीं है। आसपास के लोगों से पूछा गया, लेकिन जवाब मिला कि सुबह से दिखी नहीं।
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दृश्य - दो
फोटो- 15
समय 1:30 बजे
ओपीडी में आर्थेा विभाग भी है। यहां भी डाॅक्टर की कुर्सी खाली पड़ी मिली। केबिन के बाहर डाॅ. मुरलीधीर और डाॅ. देवर्षि गुप्ता का नाम दर्ज था। जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि डाक्टर मुरलीधर दिव्यांग बोर्ड में ड्यूटी कर रहे हैं, जबकि डा. गुप्ता की ड्यूटी पुलिस लाइन में होने की जानकारी कर्मचारियों ने दी।
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दृश्य- तीन
फोटो- 16
समय 1:35 बजे
100 शैया संयुक्त चिकित्सालय के चेस्ट विभाग के कक्ष के बाहर डॉ. अंजली रावत का नाम दर्ज है। चेस्ट फिजीशियन के तौर पर उनकी तैनाती होने की गवाही यहां लगा बोर्ड दे रहा है। डाक्टर अपनी कुर्सी पर नहीं हैं। मरीज डाॅक्टर के इंतजार में इधर-उधर भटक रहे हैं।
दृश्य चार
फोटो- 17
समय 1:40
100 शैया संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी की दूसरी मंजिल पर भी नजारा कुछ ऐसा ही है। यहां चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के केबिनों में ताला लटकता नजर आ रहा है। कोई भी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं मिला।
मरीजों से बातचीत
- शहर के धर्मशाला रोड निवासी अमित सिंह ने बताया कि वह चेस्ट रोग विभाग में चिकित्सक से परामर्श लेने गए थे। डाॅक्टर की कुर्सी खाली मिली। कई लोगों से डाॅक्टर के बारे में पूछा, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
- पिहानी कोतवाली क्षेत्र के सिरसा गांव निवासी हरिशंकर की पत्नी कंचन दवा लेने के लिए अस्पताल आई थी। सुबह 10 बजे से अस्पताल में है। चार और पांच नंबर कमरा खाली है। कोई डाॅक्टर नहीं है। दो बज गए तब पांच नंबर कमरे में एक डाॅक्टर आए, लेकिन वह भी कुछ बताए नहीं।
वर्जन
मेरी आंख का ऑपरेशन हुआ है। मेडिकल पर हूं। ओपीडी में डाॅक्टर के ड्यूटी न करने की जानकारी नहीं है। किसी ने शिकायत भी नहीं की। अब पता चला है तो जानकारी करेंगे।
डॉ. मनोज श्रीवास्तव, सीएमएस
100 शैया संयुक्त चिकित्सालय