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हरदोई में फिर दिखा बाघ
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Mon, 15 Feb 2016 01:10 AM IST
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पिहानी इलाके में बाघ ने फिर दस्तक दी है। इससे लोगों में दहशत है। वन विभाग की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए रविवार को कांबिंग की, पर सफलता नहीं मिली। टीम प्रभारी ने पंजों के निशान देखकर कहा-यह बाघ हो सकता है।
अंबारी गांव के गंगाराम के बेटे ने रविवार को प्रधान नन्हें सिंह के गन्ने के खेत मेें बाघ को देखा। उसने ईंट भट्ठे पर काम कर रहे पिता को इसक ी जानकारी दी। कुछ ही देर में बाघ की आमद ही खबर गांव में फैल गई। लोग उसकी खोजबीन में जुट गए। इस बीच उन्हें नम मिट्टी पर भारी पंजों के निशान दिखे। इन निशानों की शिनाख्त बाघ के पंजों के रूप में की गई।
सूचना पर वन विभाग के बीट प्रभारी बृजराज वर्मा के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची। टीम ने नन्हें सिंह के खेत को घेर कर कांबिंग शुरू की, पर बाघ नजर नहीं आया। गांव के लोगों को चेताया गया है कि अकेले घरों से न निकलें, न ही जानवरों को खुले में बांधें। वन विभाग की टीम गांव के लोगाें के साथ बाघ की तलाश कर रही है। डर के चलते शाम ढलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। लोग दल बनाकर खेतों की ओर आवाजाही कर रहे हैं। रात तक बाघ की लोकेशन पता नहीं लग पाई थी।
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अंबारी गांव के गंगाराम के बेटे ने रविवार को प्रधान नन्हें सिंह के गन्ने के खेत मेें बाघ को देखा। उसने ईंट भट्ठे पर काम कर रहे पिता को इसक ी जानकारी दी। कुछ ही देर में बाघ की आमद ही खबर गांव में फैल गई। लोग उसकी खोजबीन में जुट गए। इस बीच उन्हें नम मिट्टी पर भारी पंजों के निशान दिखे। इन निशानों की शिनाख्त बाघ के पंजों के रूप में की गई।
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सूचना पर वन विभाग के बीट प्रभारी बृजराज वर्मा के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची। टीम ने नन्हें सिंह के खेत को घेर कर कांबिंग शुरू की, पर बाघ नजर नहीं आया। गांव के लोगों को चेताया गया है कि अकेले घरों से न निकलें, न ही जानवरों को खुले में बांधें। वन विभाग की टीम गांव के लोगाें के साथ बाघ की तलाश कर रही है। डर के चलते शाम ढलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। लोग दल बनाकर खेतों की ओर आवाजाही कर रहे हैं। रात तक बाघ की लोकेशन पता नहीं लग पाई थी।
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