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Hardoi News: बैराजों के पानी ने कटरी-कटियारी क्षेत्र के बच्चों की ठप की शिक्षा व्यवस्था
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदाेई। पहाड़ों पर होने वाले बारिश और बैराजों के पानी ने यहां के कटरी-कटियारी क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है। मंगलवार को तीसरे दिन गंगा नदी का पानी खतरे 137.10 मीटर से 30 सेंटीमीटर (सेमी.) ऊपर 137.40 मीटर पर ही बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में 10 सेमी. की कमी और गर्रा नदी के पानी में 10 सेमी. की बढ़ोतरी हुई है। गंगा, रामगंगा, गर्रा नदियों के पानी से कटियारी क्षेत्र की नीलम व गंभीरी नदी में पानी बढ़ने से कटरी-कटियारी क्षेत्र के 28 स्कूलों को बंद करा दिए जाने से क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था ठप हो गई है। घरों व गांवों में पानी भरा होने से लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं हैं।
बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी के पानी में कमी और बढ़ोतरी न हुई हो लेकिन, प्रवाह तेज होने के कारण प्रभावित गांवों में निर्माण कार्यों को नुकसान पहुंचने लगा है। क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव में पानी भरा हुआ है। कई रास्तों पर पानी बढ़ने से आवागमन बाधित हुआ है। लोगों काे आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। मवेशियों के लिए चारा-भूसा का संकट बढ़ने लगा है। म्योरा मोड़ के आगे से मेहंदी घाट तक पूरी आबादी कहीं अधिक तो कहीं कम बाढ़ के पानी से प्रभावित हो रही है। बाढ़ के कारण कटियारी क्षेत्र के 45 गांवों की बिजली चौथे दिन भी ठप रही। खेतों में पानी कई दिनों से भरा होने के कारण फसलों को भी नुकसान पहुंचने लगा है।
सवायजपुर क्षेत्र के बेहटा मुड़िया, चंद्रमपुर, श्रीमऊ व चौसार आदि गांव पूरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा नदी के पानी से बिलग्राम क्षेत्र के कटरी परसोला का मजरा मक्कूपुरवा, रामेश्वरपुरवा, घासीराम पुरवा, कटरी बिछुइया का चिरंजीपुरवा, तेरवाकुल्ली का गुलाबपुरवा व देवीपुरवा, शाहपुरपवार का हरीगंज, हीरापुरवा, लुकैयापुरवा, कटरी छिबरामऊ का मोहनपुरवा, सुनारीपुरवा गांव पूरी तरह से पानी से घिरे हुए हैं। कई दिनों से पानी घरों में भरा हुआ है। मल्लावां क्षेत्र बक्शीपुर के लोगों ने मेहंदीघाट मार्ग के किनारे पन्नी आदि लगाकर अस्थाई रूप से बसेरा बना लिया है।
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कटरी क्षेत्र में गांवों व रास्तों पर पानी भरा होने से लोगों को आवागमन के लिए नावों का प्रयोग करना पड़ रहा है। एसडीएम संजीव ओझा ने बताया कि भोजन पैकेटों के साथ ही सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि प्रभावित परिवारों को राजस्व टीमों के माध्यम से हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। दवाओं आदि का भी वितरण कराया जा रहा है।
सोलर लाइट व मोमबत्ती बनी सहारा
बाढ़ के कारण बिजली आपूर्ति ठप होने से प्रभावित गांवों के लोगों रात में रोशनी के लिए मोमबत्ती व सोलर लाइटों का ही सहारा बचा है। कीड़े-मकोड़ों से बचने के लिए गांव के लोग सोलर लाइट की रोशनी में एक जगह पर एकत्र होकर रात बिता रहे हैं।
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बैराजों से गंगा व रामगंगा नदी में 2.71 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
मंगलवार को भी बैराजों से गंगा व रामगंगा नदी में 2,71,752 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गंगा नदी में हरिद्वार से 1,05,390 बिजनौर से 60,419 व नरौरा से 91,851 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी में खो बैराज से 10,343, हरेबली से 270 व रामनगर बैराज से 3,479 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी का पानी 10 सेमी. कम होकर 136.40 मीटर आ गया है। गर्रा नदी का पानी 10 सेमी. बढ़कर 144.90 मीटर पर पहुंच गया है।
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हरदाेई। पहाड़ों पर होने वाले बारिश और बैराजों के पानी ने यहां के कटरी-कटियारी क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है। मंगलवार को तीसरे दिन गंगा नदी का पानी खतरे 137.10 मीटर से 30 सेंटीमीटर (सेमी.) ऊपर 137.40 मीटर पर ही बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में 10 सेमी. की कमी और गर्रा नदी के पानी में 10 सेमी. की बढ़ोतरी हुई है। गंगा, रामगंगा, गर्रा नदियों के पानी से कटियारी क्षेत्र की नीलम व गंभीरी नदी में पानी बढ़ने से कटरी-कटियारी क्षेत्र के 28 स्कूलों को बंद करा दिए जाने से क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था ठप हो गई है। घरों व गांवों में पानी भरा होने से लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं हैं।
बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी के पानी में कमी और बढ़ोतरी न हुई हो लेकिन, प्रवाह तेज होने के कारण प्रभावित गांवों में निर्माण कार्यों को नुकसान पहुंचने लगा है। क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव में पानी भरा हुआ है। कई रास्तों पर पानी बढ़ने से आवागमन बाधित हुआ है। लोगों काे आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। मवेशियों के लिए चारा-भूसा का संकट बढ़ने लगा है। म्योरा मोड़ के आगे से मेहंदी घाट तक पूरी आबादी कहीं अधिक तो कहीं कम बाढ़ के पानी से प्रभावित हो रही है। बाढ़ के कारण कटियारी क्षेत्र के 45 गांवों की बिजली चौथे दिन भी ठप रही। खेतों में पानी कई दिनों से भरा होने के कारण फसलों को भी नुकसान पहुंचने लगा है।
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सवायजपुर क्षेत्र के बेहटा मुड़िया, चंद्रमपुर, श्रीमऊ व चौसार आदि गांव पूरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा नदी के पानी से बिलग्राम क्षेत्र के कटरी परसोला का मजरा मक्कूपुरवा, रामेश्वरपुरवा, घासीराम पुरवा, कटरी बिछुइया का चिरंजीपुरवा, तेरवाकुल्ली का गुलाबपुरवा व देवीपुरवा, शाहपुरपवार का हरीगंज, हीरापुरवा, लुकैयापुरवा, कटरी छिबरामऊ का मोहनपुरवा, सुनारीपुरवा गांव पूरी तरह से पानी से घिरे हुए हैं। कई दिनों से पानी घरों में भरा हुआ है। मल्लावां क्षेत्र बक्शीपुर के लोगों ने मेहंदीघाट मार्ग के किनारे पन्नी आदि लगाकर अस्थाई रूप से बसेरा बना लिया है।
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कटरी क्षेत्र में गांवों व रास्तों पर पानी भरा होने से लोगों को आवागमन के लिए नावों का प्रयोग करना पड़ रहा है। एसडीएम संजीव ओझा ने बताया कि भोजन पैकेटों के साथ ही सामग्री का वितरण कराया जा रहा है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि प्रभावित परिवारों को राजस्व टीमों के माध्यम से हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। दवाओं आदि का भी वितरण कराया जा रहा है।
सोलर लाइट व मोमबत्ती बनी सहारा
बाढ़ के कारण बिजली आपूर्ति ठप होने से प्रभावित गांवों के लोगों रात में रोशनी के लिए मोमबत्ती व सोलर लाइटों का ही सहारा बचा है। कीड़े-मकोड़ों से बचने के लिए गांव के लोग सोलर लाइट की रोशनी में एक जगह पर एकत्र होकर रात बिता रहे हैं।
बैराजों से गंगा व रामगंगा नदी में 2.71 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
मंगलवार को भी बैराजों से गंगा व रामगंगा नदी में 2,71,752 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गंगा नदी में हरिद्वार से 1,05,390 बिजनौर से 60,419 व नरौरा से 91,851 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी में खो बैराज से 10,343, हरेबली से 270 व रामनगर बैराज से 3,479 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी का पानी 10 सेमी. कम होकर 136.40 मीटर आ गया है। गर्रा नदी का पानी 10 सेमी. बढ़कर 144.90 मीटर पर पहुंच गया है।