{"_id":"67b618b21c5a4cd5b704e0ec","slug":"the-wait-is-over-the-newlyweds-who-left-the-government-courtyard-will-now-have-their-bags-filled-with-shagun-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-127081-2025-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: इंतजार खत्म...सरकार के आंगने से विदा हुईं नवविवाहिताओं की अब शगुन से भरेगी झोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: इंतजार खत्म...सरकार के आंगने से विदा हुईं नवविवाहिताओं की अब शगुन से भरेगी झोली
Wed, 19 Feb 2025 11:15 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Wed, 19 Feb 2025 11:15 PM IST
विज्ञापन
नोट : इंपैक्ट का लोगो लगा दें
फोटो-28-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुए आयोजन की फोटो। आर्काइव
फोटो-29- 24 जनवरी के अंक में प्रकाशित खबर।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मामला, 412 नवविवाहिताओं के लिए कम था बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शहनाई और कुरान की आयतों के बीच सरकार के आंगन से विदा हुईं नवविवाहिताओं के लिए अच्छी खबर है। सरकार की ओर से नवविवाहिताओं काे दिए जाने वाले शगुन का इंतजार अब खत्म होने को है।
शासन ने 870 नवविवाहिताओं के बैंक खातों में 35-35 हजार रुपये भेजने के लिए बजट जारी कर दिया है। विवाह अनुदान स्वीकृति समिति से औपचारिकता पूरी होते ही बजट नवविवाहिताओं के बैंक खातों में पहुंच जाएगा।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की गिनती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली योजनाओं में की जाती है। उक्त योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे दुल्हन के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये से उपहार दिए जाते हैं।
विज्ञापन
इन उपहारों में साड़ी, पेटीकोट, चुनरी, पैंट शर्ट का कपडृ़ा, फेटा, चांदी की बिछिया, पायल, स्टील डिनरसेट, प्रेशर कुकर, ट्राली बैग, कंबल आदि शामिल होता है। छह हजार रुपये प्रत्येक जोड़े के विवाह पर खर्च होते हैं। इसमें खाने से लेकर अन्य तैयारियां तक शामिल होती हैं। जनपद में चालू वित्तीय वर्ष के तहत 1928 जोड़ाें का विवाह कराए जाने का लक्ष्य शासन ने दिया था।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने इस योजना के पात्रों को खोजने को लेकर सख्त रुख अपना रखा है। इसका नतीजा यह हुआ कि 1928 के सापेक्ष 2340 पात्र जोड़े इस योजना के लिए खोज लिए गए। अलग अलग स्थानों पर हुए वृहद आयोजनों में शादी और निकाह कराए गए। लक्ष्य से ज्यादा शादी कराए जाने के कारण बजट कम पड़ गया।
नवविवाहिताओं के बैंक खातों में सरकार की ओर से बतौर शगुन दिए जाने वाले 35-35 हजार रुपये नहीं पहुंचे थे। इस पर अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शासन को पत्र भेजकर बजट देने की मांग की थी। राहत भरी खबर यह है कि 2.10 करोड़ लाख रुपये शासन ने जारी कर दिए हैं। 2.11 करोड़ रुपये विभाग के पास पहले से ही थे। इस तरह 870 नवविवाहिताओं के बैंक खातों में शगुन की राशि जारी करने का रास्ता साफ हो गया है।
वर्जन
शासन से बजट मिल गया है। पत्रावली तैयार कर ली है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली विवाह अनुदान स्वीकृति समिति से अनुमोदन मिलते ही 870 नवविवाहिताओं के बैंक खातों में बजट भेज दिया जाएगा।-रमाकांत, जिला समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
फोटो-28-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुए आयोजन की फोटो। आर्काइव
फोटो-29- 24 जनवरी के अंक में प्रकाशित खबर।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मामला, 412 नवविवाहिताओं के लिए कम था बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शहनाई और कुरान की आयतों के बीच सरकार के आंगन से विदा हुईं नवविवाहिताओं के लिए अच्छी खबर है। सरकार की ओर से नवविवाहिताओं काे दिए जाने वाले शगुन का इंतजार अब खत्म होने को है।
शासन ने 870 नवविवाहिताओं के बैंक खातों में 35-35 हजार रुपये भेजने के लिए बजट जारी कर दिया है। विवाह अनुदान स्वीकृति समिति से औपचारिकता पूरी होते ही बजट नवविवाहिताओं के बैंक खातों में पहुंच जाएगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की गिनती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली योजनाओं में की जाती है। उक्त योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे दुल्हन के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये से उपहार दिए जाते हैं।
विज्ञापन
इन उपहारों में साड़ी, पेटीकोट, चुनरी, पैंट शर्ट का कपडृ़ा, फेटा, चांदी की बिछिया, पायल, स्टील डिनरसेट, प्रेशर कुकर, ट्राली बैग, कंबल आदि शामिल होता है। छह हजार रुपये प्रत्येक जोड़े के विवाह पर खर्च होते हैं। इसमें खाने से लेकर अन्य तैयारियां तक शामिल होती हैं। जनपद में चालू वित्तीय वर्ष के तहत 1928 जोड़ाें का विवाह कराए जाने का लक्ष्य शासन ने दिया था।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने इस योजना के पात्रों को खोजने को लेकर सख्त रुख अपना रखा है। इसका नतीजा यह हुआ कि 1928 के सापेक्ष 2340 पात्र जोड़े इस योजना के लिए खोज लिए गए। अलग अलग स्थानों पर हुए वृहद आयोजनों में शादी और निकाह कराए गए। लक्ष्य से ज्यादा शादी कराए जाने के कारण बजट कम पड़ गया।
नवविवाहिताओं के बैंक खातों में सरकार की ओर से बतौर शगुन दिए जाने वाले 35-35 हजार रुपये नहीं पहुंचे थे। इस पर अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शासन को पत्र भेजकर बजट देने की मांग की थी। राहत भरी खबर यह है कि 2.10 करोड़ लाख रुपये शासन ने जारी कर दिए हैं। 2.11 करोड़ रुपये विभाग के पास पहले से ही थे। इस तरह 870 नवविवाहिताओं के बैंक खातों में शगुन की राशि जारी करने का रास्ता साफ हो गया है।
वर्जन
शासन से बजट मिल गया है। पत्रावली तैयार कर ली है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली विवाह अनुदान स्वीकृति समिति से अनुमोदन मिलते ही 870 नवविवाहिताओं के बैंक खातों में बजट भेज दिया जाएगा।-रमाकांत, जिला समाज कल्याण अधिकारी